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Ghaziabad News: निजी फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट ने किया लाखों का गबन
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खोड़ा। दिल्ली स्थित तीन निजी फाइनेंस कंपनी में करीब 70 लाख रुपये से ज्यादा के गबन का मामला सामने आया है। आरोप कंपनी की तरफ से नियुक्त हुए कलेक्शन एजेंट हरियाणा के फरीदाबाद निवासी श्रीराम ऑटो डील्स के प्रोपराइटर रिंकू यादव और सोना ऑटो फाइनेंस के प्रोपराइटर ओमप्रकाश यादव पर है। दोनों के खिलाफ निजी फाइनेंस कंपनी के अधिकृत अधिकारी खोड़ा के सुभाष पार्क द्वितीय निवासी राममोहन ने मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोपियों ने लोन धारकों से किस्त के रुपये लेकर कंपनी में जमा करने की जगह अपने पास रख लिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दर्ज मुकदमे में राममोहन ने बताया कि वर्ष 2020 से पहले उन्होंने रिंकू यादव और ओमप्रकाश यादव को फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट के तौर पर नियुक्त किया था। वर्ष 2020 तक दोनों ने अच्छा काम किया, लेकिन इसके बाद कलेक्शन कम होना शुरू हो गया। जब पूछा गया तब दोनों ने कोविड की वजह से कलेक्शन कम होने का बहाना बना दिया।
कुछ महीने बाद कलेक्शन बिल्कुल बंद हो गया। बताया कि जब लोन लेने वाले एनओसी लेने के लिए उनके पास पहुंचे तब उन्होंने अपनी सभी किस्तें चुकाने की बात कही। इसके बाद मामला खुला तब सामने आया कि रिंकू और ओमप्रकाश ने करीब 70 लाख रुपये से भी ज्यादा का गबन कंपनी में किया है। जब उन्होंने रुपये कंपनी में जमा करने को कहा तब आरोपियों ने मारने की धमकी देना शुरू कर दिया।
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पीड़ित ने बताया कि 20 मार्च 2025 को आरोपी ओमप्रकाश ने उन्हें 70 लाख का चेक भी दिया था, लेकिन चेक बैंक में बाउंस हो गया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। कंपनी के दस्तावेज भी जांच के लिए मंगवाए गए हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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आरोपियों ने लोन धारकों से किस्त के रुपये लेकर कंपनी में जमा करने की जगह अपने पास रख लिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दर्ज मुकदमे में राममोहन ने बताया कि वर्ष 2020 से पहले उन्होंने रिंकू यादव और ओमप्रकाश यादव को फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट के तौर पर नियुक्त किया था। वर्ष 2020 तक दोनों ने अच्छा काम किया, लेकिन इसके बाद कलेक्शन कम होना शुरू हो गया। जब पूछा गया तब दोनों ने कोविड की वजह से कलेक्शन कम होने का बहाना बना दिया।
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कुछ महीने बाद कलेक्शन बिल्कुल बंद हो गया। बताया कि जब लोन लेने वाले एनओसी लेने के लिए उनके पास पहुंचे तब उन्होंने अपनी सभी किस्तें चुकाने की बात कही। इसके बाद मामला खुला तब सामने आया कि रिंकू और ओमप्रकाश ने करीब 70 लाख रुपये से भी ज्यादा का गबन कंपनी में किया है। जब उन्होंने रुपये कंपनी में जमा करने को कहा तब आरोपियों ने मारने की धमकी देना शुरू कर दिया।
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पीड़ित ने बताया कि 20 मार्च 2025 को आरोपी ओमप्रकाश ने उन्हें 70 लाख का चेक भी दिया था, लेकिन चेक बैंक में बाउंस हो गया। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। कंपनी के दस्तावेज भी जांच के लिए मंगवाए गए हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।