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Ghaziabad News: ऑडिट रिपोर्ट न देने वाली 307 सोसायटियों पर शिकंजा, 31 जुलाई आखिरी तारीख
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साहिबाबाद। जिले की 307 सिंगल प्वाइंट कनेक्शन वाली सोसायटियों पर ऊर्जा निगम ने शिकंजा कस दिया है। ऑडिट रिपोर्ट जमा न करने वाली सोसायटियों को निगम ने नोटिस जारी कर 31 जुलाई तक अंतिम समय दिया है। तय तारीख तक रिपोर्ट नहीं दी तो सोसायटी का रखरखाव संभाल रही आरडब्ल्यूए, एओए और बिल्डर पर जुर्माना लगेगा। निगम दो सप्ताह में जुर्माने की सूची तैयार कर उत्तर प्रदेश नियामक आयोग को भेजेगा।
जिले के टीला मोड, इंदिरापुरम, मोहननगर, कौशांबी, वैशाली, वसुंधरा, क्रासिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, सिद्धार्थ विहार समेत सभी क्षेत्रों में वर्तमान में करीब 350 से 360 छोटी-बड़ी सोसायटियां हैं। इनमें से केवल 53 सोसायटी ही मल्टी प्वॉइंट कनेक्शन पर हैं। बाकी सभी सोसायटियां सिंगल प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित हो रही हैं।
ऊर्जा निगम के पास इन सोसायटियों में दी गई बिजली का कोई रिकॉर्ड नहीं है। केवल मेंटेनेंस देख रही संस्था ही बिजली बिल जमा करती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या उपभोक्ताओं से निर्धारित से अधिक बिजली बिल वसूलने की आ रही है। इसकी शिकायतें भी निगम को लगातार मिल रही हैं।
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इसी को लेकर ऊर्जा निगम ने उत्तर प्रदेश नियामक आयोग के नियमों का पालन कराने के लिए अप्रैल में सभी सिंगल प्वाइंट सोसायटियों को नोटिस भेजे थे। करीब एक महीने में शहर की सभी सोसायटियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन्हें 15 दिन में ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध करानी थी। चेतावनी दी गई थी कि रिपोर्ट नहीं देने वाली सोसायटियों को डिफॉल्टर घोषित किया जाएगा, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी 307 सोसायटियों ने रिपोर्ट जमा नहीं की।
ऐसी होगी कार्रवाई
अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि पहली बार रिपोर्ट न देने पर 5 हजार रुपये, दूसरी बार डिफॉल्टर होने पर 10 हजार, तीसरी बार 15 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। लगातार चौथी बार डिफॉल्टर होने पर सोसायटी को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदल दिया जाएगा।
नोटिस में दिए गए आदेश
नोटिस में सोसायटी के जिम्मेदारों को 15 दिन में ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में उपभोक्ताओं से लिए गए सभी बिलों का ब्यौरा और हर फ्लैट मालिक को महीने में दिए गए बिल भी लगाने होंगे। बिना डिफॉल्टर के भी 51 फीसदी निवासियों की सहमति पर सोसायटी मल्टी प्वाइंट में बदली जा सकती है। ऊर्जा निगम ने कहा है कि अब कॉमन एरिया की बिजली खपत पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। 31 जुलाई तक रिपोर्ट न जमा करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम अमित कुमार का कहना है कि जिले के तीनों जोन में सोसायटियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को ऑडिट रिपोर्ट 15 दिन के अंदर देनी थी लेकिन 31 जुलाई तक रिपोर्ट नहीं दी तो जिम्मेदार संस्था आरडब्ल्यूए, एओए व बिल्डर पर जुर्माना लगाने की सूची तैयार कर उत्तर प्रदेश नियामक आयोग को भेजी जाएगी।
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जिले के टीला मोड, इंदिरापुरम, मोहननगर, कौशांबी, वैशाली, वसुंधरा, क्रासिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, सिद्धार्थ विहार समेत सभी क्षेत्रों में वर्तमान में करीब 350 से 360 छोटी-बड़ी सोसायटियां हैं। इनमें से केवल 53 सोसायटी ही मल्टी प्वॉइंट कनेक्शन पर हैं। बाकी सभी सोसायटियां सिंगल प्वाइंट कनेक्शन पर संचालित हो रही हैं।
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ऊर्जा निगम के पास इन सोसायटियों में दी गई बिजली का कोई रिकॉर्ड नहीं है। केवल मेंटेनेंस देख रही संस्था ही बिजली बिल जमा करती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या उपभोक्ताओं से निर्धारित से अधिक बिजली बिल वसूलने की आ रही है। इसकी शिकायतें भी निगम को लगातार मिल रही हैं।
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इसी को लेकर ऊर्जा निगम ने उत्तर प्रदेश नियामक आयोग के नियमों का पालन कराने के लिए अप्रैल में सभी सिंगल प्वाइंट सोसायटियों को नोटिस भेजे थे। करीब एक महीने में शहर की सभी सोसायटियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन्हें 15 दिन में ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध करानी थी। चेतावनी दी गई थी कि रिपोर्ट नहीं देने वाली सोसायटियों को डिफॉल्टर घोषित किया जाएगा, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी 307 सोसायटियों ने रिपोर्ट जमा नहीं की।
ऐसी होगी कार्रवाई
अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि पहली बार रिपोर्ट न देने पर 5 हजार रुपये, दूसरी बार डिफॉल्टर होने पर 10 हजार, तीसरी बार 15 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। लगातार चौथी बार डिफॉल्टर होने पर सोसायटी को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदल दिया जाएगा।
नोटिस में दिए गए आदेश
नोटिस में सोसायटी के जिम्मेदारों को 15 दिन में ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में उपभोक्ताओं से लिए गए सभी बिलों का ब्यौरा और हर फ्लैट मालिक को महीने में दिए गए बिल भी लगाने होंगे। बिना डिफॉल्टर के भी 51 फीसदी निवासियों की सहमति पर सोसायटी मल्टी प्वाइंट में बदली जा सकती है। ऊर्जा निगम ने कहा है कि अब कॉमन एरिया की बिजली खपत पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। 31 जुलाई तक रिपोर्ट न जमा करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम अमित कुमार का कहना है कि जिले के तीनों जोन में सोसायटियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को ऑडिट रिपोर्ट 15 दिन के अंदर देनी थी लेकिन 31 जुलाई तक रिपोर्ट नहीं दी तो जिम्मेदार संस्था आरडब्ल्यूए, एओए व बिल्डर पर जुर्माना लगाने की सूची तैयार कर उत्तर प्रदेश नियामक आयोग को भेजी जाएगी।