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बच्चों को बनाया मुर्गा, परीक्षा से रोका
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 23 Feb 2017 12:27 AM IST
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हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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एडवांस फीस जमा न करने पर गोविंदपुरम स्थित ग्रीन फील्ड स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को न केवल मुर्गा बनाया बल्कि परीक्षा देने से भी रोक दिया। इसका पता जब पैरेंट्स को चला तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया।
अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में वार्षिक परीक्षा चल रही है। बुधवार को पैरेंट्स बच्चों को विद्यालय में छोड़ कर आ गए। स्कूल प्रबंधन ने तब उन्हें कुछ नहीं कहा। अभिभावकों के लौट जाने के बाद जून तक की फीस जमा न करने पर बच्चों को क्लास के बाहर ही रोक दिया।
अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को स्कूल के मैदान में मुर्गा भी बनाया गया। बच्चों को परीक्षा से रोके जाने की भनक अभिभावकों को लगी तो कई पैरेंट्स स्कूल पहुंचे। अभिभावक अमित त्यागी का कहना है कि उन लोगों ने बच्चों की फीस फरवरी तक की जमा करा रखी है।
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स्कूल प्रबंधन द्वारा जून तक की फीस मांगी जा रही थी, जिसका उन लोगों ने विरोध किया। स्कूल में बड़ी संख्या में अभिभावकों के पहुंचने और हंगामे के बाद स्कूल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। बाद में स्कूल प्रबंधन ने फीस के लिए बच्चों को कुछ न कहने की बात कही।
दूसरी ओर स्कूल के डायरेक्टर पृथ्वी सिंह ने बताया कि अभिभावकों के आरोप निराधार हैं। अभिभावकों पर कई महीनों की फीस बकाया है। इसलिए बुधवार को बच्चों को फीस जमा कराने के लिए चेतावनी दी गई।
किसी भी बच्चे को परीक्षा देने से नहीं रोका गया है और भविष्य में भी नहीं रोका जाएगा। पृथ्वी सिंह ने बताया कि अक्सर अभिभावक बच्चों की फीस रोक लेते हैं और परीक्षा करा कर बच्चों को स्कूल से निकाल लेते हैं। इसी वजह से बच्चों से फीस मंगवाई गई थी।
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अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में वार्षिक परीक्षा चल रही है। बुधवार को पैरेंट्स बच्चों को विद्यालय में छोड़ कर आ गए। स्कूल प्रबंधन ने तब उन्हें कुछ नहीं कहा। अभिभावकों के लौट जाने के बाद जून तक की फीस जमा न करने पर बच्चों को क्लास के बाहर ही रोक दिया।
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अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को स्कूल के मैदान में मुर्गा भी बनाया गया। बच्चों को परीक्षा से रोके जाने की भनक अभिभावकों को लगी तो कई पैरेंट्स स्कूल पहुंचे। अभिभावक अमित त्यागी का कहना है कि उन लोगों ने बच्चों की फीस फरवरी तक की जमा करा रखी है।
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स्कूल प्रबंधन द्वारा जून तक की फीस मांगी जा रही थी, जिसका उन लोगों ने विरोध किया। स्कूल में बड़ी संख्या में अभिभावकों के पहुंचने और हंगामे के बाद स्कूल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। बाद में स्कूल प्रबंधन ने फीस के लिए बच्चों को कुछ न कहने की बात कही।
दूसरी ओर स्कूल के डायरेक्टर पृथ्वी सिंह ने बताया कि अभिभावकों के आरोप निराधार हैं। अभिभावकों पर कई महीनों की फीस बकाया है। इसलिए बुधवार को बच्चों को फीस जमा कराने के लिए चेतावनी दी गई।
किसी भी बच्चे को परीक्षा देने से नहीं रोका गया है और भविष्य में भी नहीं रोका जाएगा। पृथ्वी सिंह ने बताया कि अक्सर अभिभावक बच्चों की फीस रोक लेते हैं और परीक्षा करा कर बच्चों को स्कूल से निकाल लेते हैं। इसी वजह से बच्चों से फीस मंगवाई गई थी।