फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   समय से नहीं मिलता इलाज तो जा सकती थी बच्चे की जान

समय से नहीं मिलता इलाज तो जा सकती थी बच्चे की जान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 05:13 PM IST
विज्ञापन
समय से नहीं मिलता इलाज तो जा सकती थी बच्चे की जान
बच्चे का नाम आहद, चेहरे पर धारदार हथियार के 10 घाव
विज्ञापन

साहिबाबाद। 15 मई को कौशांबी स्थित नर्सरी में लहूलुहान हालत में मिले चार वर्षीय बच्चा अपना नाम आहद बता रहा है। डाक्टर का कहना है कि उसके चेहरे पर धारदार हथियार चाकू या ब्लेड से वार किए गए हैं और सिर में पत्थर से चोट का एक इंच गहरा घाव है। यदि समय से इलाज नहीं मिलता तो उसकी जान भी जा सकती थी। अब वह खतरे से बाहर है। उसके परिवार का पता नहीं चला है। पुलिस सोशल मीडिया और आसपास के थानों में सूचना परिजनाें को तलाश रही है।
बच्चे का इलाज कर रहे वरिष्ठ डाक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि बच्चा सुबह थोड़ा होश में आया था, लेकिन फिर सो गया। दोपहर में उसने डॉक्टर को अपना नाम आहद बताया। वह बार-बार अब्बू को याद कर रहा था और उसने स्टाफ नर्स से किसी सोना दीदी के बारे में जिक्र किया है। वह बार बार घर जाने की बात कर रहा है। बच्चे ने बताया कि मां गांव में रहती है, लेकिन वह गांव के बारे में नहीं बता पा रहा है। बच्चे के चेहरे पर 10 घाव हैं। बच्चा अभी डरा हुआ है। वह ज्यादा बोल नहीं रहा है। सर्जरी होने के बाद उसकी हालत में सुधार हो रहा है। दो-तीन दिनों में उसे वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। आहद को अभी लिक्विड डाइट दी जा रही है। डाक्टर और नर्स की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन


अभी आईसीयू है भर्ती, पुलिस कर रही देखरेख
कौशांबी चौकी प्रभारी शरद कांत शर्मा ने बताया कि वह हर दो घंटे में बच्चे के पास जा रहे हैं। सुबह उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर आईसीयू में काफी घुमाया और उससे बात करने का प्रयास किया। आंख में सूजन होने के कारण उसे देखने में दिक्कत आ रही है। डाक्टर और अस्पताल का स्टाफ बच्चे का पालन-पोषण कर रहा है। नर्स भी चॉकलेट देकर बच्चे को प्यार से देखरेख कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोशल मीडिया में फोटो डाले पर नहीं मिली सफलता
एसआई शरद कांत ने बताया कि पुलिस की टीम परिजनों की तलाश कर रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है। सोशल मीडिया के माध्यम से सभी जगह मैसेज भेजे जा रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर के थाने व आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क कर बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चे की फोटो भेजकर तलाश कराने में मदद ली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed