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शहर की आबोहवा बिगाड़ रहा निगम का कचरा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 24 Jan 2017 10:43 PM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। नगर निगम का कूड़ा शहर की आबोहवा को प्रदूषित कर रहा है। प्रतिदिन घरों से निकलने वाले 900 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण न होने से फिजाओं में ‘जहर’ घुल रहा है। एनजीटी की सख्ती के बाद अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने भी इस पर आपत्ति जताई है।
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उन्होंने नगर निगम के साथ-साथ एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भी पत्र भेजकर कूड़ा निस्तारण का इंतजाम कराने को कहा है। बीते दिनों एमनेस्टी संस्था की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में गाजियाबाद का नाम प्रदूषित शहरों में इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ, बरेली से ऊपर है।
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चंद वर्षों में ही यहां प्रदूषण का स्तर चार गुना तक बढ़ गया है। हालांकि इसके लिए बड़ी वजह ट्रैफिक और कंस्ट्रक्शन साइट्स हैं, लेकिन नगर निगम भी प्रमुख कारण है। यहां न तो सड़कें साफ रहती हैं और न ही कचरे का निस्तारण हो पा रहा है। ऐसे में कचरा खुले में सड़ने से निकलने वाली खतरनाक गैसें वायुमंडल में मिलकर प्रदूषण कर रही हैं।
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छह माह के प्रदूषण स्तर का डाटा
साहिबाबाद
माह पीएम10 एसओ2 एनओ2
अगस्त 157 12 22
सितंबर 179 10.5 24.2
अक्तूबर 227 19 33
नवंबर 319 19.8 30.8
दिसंबर 260 19.4 30.1
बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र
अगस्त 145 11 22
सितंबर 158 9.7 21.3
अक्तूबर 202 16 29
नवंबर 260 14 28
दिसंबर 230 13.6 27.5
अधिकारी बोले
कूड़ा निस्तारण के लिए 300 मीट्रिक टन का एक प्लांट तैयार कर चालू करा दिया गया है। गालंद में बड़ा प्लांट लगाने के लिए जीडीए से जमीन मांगी जा रही है। कूड़ा लिफ्टिंग की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी गई है, ताकि सड़कों पर कचरा न पड़ा रहे। कूड़े की गाड़ियों को कवर करके लिफ्टिंग कराई जा रही है। -डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त