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Ghaziabad News: इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत, दो वर्ष बाद डॉक्टर पर प्राथमिकी दर्ज
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साहिबाबाद। टीलामोड़ थानाक्षेत्र के डिफेंस कॉलोनी में संचालित विराट हेल्थ सेंटर व हॉस्पिटल के मालिक डॉ. जितेंद्र मलिक के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कार्रवाई दो वर्ष बाद कोर्ट के आदेश से पांच जनवरी को लोनी के कावेरी सिटी फेज दो निवासी नगीना ठाकुर की तहरीर पर हुई है। आरोप है कि वर्ष 2023 में पीड़ित के 13 वर्षीय बेटे के इलाज में चिकित्सक ने लापरवाही बरतते हुए गलत दवाएं दीं। इस वजह से बच्चे की मौत हो गई। पुलिस की तरफ से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई थी।
दर्ज मामले में नगीना ठाकुर ने बताया कि उनके बेटे राहुल ठाकुर (13) की 23 सितंबर 2023 को हल्के बुखार की शिकायत थी। बेटे को लेकर वह विराट हेल्थ सेंटर पहुंचे और यहां डॉ. जितेंद्र मलिक को दिखाया। तब चिकित्सक ने बच्चे को भर्ती कर लिया और दवाएं देना शुरू कर दीं।
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उन्होंने बेटे को सामान्य दवाएं देने और डिस्चार्ज करने की बात कही। आरोप है कि चिकित्सक ने उन्हें ज्यादा हालत खराब होने की बात कहकर डरा दिया। खुद को विशेषज्ञ बताते हुए आरोपी ने 50 हजार रुपये का इंतजाम करने की बात कही। वह बेटे को लगातार गलत दवाएं देते रहे। इससे तबीयत और बिगड़ती चली गई। देखभाल और इलाज दोनों में ही लापरवाही बरती जा रही थी। 26 सितंबर 2023 को तबीयत ज्यादा खराब होने पर वह बेटे को दिल्ली के जैन न्यूरो हॉस्पिटल ले गए, लेकिन यहां भी कोई फायदा नहीं हुआ। यहां से 28 सितंबर 2023 को एम्स ले गए, लेकिन वहां बच्चे को भर्ती नहीं किया गया और सफदरजंग ले जाने पर देर रात करीब 10:30 बजे उसकी मौत हो गई।
इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पीड़ित के लगाए आरोपों से जुड़े साक्ष्य तलाशे गए हैं। अस्पताल के दस्तावेजी रिकॉर्ड और भर्ती करने व दी गई दवाओं की जांच की जा रही है। आरोपी को नोटिस भी भेजा गया है।
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कार्रवाई दो वर्ष बाद कोर्ट के आदेश से पांच जनवरी को लोनी के कावेरी सिटी फेज दो निवासी नगीना ठाकुर की तहरीर पर हुई है। आरोप है कि वर्ष 2023 में पीड़ित के 13 वर्षीय बेटे के इलाज में चिकित्सक ने लापरवाही बरतते हुए गलत दवाएं दीं। इस वजह से बच्चे की मौत हो गई। पुलिस की तरफ से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई थी।
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दर्ज मामले में नगीना ठाकुर ने बताया कि उनके बेटे राहुल ठाकुर (13) की 23 सितंबर 2023 को हल्के बुखार की शिकायत थी। बेटे को लेकर वह विराट हेल्थ सेंटर पहुंचे और यहां डॉ. जितेंद्र मलिक को दिखाया। तब चिकित्सक ने बच्चे को भर्ती कर लिया और दवाएं देना शुरू कर दीं।
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उन्होंने बेटे को सामान्य दवाएं देने और डिस्चार्ज करने की बात कही। आरोप है कि चिकित्सक ने उन्हें ज्यादा हालत खराब होने की बात कहकर डरा दिया। खुद को विशेषज्ञ बताते हुए आरोपी ने 50 हजार रुपये का इंतजाम करने की बात कही। वह बेटे को लगातार गलत दवाएं देते रहे। इससे तबीयत और बिगड़ती चली गई। देखभाल और इलाज दोनों में ही लापरवाही बरती जा रही थी। 26 सितंबर 2023 को तबीयत ज्यादा खराब होने पर वह बेटे को दिल्ली के जैन न्यूरो हॉस्पिटल ले गए, लेकिन यहां भी कोई फायदा नहीं हुआ। यहां से 28 सितंबर 2023 को एम्स ले गए, लेकिन वहां बच्चे को भर्ती नहीं किया गया और सफदरजंग ले जाने पर देर रात करीब 10:30 बजे उसकी मौत हो गई।
इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पीड़ित के लगाए आरोपों से जुड़े साक्ष्य तलाशे गए हैं। अस्पताल के दस्तावेजी रिकॉर्ड और भर्ती करने व दी गई दवाओं की जांच की जा रही है। आरोपी को नोटिस भी भेजा गया है।