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Ghaziabad News: अदालत बोली- फर्जी वीजा व दस्तावेज बनाकर ठगी करना गंभीर मामला, जांच अभी जारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:54 AM IST
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Court states: Fraud involving forged visas and documents is a serious matter; investigation is ongoing.
गाजियाबाद। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-दो ने मांगेराम उर्फ अनुज कुमार और रणवीर की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का है। जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा।
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अभियोजन के अनुसार कौशांबी निवासी आकाश वालिया की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंट उस्मान खान ने चार लोगों से कुल 1.86 लाख रुपये लिए। यह रकम फिनो पेमेंट्स बैंक के एक खाते में जमा कराई गई। बाद में आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी वीजा और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए। जांच में सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए, जबकि पीड़ितों के पासपोर्ट भी आरोपितों ने अपने कब्जे में रख लिए।
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पुलिस जांच में मांगेराम उर्फ अनुज कुमार और रणवीर की संलिप्तता सामने आने पर दोनों को मामले में आरोपी बनाया गया। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों निर्दोष हैं। उन्होंने किसी से रुपये नहीं लिए और न ही किसी फर्जी दस्तावेज की तैयारी में उनकी भूमिका रही। साथ ही कहा गया कि दोनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो फर्जी वीजा, हवाई टिकट और नियुक्ति पत्र तैयार कर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, डेस्कटॉप, सीपीयू तथा 64 पासपोर्ट बरामद किए थे। पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से धोखाधड़ी करने की जानकारी भी सामने आई।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है। अपराध की गंभीरता, आरोपियों की भूमिका तथा साक्ष्यों को प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।
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