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Ghaziabad News: चाय की दुकानों पर जमने लगा राजनीति का अखाड़ा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 18 Mar 2024 01:23 AM IST
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Challenge for political parties to conquer the fort in 39 days
गाजियाबाद। होली की तैयारियों के बीच लोकसभा चुनाव का रंग भी लोगों पर खूब चढ़ रहा है। टेलीविजन पर चलने वाली राजनीतिक दलों जैसी बहस बाजार-चौराहे और चाय की दुकानों पर हो रही है। मतदान की तारीख घोषित होने के बाद लोग यहां जीत-हार का गणित लगा रहे हैं। रविवार को राजनगर आरडीसी में प्रिंस टी स्टॉल पर जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो लोग चुनाव का अखाड़ा जमाकर चर्चा करते दिखे। कोई गाजियाबाद में राजनीतिक दलों के दावेदारों पर तो कोई चुनाव में मिलने वाली सीटों पर अपने-अपने दावे करते सुना गया।
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आरडीसी में रविवार को फुर्सत से बैठकर चाय की चुस्की ले रहे लोगों का कहना था कि छठे और सातवें चरण में होने वाले मतदान के लिए लोकसभा प्रत्याशी घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन दूसरे चरण में होने वाले चुनाव के लिए किसी भी दल ने अभी तक उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। युवा प्रिंस राठौर ने कहा कि इस बार एक महीने तक पूरा चुनावी माहौल बना रहेगा, जो कभी नहीं मिलते थे अब वो वोट मांगने पहुंच जाएंगे। इस बार एकतरफा चुनाव रहेगा, तभी चाय की चुस्की लेते हुए सुमित ने कहा कि भाई पहले चरण में मतदान होने पर शहर के अधिकारी और कर्मचारी जल्दी फ्री हो जाते थे।
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आम लोगों को काम कराने में भटकना नहीं पड़ता था। जो भी हो चुनाव इस बार कांटे का होगा। वहीं, पास में खड़े नितिन शर्मा कहते हैं कि किस दल से कौन प्रत्याशी रहेगा, पार्टियां पत्ते नहीं खोल रही हैं। प्रत्याशी के मैदान में उतरने के बाद ही तय करेंगे कि किसे वोट देना है। विक्रांत चौहान बात काटते हुए कहते हैं कि इस बार कई नए चेहरों पर पार्टियां दांव लगा सकती हैं। भाजपा से सपा- कांग्रेस गठबंधन का सीधा मुकाबला होगा। पिछले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पहली ही लिस्ट में गाजियाबाद से प्रत्याशी घोषित कर दिया था। इस बार कुछ गड़बड़ लग रहा है।
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चाय का कुल्हड़ हाथ में पकड़े हुए रमेश कुमार कहते हैं कि परिणाम कुछ भी हो, लेकिन इस बार का चुनाव रोचक रहेगा। मजेदार बात यह रहेगी कि जिसके पास कोई काम नहीं है वह भी एक महीने व्यस्त रहेगा। तभी राजनीतिक अखाड़े में बैठे अमित कुमार मोबाइल स्क्रीन पर राजनीतिक दल का गीत सुनाते हैं ओर कहते हैं सभी पर चुनावी रंग चढ़ चुका है।
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