फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Cases of 32 societies pending in court for three years, no fire fighting arrangements

Ghaziabad News: तीन वर्ष से 32 सोसायटियों का मामला न्यायालय में, आग के नहीं इंतजाम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
Cases of 32 societies pending in court for three years, no fire fighting arrangements
साहिबाबाद। जनपद की एक दो नहीं बल्कि 32 सोसायटियों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम न होने का मामला अदालत में विचाराधीन है। इस वजह से न तो आरडब्ल्यूए ने इंतजामों को अग्निशमन विभाग के मुताबिक दुरुस्त किया और न ही अग्निशमन विभाग ने इन सोसायटियों की सुध ली है। इन सोसायटियों में यदि गौर ग्रीन एवेन्यू की तरह कोई हादसा होता है तो आरडब्ल्यूए से लेकर जिला प्रशासन तक बस तबाही का मंजर ही देखते रह जाएंगे।
विज्ञापन

दरअसल, राजनगर एक्सटेंशन की 10, क्राॅसिंग्स रिपब्लिक की 8, कौशांबी की छह और इंदिरापुरम की 2 सोसायटी के साथ ही वैशाली, वसुंधरा, मोहन नगर, साहिबाबाद और गाजियाबाद की एक-दो सोसायटी शामिल हैं। इन सभी सोसायटी का मामला वर्ष 2022-2023 से ही कोर्ट में है। कई वर्षों में न तो कोई फैसला ही आ सका है और न ही सोसायटियों ने अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त की हैं। इन सोसायटियों में रहने वाले करीब एक लाख से अधिक लोगों की जान खतरे में हैं।
विज्ञापन

----
यह है मामला
सोसायटियों में आग से पर्याप्त इंतजाम न होने पर दमकल विभाग ने इन्हें नोटिस जारी किए थे। कई नोटिस के बावजूद जब बिल्डर और आरडब्ल्यूए ने इंतजाम नहीं किए तो दमकल विभाग की ओर से न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई। अब जब तक मामला न्यायालय में है तब तक दमकल विभाग सोसायटी प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या बोले अधिकारी
नोटिस के बावजूद मानक पूरे न करने पर सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की जा चुकी है। छह सोसायटियों पर जुर्माना भी लगाया गया। अभी दमकल विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। सोसायटियों में व्यवस्थाएं बनाने के आदेश कोर्ट की तरफ से ही होगा, फैसला आने पर दमकल विभाग कोर्ट आदेश पर आगे की कोई प्रक्रिया कर सकेगा। राहुल पाल, जिला मुख्य अग्निशमन अधिकारी

---
इन सोसायटियों का मामला न्यायालय में
शालीमार सिटी, ऑक्सी होम सोसायटी, गुलमोहर ग्रीन मोहन नगर, केडीपी ग्रांड सवाना, रीवर हाइट, सेवियर ग्रीन, मिगसन होम सोसायटी, कौशांबी, औरा काइमेरा, ऑफिसर सिटी-एक, बालमुकुंद रेजिडेंसी, अजनारा ग्रीन, अजनारा इंटीग्रिटी, अजनारा जैन, एक्स प्लॉट नंबर जीएच-7, डूंडाहेड़ा, मैरियम रेजिडेंसी-एक, क्राॅसिंग्स रिपब्लिक, मैरियम रेजिडेंसी-2, क्रासिंग्स रिपब्लिक, गौड़ होम्स, गोविंदपुरम, ऐरोकाना गोल्फ विले, पंचशील प्राइमरोज, देविका स्काइपर्स, बांके बिहारी शरणम, राजनगर एक्सटेंशन, सुपरटेक वैशाली सेक्टर-9, केएम रेजीडेंसी, सुपरटेक लीविंगस्टन, पंचशील वैलिंगटन, एजेंल मर्करी, इंदिरापुरम, शिप्रा कृष्णा विस्टा, अरावली टावर,कौशांबी, कामदगिरी टावर कौशांबी, मलयगिरी टावर, कौशांबी, पंचमढ़ी टावर कौशांबी, कैलाश एवं त्रिशूल टावर, गार्डेनिया ग्लैमर वसुंधरा सेक्टर-3 आदि सोसायटी का मामला अदालत में हैं।
------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed