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ट्रेनों में अब पुलिसकर्मी एक दूसरे पर रखेंगे निगरानी
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ट्रेनों में अब पुलिसकर्मी एक-दूसरे पर रखेंगे निगरानी
गाजियाबाद। ट्रेनों में चलने वाली पुलिस एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मी अब ड्यूटी से नदारद या एक ही कोच में नहीं बैठ सकेंगे। उन्हें हर स्टेशन पर अपनी पूर्व निर्धारित लोकेशन पर तैनात रहना होगा। प्रत्येक स्टेशन पर उन्हें अपनी लोकेशन प्लेटफार्म पर तैनात स्टाफ को दर्ज करानी होगी और उनकी लोकेशन अपने रजिस्टर में दर्ज करेंगे। यह व्यवस्था करीब 20 ट्रेनों में शुरू कर दी गई है। जल्द ही इस व्यवस्था को अन्य ट्रेनों में भी लागू करने की योजना है।
जीआरपी प्रभारी विनय कुमार शर्मा ने बताया कि एडीजी रेलवे के आदेश पर यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। ट्रेनों में एस्कार्ट में तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के ड्यूटी में लापरवाही की शिकायतें लगातार मिलने की वजह से नई व्यवस्था को लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि अक्सर एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगते हैं कि वह किसी एक कोच में जाकर बैठ जाते हैं और ट्रेनों में गश्त कर निगरानी नहीं करते। इसके बाद अब एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरे सफर के दौरान अलग-अलग कोच में रहना होगा। मसलन पहले तीन स्टेशन तक उन्हें जनरल कोच में, अगले तीन स्टेशन तक स्लीपर कोच में, इसके बाद एसी कोच में और फिर अगले जनरल कोच में रहना होगा। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी शुरू करने से पहले ही पूर्व निर्धारित शेड्यूल दे दिया जाता है। वह अपनी लोकेशन पर रहे, इसके लिए प्लेटफार्म पर तैनात स्टाफ से क्रास चेकिंग कराई जा रही है। हर स्टेशन पर तैनात जीआरपी स्टाफ ट्रेनों में तैनात एस्कार्ट की लोकेशन दर्ज कर उनसे हस्ताक्षर कराएंगे और एक टोकन देंगे। वहीं एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मी प्लेटफार्म वाले पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रजिस्टर में दर्ज कर टोकन देंगे। इसका ब्योरा हर सप्ताह पुलिस अधीक्षक रेलवे के कार्यालय में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका मकसद ट्रेनों में पुलिसकर्मियों के मूवमेंट को बढ़ाना और प्रभावी ड्यूटी कराना है। यात्रियों को भी यह पता होगा कि किस लोकेशन पर एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मी कहां पर मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर वह उनसे मदद भी ले सकेंगे।
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गाजियाबाद। ट्रेनों में चलने वाली पुलिस एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मी अब ड्यूटी से नदारद या एक ही कोच में नहीं बैठ सकेंगे। उन्हें हर स्टेशन पर अपनी पूर्व निर्धारित लोकेशन पर तैनात रहना होगा। प्रत्येक स्टेशन पर उन्हें अपनी लोकेशन प्लेटफार्म पर तैनात स्टाफ को दर्ज करानी होगी और उनकी लोकेशन अपने रजिस्टर में दर्ज करेंगे। यह व्यवस्था करीब 20 ट्रेनों में शुरू कर दी गई है। जल्द ही इस व्यवस्था को अन्य ट्रेनों में भी लागू करने की योजना है।
जीआरपी प्रभारी विनय कुमार शर्मा ने बताया कि एडीजी रेलवे के आदेश पर यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। ट्रेनों में एस्कार्ट में तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के ड्यूटी में लापरवाही की शिकायतें लगातार मिलने की वजह से नई व्यवस्था को लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि अक्सर एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगते हैं कि वह किसी एक कोच में जाकर बैठ जाते हैं और ट्रेनों में गश्त कर निगरानी नहीं करते। इसके बाद अब एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरे सफर के दौरान अलग-अलग कोच में रहना होगा। मसलन पहले तीन स्टेशन तक उन्हें जनरल कोच में, अगले तीन स्टेशन तक स्लीपर कोच में, इसके बाद एसी कोच में और फिर अगले जनरल कोच में रहना होगा। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी शुरू करने से पहले ही पूर्व निर्धारित शेड्यूल दे दिया जाता है। वह अपनी लोकेशन पर रहे, इसके लिए प्लेटफार्म पर तैनात स्टाफ से क्रास चेकिंग कराई जा रही है। हर स्टेशन पर तैनात जीआरपी स्टाफ ट्रेनों में तैनात एस्कार्ट की लोकेशन दर्ज कर उनसे हस्ताक्षर कराएंगे और एक टोकन देंगे। वहीं एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मी प्लेटफार्म वाले पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रजिस्टर में दर्ज कर टोकन देंगे। इसका ब्योरा हर सप्ताह पुलिस अधीक्षक रेलवे के कार्यालय में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका मकसद ट्रेनों में पुलिसकर्मियों के मूवमेंट को बढ़ाना और प्रभावी ड्यूटी कराना है। यात्रियों को भी यह पता होगा कि किस लोकेशन पर एस्कार्ट में तैनात पुलिसकर्मी कहां पर मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर वह उनसे मदद भी ले सकेंगे।
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