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Ghaziabad News: धूल मुक्त शहर का दावा, एएलटी रोड पर दम घोंट रही धूल
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एएलटी रोड पर सड़क निर्माण के दौरान धूल उड़ाती मशीन। संवाद
- फोटो : Samvad
गाजियाबाद। शहर में वायु प्रदूषण कम करने और धूल मुक्त सड़कें बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन एएलटी रोड पर चल रहा निर्माण कार्य इन दावों की हवा निकाल रहा है। यहां सड़क की पुरानी परत उखाड़कर छोड़ दिए जाने से वाहनों के गुजरते ही धूल के गुबार उठ रहे हैं। एक लेन बंद होने से जाम लग रहा है, सो अलग। संजयनगर और राजनगर क्षेत्र के लोगों के साथ रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को एक सप्ताह से धूल और जाम, दोनों की मार झेलनी पड़ रही है।
नगर निगम की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एएलटी रोड का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। योजना के तहत सड़क की पुरानी कंक्रीट और बजरी की परत उखाड़कर नई लेयर बिछाई जानी है। वर्तमान में संजयनगर पुल पर कविनगर की ओर जाने वाली लेन में करीब 100 मीटर सड़क ही बन पाई है। बाकी सड़क की परत उखाड़कर छोड़ दी गई है। खुरदुरी सतह से तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठता है। इसका सबसे ज्यादा असर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों पर पड़ रहा है।
एएलटी रोड राजनगर एक्सटेंशन की बड़ी आबादी के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। दिल्ली-मेरठ हाईवे से एनएच और डीएमई को जोड़ने के कारण इस मार्ग पर दिनभर वाहनों का दबाव रहता है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर धूल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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इस संबंध में जब नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी से बात की गई तो उनका कहना था कि मौके का निरीक्षण किया जाएगा। मानकों का पालन नहीं होने पर कार्यदायी संस्था से जवाब तलब किया जाएगा।
पुलिस के निर्देशों की भी अनदेखी
निर्माण कार्य में लापरवाही का आलम यह है कि पीक ऑवर्स में भी सड़क पर काम कराया जा रहा है और भारी मशीनें मुख्य मार्ग पर खड़ी रहती हैं। हाल ही में पुलिस प्रशासन, नगर निगम और जीडीए अधिकारियों की संयुक्त बैठक में तय हुआ था कि पीक ऑवर्स में सड़क पर निर्माण कार्य नहीं कराया जाएगा। इसके बावजूद निर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है।
आधे घंटे तक जाम में फंस रहे वाहन
एक लेन बंद होने और मशीनों के सड़क पर खड़े रहने से रोड पर जाम की स्थिति भी बन रही है। पीक ऑवर में वाहन चालकों को इस मार्ग से निकलने में आधे घंटे से अधिक लग रहा है। धूल व जाम ने राहगीरों की परेशानी दोहरी कर दी है।
टॉप-10 में आने का दावा, हालात खड़े कर रहे सवाल
वायु गुणवत्ता सुधार के मामले में नगर निगम देश के प्रमुख शहरों में टॉप-10 में आने का दावा करता है। निगम प्रशासन शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने और पर्यावरण सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात भी कहता है। ऐसे में एएलटी रोड पर निर्माण के दौरान धूल नियंत्रण के इंतजामों की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
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नगर निगम की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एएलटी रोड का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। योजना के तहत सड़क की पुरानी कंक्रीट और बजरी की परत उखाड़कर नई लेयर बिछाई जानी है। वर्तमान में संजयनगर पुल पर कविनगर की ओर जाने वाली लेन में करीब 100 मीटर सड़क ही बन पाई है। बाकी सड़क की परत उखाड़कर छोड़ दी गई है। खुरदुरी सतह से तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठता है। इसका सबसे ज्यादा असर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों पर पड़ रहा है।
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एएलटी रोड राजनगर एक्सटेंशन की बड़ी आबादी के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। दिल्ली-मेरठ हाईवे से एनएच और डीएमई को जोड़ने के कारण इस मार्ग पर दिनभर वाहनों का दबाव रहता है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर धूल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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इस संबंध में जब नगर निगम के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके चौधरी से बात की गई तो उनका कहना था कि मौके का निरीक्षण किया जाएगा। मानकों का पालन नहीं होने पर कार्यदायी संस्था से जवाब तलब किया जाएगा।
पुलिस के निर्देशों की भी अनदेखी
निर्माण कार्य में लापरवाही का आलम यह है कि पीक ऑवर्स में भी सड़क पर काम कराया जा रहा है और भारी मशीनें मुख्य मार्ग पर खड़ी रहती हैं। हाल ही में पुलिस प्रशासन, नगर निगम और जीडीए अधिकारियों की संयुक्त बैठक में तय हुआ था कि पीक ऑवर्स में सड़क पर निर्माण कार्य नहीं कराया जाएगा। इसके बावजूद निर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है।
आधे घंटे तक जाम में फंस रहे वाहन
एक लेन बंद होने और मशीनों के सड़क पर खड़े रहने से रोड पर जाम की स्थिति भी बन रही है। पीक ऑवर में वाहन चालकों को इस मार्ग से निकलने में आधे घंटे से अधिक लग रहा है। धूल व जाम ने राहगीरों की परेशानी दोहरी कर दी है।
टॉप-10 में आने का दावा, हालात खड़े कर रहे सवाल
वायु गुणवत्ता सुधार के मामले में नगर निगम देश के प्रमुख शहरों में टॉप-10 में आने का दावा करता है। निगम प्रशासन शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने और पर्यावरण सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात भी कहता है। ऐसे में एएलटी रोड पर निर्माण के दौरान धूल नियंत्रण के इंतजामों की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।