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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देेकर की 26.38 लाख की ठगी
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गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर इंदिरामुरम थाना क्षेत्र के कारोबारी हरि गोविंद राव से 21 लाख और संजीव सचदेवा से 5.38 लाख रुपये ठग लिए। दोनोें पीड़ितों ने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
वसुंधरा निवासी हरिगोविंद रावत ने बताया कि वह प्रिंटर रिपयेरिंग का कारोबार करते हैं। 10 दिसंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में 131 सदस्य जुड़े हुए थे।
ग्रुप में खुद को प्रोफेसर सेथुरत्नम रवि बताने वाले युवक ने ऑनलाइन वीडियो के जरिए शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में पैसा निवेश करने और मुनाफा कमाने का प्रशिक्षण दिया। इसके बद उन्हें आदित्य बिड़ला नाम के एक ग्रुप से उन्हें जोड़ा गया और रुपये निवेश करने की बात कही। अलग-अलग कंपनियों के शेयर में उन्होंने लाखों रुपये निवेश किए। उन्हें डी-मैट एकाउंट पर मुनाफा दर्शाया जा रहा था।
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इसके बाद अइयाना जोसेफ नाम की महिला ने डी-मैट एकाउंट को निम्न बताया और बड़े मुनाफे के लिए उन्हें एपल स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर एबीसीआईसी एप से जोड़ा। उन्होंने डी-मैट अकाउंट से रुपये निकालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। हरि गोविंद रावत ने बताया कि उन्होंने अपने और पत्नी विनीता रावत के बैंक खातों से रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
.....
45 हजार के चक्कर में गंवाए 5.38 लाख
नीतिखंड कालोनी निवासी संजीव सचदेव फोटो और वीडियोग्राफी का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में उनके मोबाइल पर ठगों ने लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड कराया। एप पर एक फार्म भेजा और उसमें बैंक डिटेल और मोबाइल नंबर मांगा। इसके बाद शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश कदाया। उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के बैंक खाते से धनराशि निवेश की। शुरुआत में उन्होंने 45 हजार रुपये भी डी-मैट अकाउंट से निकाले। इसके बाद उन्हें बड़े निवेश और बड़ा मुनाफे का लालच दिया गया। पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में पांच लाख 38 हजार 600 रुपये निवेश कर दिए। डी-मैट अकाउंट से मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई।
दोनों ही पीड़ितों से शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर ठगी की गई है। पीड़ितों ने ट्रांसफर की धनराशि के बैंक डिटेल्स सौंपी हैं, जिनकी जांच की जा रही है। - सच्चिदानंद राय, एडीसीपी अपराध
शेयर ट्रेडिंग से ऐसे बचें
-एप और वेबसाइट के माध्यम से निवेश करते समय जांच लें कि वे प्लेटफॉर्म असली हैं या नकली। असली ब्रोकर कंपनियां या एप के पास सेबी का लाइसेंस होता है। जो कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड न हों, वहां निवेश न करें।
-किसी कंपनी का एग्जिक्यूटिव अगर निवेश के लिए कोई ऐसा एप डाउनलोड करने को कहे जो प्ले स्टोर पर न हो और उसके लिए एपीके फाइल डाउनलोड करनी पड़े तो ऐसा न करें। प्ले स्टोर या एप स्टोर में लिस्टेड एप को ही डाउनलोड करें।
-ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें जो कम समय में ज्यादा रिटर्न का वादा करते हैं।
-अपना पासवर्ड और ओटीपी किसी को न बताएं या साझा न करें।
-अपने डीमैट अकाउंट का पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें।
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वसुंधरा निवासी हरिगोविंद रावत ने बताया कि वह प्रिंटर रिपयेरिंग का कारोबार करते हैं। 10 दिसंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में 131 सदस्य जुड़े हुए थे।
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ग्रुप में खुद को प्रोफेसर सेथुरत्नम रवि बताने वाले युवक ने ऑनलाइन वीडियो के जरिए शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में पैसा निवेश करने और मुनाफा कमाने का प्रशिक्षण दिया। इसके बद उन्हें आदित्य बिड़ला नाम के एक ग्रुप से उन्हें जोड़ा गया और रुपये निवेश करने की बात कही। अलग-अलग कंपनियों के शेयर में उन्होंने लाखों रुपये निवेश किए। उन्हें डी-मैट एकाउंट पर मुनाफा दर्शाया जा रहा था।
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इसके बाद अइयाना जोसेफ नाम की महिला ने डी-मैट एकाउंट को निम्न बताया और बड़े मुनाफे के लिए उन्हें एपल स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर एबीसीआईसी एप से जोड़ा। उन्होंने डी-मैट अकाउंट से रुपये निकालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। हरि गोविंद रावत ने बताया कि उन्होंने अपने और पत्नी विनीता रावत के बैंक खातों से रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
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45 हजार के चक्कर में गंवाए 5.38 लाख
नीतिखंड कालोनी निवासी संजीव सचदेव फोटो और वीडियोग्राफी का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में उनके मोबाइल पर ठगों ने लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड कराया। एप पर एक फार्म भेजा और उसमें बैंक डिटेल और मोबाइल नंबर मांगा। इसके बाद शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश कदाया। उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के बैंक खाते से धनराशि निवेश की। शुरुआत में उन्होंने 45 हजार रुपये भी डी-मैट अकाउंट से निकाले। इसके बाद उन्हें बड़े निवेश और बड़ा मुनाफे का लालच दिया गया। पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में पांच लाख 38 हजार 600 रुपये निवेश कर दिए। डी-मैट अकाउंट से मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई।
दोनों ही पीड़ितों से शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर ठगी की गई है। पीड़ितों ने ट्रांसफर की धनराशि के बैंक डिटेल्स सौंपी हैं, जिनकी जांच की जा रही है। - सच्चिदानंद राय, एडीसीपी अपराध
शेयर ट्रेडिंग से ऐसे बचें
-एप और वेबसाइट के माध्यम से निवेश करते समय जांच लें कि वे प्लेटफॉर्म असली हैं या नकली। असली ब्रोकर कंपनियां या एप के पास सेबी का लाइसेंस होता है। जो कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड न हों, वहां निवेश न करें।
-किसी कंपनी का एग्जिक्यूटिव अगर निवेश के लिए कोई ऐसा एप डाउनलोड करने को कहे जो प्ले स्टोर पर न हो और उसके लिए एपीके फाइल डाउनलोड करनी पड़े तो ऐसा न करें। प्ले स्टोर या एप स्टोर में लिस्टेड एप को ही डाउनलोड करें।
-ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें जो कम समय में ज्यादा रिटर्न का वादा करते हैं।
-अपना पासवर्ड और ओटीपी किसी को न बताएं या साझा न करें।
-अपने डीमैट अकाउंट का पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें।