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मेडिकल कालेज संचालक ने सरेंडर किए साढ़े सात करोड़ रुपये

Fri, 18 Jan 2019 11:55 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 18 Jan 2019 11:55 PM IST
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मेडिकल कालेज संचालक ने सरेंडर किए साढ़े सात करोड़ रुपये
आयकर विभाग की छापेमारी मेरठ में - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद। आयकर विभाग ने 36 घंटे से अधिक की कार्रवाई के बाद मेडिकल कालेज संचालक गंगा शरण शर्मा से साढ़े सात करोड़ रुपये सरेंडर कराए हैं। पिलखुवा व गाजियाबाद स्थित ठिकानों से 30 लाख से अधिक की नगदी व चार किलो सोना भी जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि गंगा शरण व उनके ट्रस्ट संचालकों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने रिटर्न भरने में गड़बड़ी कर टैक्स चोरी की। उधर, मौके से जब्त किए गए कागजातों के आधार पर आगे की जांच जारी है।

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सूत्रों का कहना है कि सैलरी के नाम पर खर्च दिखाई जा रही धनराशि में आयकर विभाग को भारी खेल मिला है। श्री जयपाल सिंह शर्मा ट्रस्ट की तरफ से पिलखुवा में संचालित जीएस मेडिकल कालेज व हॉस्पिटल, बांके बिहारी डेंटल कालेज में चिकित्सकों की तैनाती दिखाकर खेल किया गया। 150 से अधिक लोगों को फैकल्टी दिखा और उनके नाम से बैंक खाते खुले गए। फिर उनके खातों में सालाना सात से 15 लाख रुपये की धनराशि बतौर पगार के तौर पर भेजी गई।
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फिर इन्हीं खातों के संचालन कर्ताओं ने वहीं धनराशि वापस ट्रस्ट को चेक के माध्यम से दान कर दी। बीते तीन वर्षों के दौरान 21 करोड़ यानी प्रतिवर्ष करीब सात करोड़ रुपये की धनराशि ट्रस्ट के खाते में दान के तौर पर वापस आई। सूत्रों का कहना है कि बृहस्पतिवार को छापे के बाद ही आयकर अधिकारियों ने मेडिकल कालेज से जुड़े अंकित शर्मा से कहा था कि वो सभी फैकल्टी मेंबर को बुला लें।
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ट्रस्ट की तरफ से जितने भी फैकल्टी मेंबर को सैलरी दी जा रही है उन सभी का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, लेकिन शुक्रवार शाम तक 150 से अधिक फैकल्टी को टीम के सामने पेश नहीं कर पाए। जबकि इन सभी के नाम पर सैलरी खाते में भेजा जा रही थी। शाम को ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने स्वीकार किया कि उनकी तरफ से टैक्स चोरी की गई है। इसके बाद आंकलन शुरू हुआ तो साढ़े सात करोड़ रुपये सरेंडर करने को तैयार हो गए।


अभी आगे जारी रहेगी संपत्ति की जांच
आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी। क्योंकि ट्रस्ट व व्यक्तिगत नामों पर बड़ी संपत्तियां खरीदी गई है, जिनके कागजात छापेमारी के दौरान मिले है। सूत्रों का कहना है कि गंगाशरण शर्मा के गाजियाबाद स्थित कवि नगर के आवास से कई सौ करोड़ की संपत्तियों के कागजात मिले हैं। अब आने वाले दिनों में इनकी जांच की जाएगी कि संपत्ति की खरीद किन स्त्रोतों से की गई।

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