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Ghaziabad News: हादसे पर हत्या की धारा में कार्रवाई का दावा, बेचने वालों को थाने से मिल रही जमानत
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- अधिकारी बोले, नियमों के तहत ही लगाई जाती हैं धाराएं
- स्वतंत्रता दिवस को लेकर जारी नहीं की गई एडवाइजरी
- देशी मांझे से महंगा, फिर भी लोग खरीदते हैं चाइनीज मांझा
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माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। चाइनीज मांझे से हादसे में किसी की मौत पर भले ही हत्या का मामला दर्ज करने के आदेश हों, लेकिन इसे बेचने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई नहीं कर सकती है। चाइनीज मांझे की बिक्री और भंडारण में पुलिस सिर्फ बीएनएस की धारा 223बी (सरकारी आदेश को नहीं मानना), 125 (जल्दबाजी में ऐसा कार्य करना, जिसमें दूसरे की जान खतरे में पड़े) और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 और 6 के तहत केस दर्ज करती है। अधिकारियों के अनुसार, ये धाराएं जमानती हैं।
इस हादसे के बाद जुलाई महीने में लोनी थाने में दर्ज चाइनीज मांझे से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में पुलिस पर रिश्वत लेकर मांझा बिकवाने और आरोपियों पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे हैं। इस मामले में एनिमल वेलफेयर अधिकारी गौरव गुप्ता ने आरोप लगाया है कि 29 जुलाई को इंद्रपुरी में चाइनीज मांझे की खेप पकड़ने के बाद पुलिस ने ठीक से कार्रवाई नहीं की थी। यहां से करीब 550 चाइनीज मांझे की रील बरामद हुई थीं। खतरनाक सामान की बिक्री के बाद भी आरोपियों पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई नहीं की गई थी।
इस मामले में डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि अपराध के आधार पर जो धाराएं तय हैं, उन्हीं के तहत कार्रवाई की जाती है। चाइनीज मांझे के मामले में जो धाराएं हैं, उनमें सात वर्ष से कम की सजा है। इस कारण आरोपियों को थाने से जमानत देनी पड़ती है।
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न तैयारी, न सही से कार्रवाई
मकर संक्रांति से बसंत पंचमी के बीच चाइनीज मांझे को लेकर पुलिस-प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की थी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पतंगबाजी की परंपरा है। इसके बाद भी इस बार सतर्कता नहीं बरती गई। जिले में सभी स्थानों पर पतंगबाजी होती है। 15 अगस्त को लोग पतंग उड़ाते हैं। पुलिस-प्रशासन इन इलाकों के बाजारों का निरीक्षण कर लेता तो प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को आसानी से रोका जा सकता था, लेकिन पिछले दिनों जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से ऐसी कोई सतर्कता नहीं देखी गई।
लोगों का आरोप है कि डीएमई और एनएच-9 के आसपास कॉलोनियां हैं, जहां पतंगे उड़ाई जाती हैं। इसके बाद भी हाईवे पर लोगों की सुरक्षा के इंतजाम करना तो दूर, उन्हें सतर्क तक नहीं किया गया।
मांग पर ज्यादा कीमत में देते हैं मांझा
मांझे के गाजियाबाद में बड़े बाजार मालीवाड़ा, दिल्ली गेट, लोनी, विजयनगर और खोड़ा में हैं। यहीं से चाइनीज मांझा भी बाजार में लाया जाता है। इस हादसे के बाद साहिबाबाद, मालीवाड़ा और खोड़ा की कुछ दुकानों पर चाइनीज मांझे के बारे में पता किया गया तो दुकानदारों ने बताया कि मांझा मिल जाएगा, लेकिन रिस्क है, इसलिए महंगा मिलेगा। हालांकि, 15 अगस्त के बाद स्टॉक खत्म होने की जानकारी उन्होंने दी। साहिबाबाद के एक दुकानदार ने बताया कि सामान्य मांझे के मुकाबले चाइनीज मांझा महंगा है, बावजूद इसके बाजार में इसकी मांग अधिक है। देशी मांझे की एक रील जहां 100 से 150 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये तक आती है, वहीं चाइनीज मांझे की एक रील 100 रुपये से शुरू होकर 300 से 400 रुपये तक में आती है। दुकानदारों का कहना है कि चाइनीज मांझे से दूसरों की पतंग आसानी से काटी जा सकती है, जिसकी वजह से लोग इसे खरीदते हैं।
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पूर्व में हुई घटनाएं
- जुलाई 2026: कनावनी गांव में एक छात्र की दो उंगलियां चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कट गई थीं।
- अगस्त 2025: मोदीनगर के निवाड़ी क्षेत्र में एक युवक चाइनीज मांझे से घायल हो गया था।
- जनवरी 2025: हापुड़ रोड पर स्कूटी सवार युवक की गर्दन मांझे की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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इस हादसे के बाद जिले के सभी थानों में एक टीम बनाई गई है। यह चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
