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मौत की गुत्थी सुलझाने को कब्र में तलाशी जा रही महिला की लाश-Ghaziabad city
Updated Wed, 28 Mar 2018 05:43 PM IST
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मौत की गुत्थी सुलझाने को कब्र में तलाशी जा रही महिला की लाश
मसूरी। करीब साढ़े चार माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हुई महिला की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए दो जिलों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कब्र में मृतका की लाश तलाश रहे हैं। नोएडा और गाजियाबाद के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मंगलवार को मृतका के परिजनों को लेकर मसूरी के कब्रिस्तान पहुंचे। कब्र की पहचान न हो पाने से महिला का शव नहीं मिल सका। इससे पहले 23 फरवरी को भी कब्र की पहचान न होने से वह बैरंग लौट गए थे।
शाह जमालपुर किठौर मेरठ निवासी सनीस अहमद की बेटी गुलशन उर्फ भूरी की शादी मसूरी निवासी फखरुद्दीन से हुई थी। वह पति के साथ गौतमबुद्धनगर के नया गांव में फ्लैट में रहती थी। परिजनों के मुताबिक 22 अक्तूबर 2017 को भूरी की मौत हो गई थी। ससुराल वालों ने बताया कि गर्भपात होने के कारण पेट में इंफेक्शन हो जाने की वजह से मौत हो गई थी। गुलशन को मसूरी कब्रिस्तान में दफनाया गया था। एक महीना बाद मायके वालों ने 22 नवंबर को नोएडा फेज-2 थाने में दहेज हत्या के आरोप में पति समेत पांच लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई। मायके वालों की शिकायत पर गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने डीएम गाजियाबाद से संपर्क किया और शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की बात कही। डीएम से अनुमति मिलने के बाद बीते माह 23 फरवरी को गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद के प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी कब्र से गुलशन का शव निकलवाने मसूरी कब्रिस्तान पहुंचे थे, लेकिन मायके वाले कब्र की पहचान नहीं कर पाए। मंगलवार को दोबारा नोएडा के तीन सब इंस्पेक्टर केपी सिंह, चंद्रकांत शर्मा, जितेंद्र त्रिपाठी, एसीएम संजय बंसल, सीओ सदर राजकुमार पांडेय और नायब तहसीलदार नीरज कुमार द्विवेदी कब्र से शव को निकलवाने मृतका के मायके वालों के साथ मसूरी पहुंचे। मंगलवार को भी उसके परिजन कब्र की पहचान नहीं कर सके। मृतका के भाई सलमुद्दीन, फरीद और पिता सनीस अहमद का आरोप है कि ससुराल वालों ने सभी कब्र पर ताजी मिट्टी डालकर पहचान मिटा दी है। कई घंटों की मशक्कत के बावजूद कब्र की पहचान न होने पर अधिकारी बैरंग लौट गए।
बयान...
गुलशन के मायके वालों की शिकायत पर कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन कब्र की पहचान न हो पाने की वजह से शव बरामद नहीं हो सका। - राजकुमार पांडेय, सीओ सदर
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मसूरी। करीब साढ़े चार माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हुई महिला की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए दो जिलों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कब्र में मृतका की लाश तलाश रहे हैं। नोएडा और गाजियाबाद के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मंगलवार को मृतका के परिजनों को लेकर मसूरी के कब्रिस्तान पहुंचे। कब्र की पहचान न हो पाने से महिला का शव नहीं मिल सका। इससे पहले 23 फरवरी को भी कब्र की पहचान न होने से वह बैरंग लौट गए थे।
शाह जमालपुर किठौर मेरठ निवासी सनीस अहमद की बेटी गुलशन उर्फ भूरी की शादी मसूरी निवासी फखरुद्दीन से हुई थी। वह पति के साथ गौतमबुद्धनगर के नया गांव में फ्लैट में रहती थी। परिजनों के मुताबिक 22 अक्तूबर 2017 को भूरी की मौत हो गई थी। ससुराल वालों ने बताया कि गर्भपात होने के कारण पेट में इंफेक्शन हो जाने की वजह से मौत हो गई थी। गुलशन को मसूरी कब्रिस्तान में दफनाया गया था। एक महीना बाद मायके वालों ने 22 नवंबर को नोएडा फेज-2 थाने में दहेज हत्या के आरोप में पति समेत पांच लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई। मायके वालों की शिकायत पर गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने डीएम गाजियाबाद से संपर्क किया और शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की बात कही। डीएम से अनुमति मिलने के बाद बीते माह 23 फरवरी को गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद के प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी कब्र से गुलशन का शव निकलवाने मसूरी कब्रिस्तान पहुंचे थे, लेकिन मायके वाले कब्र की पहचान नहीं कर पाए। मंगलवार को दोबारा नोएडा के तीन सब इंस्पेक्टर केपी सिंह, चंद्रकांत शर्मा, जितेंद्र त्रिपाठी, एसीएम संजय बंसल, सीओ सदर राजकुमार पांडेय और नायब तहसीलदार नीरज कुमार द्विवेदी कब्र से शव को निकलवाने मृतका के मायके वालों के साथ मसूरी पहुंचे। मंगलवार को भी उसके परिजन कब्र की पहचान नहीं कर सके। मृतका के भाई सलमुद्दीन, फरीद और पिता सनीस अहमद का आरोप है कि ससुराल वालों ने सभी कब्र पर ताजी मिट्टी डालकर पहचान मिटा दी है। कई घंटों की मशक्कत के बावजूद कब्र की पहचान न होने पर अधिकारी बैरंग लौट गए।
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बयान...
गुलशन के मायके वालों की शिकायत पर कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन कब्र की पहचान न हो पाने की वजह से शव बरामद नहीं हो सका। - राजकुमार पांडेय, सीओ सदर
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