{"_id":"5d015e78bdec220700635a33","slug":"156037079816-shahibabad-news63","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ लाख की ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख की ठगी
साहिबाबाद। कुवैत में गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर इंदिरापुरम की एक फ्रॉड कंपनी ने उड़ीसा में रहने वाले चार दोस्तों से करीब डेढ़ लाख रुपये ठग लिए।
जानकारी के अनुसार उड़ीसा के खुर्दा जिले में रहने वाला विश्वरंजन महापात्र बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात था। उसने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले नौकरी छूट गई थी। अप्रैल में उसने विदेश में नौकरी की तलाश के लिए ऑनलाइन सर्च किया। इस दौरान उन्हें इंदिरापुरम की एक कंपनी की साइट देखी। जिसमें कुवैत में नौकरी की वैकेंसी थी। पीड़ित विश्वरंजन ने इस साइट के बारे में अपने दोस्तों विवेक साहू, समीर और शिकत्रा को जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित ने साइट पर दिेए कंपनी के फोन नंबरों पर बात की। फोन पर फर्जी कंपनी के ठगों ने सभी को कुवैत में 45 हजार प्रति युवक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के बारे में बताया। चारों दोस्त नौकरी के लालच में ठग के झांसे में फंस गए। कंपनी ने सभी की सीवी ले ली और कुछ दिनों बाद चारों को ऑफर लेटर भेज दिया। ठग ने इस की एवज में पीड़ितों से 10 हजार रुपये प्रति व्यक्ति अपने खाते में डलवा लिए। इसके बाद ठग ने फ्लाइट के टिकट केलिए 1 लाख 7 हजार रुपये भी खाते में डालवा लिए। रकम मिलने पर ठग ने उन्हें 4 जून की फ्लाइट का टिकट भेज दिया। सभी दोस्तों ने 1 जून को टिकट ऑनलाइन चेक किया, तो वह कैंसल दिखाने लगा। पीड़ितों ने ठग से फोन पर बातकर टिकट के बारे में बताया तो ठग ने फिर से 8 हजार रुपये की मांग की और दोबारा टिकट भेजने के लिए कहा। सभी ने रुपये उसके अकाउंट में डाल दिए। लेकिन खाते में पैसे आने के बाद उन्हें कोई टिकट नहीं मिला। पीड़ितों ने फोन किया तो आरोपी का नंबर स्विच ऑफ हो गया। ठगी का आभास होने पर मंगलवार को पीड़ित चारों दोस्त इंदिरापुरम पहुंचे। यहां ऑफिस में ताला लगा देखा। पीड़ितो में मामले की शिकायत इंदिरापुरम थाने में की।
विज्ञापन
साहिबाबाद। कुवैत में गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर इंदिरापुरम की एक फ्रॉड कंपनी ने उड़ीसा में रहने वाले चार दोस्तों से करीब डेढ़ लाख रुपये ठग लिए।
जानकारी के अनुसार उड़ीसा के खुर्दा जिले में रहने वाला विश्वरंजन महापात्र बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात था। उसने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले नौकरी छूट गई थी। अप्रैल में उसने विदेश में नौकरी की तलाश के लिए ऑनलाइन सर्च किया। इस दौरान उन्हें इंदिरापुरम की एक कंपनी की साइट देखी। जिसमें कुवैत में नौकरी की वैकेंसी थी। पीड़ित विश्वरंजन ने इस साइट के बारे में अपने दोस्तों विवेक साहू, समीर और शिकत्रा को जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित ने साइट पर दिेए कंपनी के फोन नंबरों पर बात की। फोन पर फर्जी कंपनी के ठगों ने सभी को कुवैत में 45 हजार प्रति युवक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के बारे में बताया। चारों दोस्त नौकरी के लालच में ठग के झांसे में फंस गए। कंपनी ने सभी की सीवी ले ली और कुछ दिनों बाद चारों को ऑफर लेटर भेज दिया। ठग ने इस की एवज में पीड़ितों से 10 हजार रुपये प्रति व्यक्ति अपने खाते में डलवा लिए। इसके बाद ठग ने फ्लाइट के टिकट केलिए 1 लाख 7 हजार रुपये भी खाते में डालवा लिए। रकम मिलने पर ठग ने उन्हें 4 जून की फ्लाइट का टिकट भेज दिया। सभी दोस्तों ने 1 जून को टिकट ऑनलाइन चेक किया, तो वह कैंसल दिखाने लगा। पीड़ितों ने ठग से फोन पर बातकर टिकट के बारे में बताया तो ठग ने फिर से 8 हजार रुपये की मांग की और दोबारा टिकट भेजने के लिए कहा। सभी ने रुपये उसके अकाउंट में डाल दिए। लेकिन खाते में पैसे आने के बाद उन्हें कोई टिकट नहीं मिला। पीड़ितों ने फोन किया तो आरोपी का नंबर स्विच ऑफ हो गया। ठगी का आभास होने पर मंगलवार को पीड़ित चारों दोस्त इंदिरापुरम पहुंचे। यहां ऑफिस में ताला लगा देखा। पीड़ितो में मामले की शिकायत इंदिरापुरम थाने में की।