-राजकरण नय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
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- स्वतंत्रता दिवस को लेकर जारी नहीं की गई एडवाइजरी
- देशी मांझे से महंगा, फिर भी लोग खरीदते हैं चाइनीज मांझा
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। चाइनीज मांझे से हादसे में किसी की मौत पर भले ही हत्या का मामला दर्ज करने के आदेश हों, लेकिन इसे बेचने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई नहीं कर सकती है। चाइनीज मांझे की बिक्री और भंडारण में पुलिस सिर्फ बीएनएस की धारा 223बी (सरकारी आदेश को नहीं मानना), 125 (जल्दबाजी में ऐसा कार्य करना, जिसमें दूसरे की जान खतरे में पड़े) और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 और 6 के तहत केस दर्ज करती है। अधिकारियों के अनुसार, ये धाराएं जमानती हैं।
इस हादसे के बाद जुलाई महीने में लोनी थाने में दर्ज चाइनीज मांझे से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में पुलिस पर रिश्वत लेकर मांझा बिकवाने और आरोपियों पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे हैं। इस मामले में एनिमल वेलफेयर अधिकारी गौरव गुप्ता ने आरोप लगाया है कि 29 जुलाई को इंद्रपुरी में चाइनीज मांझे की खेप पकड़ने के बाद पुलिस ने ठीक से कार्रवाई नहीं की थी। यहां से करीब 550 चाइनीज मांझे की रील बरामद हुई थीं। खतरनाक सामान की बिक्री के बाद भी आरोपियों पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई नहीं की गई थी।
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इस मामले में डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि अपराध के आधार पर जो धाराएं तय हैं, उन्हीं के तहत कार्रवाई की जाती है। चाइनीज मांझे के मामले में जो धाराएं हैं, उनमें सात वर्ष से कम की सजा है। इस कारण आरोपियों को थाने से जमानत देनी पड़ती है।
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न तैयारी, न सही से कार्रवाई
मकर संक्रांति से बसंत पंचमी के बीच चाइनीज मांझे को लेकर पुलिस-प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की थी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पतंगबाजी की परंपरा है। इसके बाद भी इस बार सतर्कता नहीं बरती गई। जिले में सभी स्थानों पर पतंगबाजी होती है। 15 अगस्त को लोग पतंग उड़ाते हैं। पुलिस-प्रशासन इन इलाकों के बाजारों का निरीक्षण कर लेता तो प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को आसानी से रोका जा सकता था, लेकिन पिछले दिनों जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से ऐसी कोई सतर्कता नहीं देखी गई।
लोगों का आरोप है कि डीएमई और एनएच-9 के आसपास कॉलोनियां हैं, जहां पतंगे उड़ाई जाती हैं। इसके बाद भी हाईवे पर लोगों की सुरक्षा के इंतजाम करना तो दूर, उन्हें सतर्क तक नहीं किया गया।
मांग पर ज्यादा कीमत में देते हैं मांझा
मांझे के गाजियाबाद में बड़े बाजार मालीवाड़ा, दिल्ली गेट, लोनी, विजयनगर और खोड़ा में हैं। यहीं से चाइनीज मांझा भी बाजार में लाया जाता है। इस हादसे के बाद साहिबाबाद, मालीवाड़ा और खोड़ा की कुछ दुकानों पर चाइनीज मांझे के बारे में पता किया गया तो दुकानदारों ने बताया कि मांझा मिल जाएगा, लेकिन रिस्क है, इसलिए महंगा मिलेगा। हालांकि, 15 अगस्त के बाद स्टॉक खत्म होने की जानकारी उन्होंने दी। साहिबाबाद के एक दुकानदार ने बताया कि सामान्य मांझे के मुकाबले चाइनीज मांझा महंगा है, बावजूद इसके बाजार में इसकी मांग अधिक है। देशी मांझे की एक रील जहां 100 से 150 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये तक आती है, वहीं चाइनीज मांझे की एक रील 100 रुपये से शुरू होकर 300 से 400 रुपये तक में आती है। दुकानदारों का कहना है कि चाइनीज मांझे से दूसरों की पतंग आसानी से काटी जा सकती है, जिसकी वजह से लोग इसे खरीदते हैं।
पूर्व में हुई घटनाएं
- जुलाई 2026: कनावनी गांव में एक छात्र की दो उंगलियां चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कट गई थीं।
- अगस्त 2025: मोदीनगर के निवाड़ी क्षेत्र में एक युवक चाइनीज मांझे से घायल हो गया था।
- जनवरी 2025: हापुड़ रोड पर स्कूटी सवार युवक की गर्दन मांझे की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इस हादसे के बाद जिले के सभी थानों में एक टीम बनाई गई है। यह चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
-राजकरण नय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त