फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ससुर की बात मान लेता तो शायद बच जाती हनी की जान-Ghaziabad city

ससुर की बात मान लेता तो शायद बच जाती हनी की जान-Ghaziabad city

Tue, 08 May 2018 06:04 PM IST
Updated Tue, 08 May 2018 06:04 PM IST
विज्ञापन
ससुर की बात मान लेता तो शायद बच जाती हनी की जान-Ghaziabad city
ससुर की बात मान लेता तो शायद बच जाती हनी की जान
विज्ञापन


गाजियाबाद। टीपी नगर मेरठ में रविवार रात मसाला कारोबारी हनी सप्रा (33) की हत्या के बाद सोमवार को शव गाजियाबाद में उनके घर पहुंचा। हनी का हिंडन घाट पर सुबह अंतिम संस्कार किया गया। वारदात से करीब एक घंटा पहले हनी सप्रा को मेरठ निवासी उसके ससुर शशिकांत आहूजा मिले थे। उन्होंने हनी को साथ में घर चलने के लिए कहा था, लेकिन वह थोड़ी देर में आने की बात कहकर कैश कलेक्शन पर निकल गए। परिजनों को अब मलाल है कि हनी अपने ससुर की बात उस वक्त मान लेते, तो शायद उनकी जान बच जाती। वहीं हनी की मौत के बाद पत्नी रुचि का रो-रोकर बुरा हाल है।
हनी के पिता का पूर्व में देहांत हो चुका है। उनके भाई साहिल सप्रा गाजियाबाद में ही केमिकल का कारोबार करते हैं। हनी नेहरू नगर थर्ड के ई-ब्लाक में मां मधु, बहन श्वेता, पत्नी रुचि और तीन साल के बेटे तन्मय के साथ रहते थे। कुछ वर्षों से हनी ने मेरठ में अपना मसालों का कारोबार बढ़ा लिया था और हर रविवार वह मेरठ में कैश कलेक्शन करने जाते थे। टीपीनगर मेरठ के रहने वाले ससुर शशिकांत आहूजा के घर से हनी स्कूटी या बाइक लेकर कलेक्शन करते थे। रात हो जाने पर वह ससुराल में ही रुक जाते थे। रविवार को उन्हें कलेक्शन में कुछ देर हो गई। हनी रात सवा आठ बजे कोटला बाजार स्थित ससुर शशिकांत की दुकान पर पहुंचे। शशिकांत दुकान बंद कर चुके थे। उन्होंने हनी को साथ घर चलने को कहा था। हनी ने थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर ससुर को भेज दिया। रात करीब 9:15 बजे उन्होंने हनी को फोन किया तो किसी दूसरे व्यक्ति ने फोन उठाया और हनी को दो गोलियां लगने की बात बताई। इस पर शशिकांत ने गाजियाबाद फोन कर हनी की मां को सूचना दी। वहीं, रुचि के चाचा का कहना है कि बदमाशों ने हनी की रेकी की थी और पहले से पीछा कर रहे थे। बदमाशों ने हनी की ससुराल से चंद मीटर के फासले पर गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन


पिता को तलाश रहीं मासूम बेटे की आंखें
हनी सप्रा के बेटे तन्मय को अभी यह भी नहीं पता कि जिस पिता की गोद में वह खेलता था, अब उसे वह गोद नहीं मिलेगी। तन्मय की आंखें पिता को तलाश रही हैं और उनके लौटकर आने का इंतजार कर रही हैं। वह बार-बार पूछ रहा है कि पापा कहां हैं। परिवार के लोग बहाना बनाकर उसे दिलासा दे देते हैं। हनी की पत्नी रुचि का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


13 अप्रैल को मनाई थीं सालगिरह
हनी और रुचि की शादी छह साल पहले 13 अप्रैल को हुई थी। पिछले महीने उन्होंने शादी की छठीं सालगिरह धूमधाम से बनाई थी। परिवार के लोग और रिश्तेदार इकट्ठा हुए थे। लेकिन 24 दिन बाद ही बदमाशों की गोलियों ने खुशी को मातम में बदल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed