{"_id":"5c783662bdec22736a76a7a7","slug":"21551382114-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखे से हस्ताक्षर कराकर पूर्व सैनिक से 50 हजार रुपये ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धोखे से हस्ताक्षर कराकर पूर्व सैनिक से 50 हजार रुपये ठगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धोखे से हस्ताक्षर कराकर पूर्व सैनिक से 50 हजार ठगे
गाजियाबाद। बैंक के एक कर्मचारी ने पूर्व सैनिक से धोखे से हस्ताक्षर कराकर 50 हजार रुपये ठग लिए। पूर्व सैनिक का आरोप है कि बैंक के पेंशन विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने उन्हें एक लुभावनी पॉलिसी के बारे में बताया था और उनसे धोखे से विड्रॉल (नकद निकासी) फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिए। उनके बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित पूर्व सैनिक ने बैंक और पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रकम वापस नहीं मिली। अब वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने और एसएसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
शाहपुर बम्हैटा क्षेत्र की समतल कॉलोनी निवासी प्रमोद पाराशर सेना में नायब सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं। बीते साल सात मई को वह सरकारी बैंक की गांधीनगर स्थित शाखा में पेंशन के काम से गए थे। उनका कहना है कि यहां पेंशन विभाग के एक कर्मचारी ने उनसे एक इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की बात कही। उनकी सहमति जताने पर कर्मचारी ने उनसे विड्रॉल फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिए। तीन माह बाद उन्होंने पासबुक अपडेट कराई तो पता चला कि उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई गई है। जांच में खाताधारक द्वारा ही रकम निकालने की पुष्टि हुई है। वहीं अब पीड़ित पूर्व सैनिक सिहानी गेट थाने और एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
गाजियाबाद। बैंक के एक कर्मचारी ने पूर्व सैनिक से धोखे से हस्ताक्षर कराकर 50 हजार रुपये ठग लिए। पूर्व सैनिक का आरोप है कि बैंक के पेंशन विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने उन्हें एक लुभावनी पॉलिसी के बारे में बताया था और उनसे धोखे से विड्रॉल (नकद निकासी) फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिए। उनके बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित पूर्व सैनिक ने बैंक और पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी रकम वापस नहीं मिली। अब वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने और एसएसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
शाहपुर बम्हैटा क्षेत्र की समतल कॉलोनी निवासी प्रमोद पाराशर सेना में नायब सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं। बीते साल सात मई को वह सरकारी बैंक की गांधीनगर स्थित शाखा में पेंशन के काम से गए थे। उनका कहना है कि यहां पेंशन विभाग के एक कर्मचारी ने उनसे एक इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की बात कही। उनकी सहमति जताने पर कर्मचारी ने उनसे विड्रॉल फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिए। तीन माह बाद उन्होंने पासबुक अपडेट कराई तो पता चला कि उनके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई गई है। जांच में खाताधारक द्वारा ही रकम निकालने की पुष्टि हुई है। वहीं अब पीड़ित पूर्व सैनिक सिहानी गेट थाने और एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन