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हर वार्ड में 80-80 लाख के काम कराएंगे पार्षद
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:42 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में कराए जाने वाले विकास कार्यों का खाका खींच लिया है। शनिवार को हुई निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में 836.72 करोड़ रुपये का बजट चंद संशोधनों के बाद पास कर दिया गया। इस साल शहर के हर वार्ड में 80-80 लाख रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। यानी नगर निकाय के चुनावी वर्ष में वार्डों में खूब विकास कार्य कराए जाएंगे।
महापौर अशु वर्मा की अध्यक्षता और नगर आयुक्त अब्दुल समद की मौजूदगी में सुबह 11 बजे कार्यकारिणी समिति की बैठक शुरू हुई। बैठक के पहले चरण में कार्यकारिणी समिति उपाध्यक्ष का निर्विरोध चुनाव हुआ और भाजपा के पार्षद सरदार सिंह भाटी को उपाध्यक्ष चुन लिया गया।
इसके बाद अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा ने नए वित्तीय वर्ष का 836.72 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि साल 2017-18 में 203 करोड़ रुपये नगर निगम के खातों में पहले से मौजूद हैं और आगामी साल में निगम 633 करोड़ रुपये की आमदनी करेगा।
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पूरे साल में विभिन्न मदों में नगर निगम ने 625.75 करोड़ रुपये खर्च करने की प्लानिंग है। सबसे ज्यादा 178.16 करोड़ का बजट निर्माण विभाग को दिया गया है। इसमें से 25 फीसदी पैसा पार्कों की बाउंड्रीवाल, फुटपाथ आदि पर खर्च किया जाएगा।
यानी सड़क, सीवर, नाली, इंटरलॉकिंग टाइल्स के साथ-साथ निगम इस बार शहर के उजड़े पार्कों की दशा भी सुधारेगा। बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद कार्यकारिणी समिति के 12 सदस्यों ने इस पर मंथन शुरू किया।
भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने इस साल प्रत्येक वार्ड में 80-80 लाख के विकास कार्य कराने का प्रस्ताव रखा तो चुनावी साल होने के चलते मेयर समेत सभी सदस्यों ने इस पर ध्वनिमत से सहमति दे दी।
हालांकि नगरायुक्त ने सीमित फंड की बाध्यता का प्रश्न उठाया लेकिन समिति ने पुनरीक्षित बजट में इंतजाम करने का भरोसा देकर प्रस्ताव पास करा दिया। निर्माण विभाग के अलावा निगम ने इस बार स्वास्थ्य विभाग, जलकल और उद्यान विभाग का बजट भी बढ़ाया है।
समिति ने गर्मी के सीजन को देखते हुए हैंडपंप और ट्यूबवेलों के रीबोर को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। नए बजट में किए गए प्रावधान एक अप्रैल से लागू होंगे।
..
यहां से आएगा पैसा
राजस्व 117.35 करोड़
लाइसेंस 1.15 करोड़
विक्रय 1.24 करोड़
किराया 4.29 करोड़
ठेका 3.10 करोड़
शुल्क 12.16 करोड़
शासकीय अनुदान व अन्य आय 486.30 करोड़
विविध आय 7.42 करोड़
कुल 633.012 करोड़
....
यहां जाएगा पैसा
सार्वजनिक निर्माण 178.16 करोड़
सीवर व पेयजल 70.00 करोड़
प्रकाश विभाग 14.17 करोड़
स्वास्थ्य विभाग 83.65 करोड़
उद्यान विभाग 26.54 करोड़
शिक्षा, पुस्तकालय 3.05 करोड़
संपत्ति व प्रवर्तन 1.30 करोड़
विधि विभाग 1.506 करोड़
नजारत, लेखा 63.28 करोड़
शासकीय अनुदान से कार्य 183.80 करोड़
कुल -----------
पार्कों में बुजुर्गों के लिए बनाई जाएंगी चौपाल
निकाय के चुनावी वर्ष में नगर निगम बुजुर्गों को भी सौगात देगा। बुजुर्गों के लिए शहर के 10 बड़े पार्कों में चौपाल बनाई जाएंगी ताकि यह लोग पार्कों में समय व्यतीत कर सकें। चौपाल के तहत बुजुर्गों के बैठने के लिए कमरा, बरामदा और टॉयलेट बनाए जाएंगे।
महापौर अशु वर्मा ने यह प्रस्ताव रखा था। उनका कहना था कि वर्तमान परिवेश में लोगों के पास बड़े मकान नहीं हैं। ऐसे में आसपास के गांवों से अपने बच्चों के पास आए बुजुर्गों को खुले क्षेत्र की कमी खलती है।
उनके लिए नगर निगम बड़े पार्कों में गांवों की तरह चौपाल बनाएगा। ट्रायल के तौर पर यह 10 पार्कों में बनाए जाएंगे ताकि दोपहर या शाम के समय बुजुर्ग इन चौपाल पर समय व्यतीत कर सकें।
खाली सरकारी जमीन पर बच्चों के लिए बनेंगे खेल मैदान
नगर निगम ने बच्चों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। पार्षद बलवंत सिंह के प्रस्ताव पर निगम कार्यकारिणी समिति ने खाली सरकारी जमीनों पर बच्चों के लिए खेल मैदान बनाने का निर्णय लिया है। कम से कम एक जोन में एक खेल मैदान जरूर बनाया जाएगा। जमीन की उपलब्धता हुई तो जोन में दो या तीन खेल मैदान भी बनाए जा सकते हैं।
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महापौर अशु वर्मा की अध्यक्षता और नगर आयुक्त अब्दुल समद की मौजूदगी में सुबह 11 बजे कार्यकारिणी समिति की बैठक शुरू हुई। बैठक के पहले चरण में कार्यकारिणी समिति उपाध्यक्ष का निर्विरोध चुनाव हुआ और भाजपा के पार्षद सरदार सिंह भाटी को उपाध्यक्ष चुन लिया गया।
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इसके बाद अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा ने नए वित्तीय वर्ष का 836.72 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि साल 2017-18 में 203 करोड़ रुपये नगर निगम के खातों में पहले से मौजूद हैं और आगामी साल में निगम 633 करोड़ रुपये की आमदनी करेगा।
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पूरे साल में विभिन्न मदों में नगर निगम ने 625.75 करोड़ रुपये खर्च करने की प्लानिंग है। सबसे ज्यादा 178.16 करोड़ का बजट निर्माण विभाग को दिया गया है। इसमें से 25 फीसदी पैसा पार्कों की बाउंड्रीवाल, फुटपाथ आदि पर खर्च किया जाएगा।
यानी सड़क, सीवर, नाली, इंटरलॉकिंग टाइल्स के साथ-साथ निगम इस बार शहर के उजड़े पार्कों की दशा भी सुधारेगा। बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद कार्यकारिणी समिति के 12 सदस्यों ने इस पर मंथन शुरू किया।
भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने इस साल प्रत्येक वार्ड में 80-80 लाख के विकास कार्य कराने का प्रस्ताव रखा तो चुनावी साल होने के चलते मेयर समेत सभी सदस्यों ने इस पर ध्वनिमत से सहमति दे दी।
हालांकि नगरायुक्त ने सीमित फंड की बाध्यता का प्रश्न उठाया लेकिन समिति ने पुनरीक्षित बजट में इंतजाम करने का भरोसा देकर प्रस्ताव पास करा दिया। निर्माण विभाग के अलावा निगम ने इस बार स्वास्थ्य विभाग, जलकल और उद्यान विभाग का बजट भी बढ़ाया है।
समिति ने गर्मी के सीजन को देखते हुए हैंडपंप और ट्यूबवेलों के रीबोर को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। नए बजट में किए गए प्रावधान एक अप्रैल से लागू होंगे।
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यहां से आएगा पैसा
राजस्व 117.35 करोड़
लाइसेंस 1.15 करोड़
विक्रय 1.24 करोड़
किराया 4.29 करोड़
ठेका 3.10 करोड़
शुल्क 12.16 करोड़
शासकीय अनुदान व अन्य आय 486.30 करोड़
विविध आय 7.42 करोड़
कुल 633.012 करोड़
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यहां जाएगा पैसा
सार्वजनिक निर्माण 178.16 करोड़
सीवर व पेयजल 70.00 करोड़
प्रकाश विभाग 14.17 करोड़
स्वास्थ्य विभाग 83.65 करोड़
उद्यान विभाग 26.54 करोड़
शिक्षा, पुस्तकालय 3.05 करोड़
संपत्ति व प्रवर्तन 1.30 करोड़
विधि विभाग 1.506 करोड़
नजारत, लेखा 63.28 करोड़
शासकीय अनुदान से कार्य 183.80 करोड़
कुल -----------
पार्कों में बुजुर्गों के लिए बनाई जाएंगी चौपाल
निकाय के चुनावी वर्ष में नगर निगम बुजुर्गों को भी सौगात देगा। बुजुर्गों के लिए शहर के 10 बड़े पार्कों में चौपाल बनाई जाएंगी ताकि यह लोग पार्कों में समय व्यतीत कर सकें। चौपाल के तहत बुजुर्गों के बैठने के लिए कमरा, बरामदा और टॉयलेट बनाए जाएंगे।
महापौर अशु वर्मा ने यह प्रस्ताव रखा था। उनका कहना था कि वर्तमान परिवेश में लोगों के पास बड़े मकान नहीं हैं। ऐसे में आसपास के गांवों से अपने बच्चों के पास आए बुजुर्गों को खुले क्षेत्र की कमी खलती है।
उनके लिए नगर निगम बड़े पार्कों में गांवों की तरह चौपाल बनाएगा। ट्रायल के तौर पर यह 10 पार्कों में बनाए जाएंगे ताकि दोपहर या शाम के समय बुजुर्ग इन चौपाल पर समय व्यतीत कर सकें।
खाली सरकारी जमीन पर बच्चों के लिए बनेंगे खेल मैदान
नगर निगम ने बच्चों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। पार्षद बलवंत सिंह के प्रस्ताव पर निगम कार्यकारिणी समिति ने खाली सरकारी जमीनों पर बच्चों के लिए खेल मैदान बनाने का निर्णय लिया है। कम से कम एक जोन में एक खेल मैदान जरूर बनाया जाएगा। जमीन की उपलब्धता हुई तो जोन में दो या तीन खेल मैदान भी बनाए जा सकते हैं।