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Ghaziabad News: अगले साल जुलाई से सभी वाहनों पर रहेगी कैमरों की नजर
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गाजियाबाद। शहर की सड़कों पर यातायात नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है। अगले साल जुलाई से सभी वाहनों पर कैमरों से नजर रखी जाएगी। सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में तीन कंपनियों ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) योजना का लाइव डेमो दिया। नगर निगम अधिकारियों की माने तो 15 दिनों में कंपनी का चयन कर लिया जाएगा और अगले एक महीने में चौराहों पर कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
शहर के 41 चौराहों पर आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। आईटीएमएस को लेकर गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में तकनीकी बिड का काम सोमवार को योजना के लिए बनाई गई समिति की देखरेख में पूरा हो गया। नोएडा की एफकॉन कंपनी, मध्यप्रदेश की टेक्नोसिस और दिल्ली की वैक्सी कंपनी ने तकनीकी बिड में हिस्सा लिया। तीनों ही कंपनियों को शहर के तीन अलग-अलग चौराहे आवंटित किए गए। इनमें हापुड़ चुंगी, वसुंधरा का बुद्ध चौक और सेठ मुकुंदलाल चौराहा शामिल रहा।
इन चौराहों पर इन कंपनियों ने अपने कैमरे इंस्टॉल कर नगर निगम मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से लाइव डेमो दिया। तीनों ही कंपनियों ने लाइव डेमो के माध्यम से चौराहों पर नियम तोड़ने वाले वाहनों को कैमरों में कैद करने से लेकर यातायात अधिनियम के तहत चालान कटने तक कार्रवाई की जानकारी समिति को दी। डेमो के जरिये दिखाया गया कि किस तरह लालबत्ती पार करने पर रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरे और गति सीमा का उल्लंघन करने पर ओवर स्पीड वायलेशन डिटेक्शन कैमरे वाहनों पर नजर रखेंगे। साथ ही, आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनाइजेशन कैमरे से वाहन और वाहन स्वामियों की पहचान कर पाना आसान होगा। इस दौरान समिति के सदस्य नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ.संतोष, सहायक पुलिस आयुक्त, नगर निगम, ऊर्जा निगम और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता मौजूद रहे।
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-निगम में बनाया जा रहा कंट्रोल रूम-
नगर निगम मुख्यालय परिसर में ही आईटीएमएस के लिए नया कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। इमारत का ढांचा बनकर तैयार हो गया है। निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसी कंट्रोल रूम से पूरे शहर में कैमरों से नजर रखने का काम किया जाएगा। तकनीकी टीम, सिविल व यातायात पुलिस के कर्मचारी यहां तैनात रहेंगे।
आईटीएमएस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। तीन कंपनियों ने डेमो दिया है, जिसके अंक सबसे ज्यादा होंगे उसको आगे बढ़ाने का कार्य समिति करेगी। इस पूरी प्रक्रिया को अगले 10 से 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। जिस कंपनी को काम सौंपा जाएगा, उसे 9 से 10 महीने में काम पूरा करना होगा। उम्मीद है कि अगले साल जून या जुलाई तक चौराहों पर कैमरों से निगरानी रखने का काम शुरू हो जाएगा। -विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त।
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शहर के 41 चौराहों पर आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। आईटीएमएस को लेकर गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में तकनीकी बिड का काम सोमवार को योजना के लिए बनाई गई समिति की देखरेख में पूरा हो गया। नोएडा की एफकॉन कंपनी, मध्यप्रदेश की टेक्नोसिस और दिल्ली की वैक्सी कंपनी ने तकनीकी बिड में हिस्सा लिया। तीनों ही कंपनियों को शहर के तीन अलग-अलग चौराहे आवंटित किए गए। इनमें हापुड़ चुंगी, वसुंधरा का बुद्ध चौक और सेठ मुकुंदलाल चौराहा शामिल रहा।
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इन चौराहों पर इन कंपनियों ने अपने कैमरे इंस्टॉल कर नगर निगम मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से लाइव डेमो दिया। तीनों ही कंपनियों ने लाइव डेमो के माध्यम से चौराहों पर नियम तोड़ने वाले वाहनों को कैमरों में कैद करने से लेकर यातायात अधिनियम के तहत चालान कटने तक कार्रवाई की जानकारी समिति को दी। डेमो के जरिये दिखाया गया कि किस तरह लालबत्ती पार करने पर रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरे और गति सीमा का उल्लंघन करने पर ओवर स्पीड वायलेशन डिटेक्शन कैमरे वाहनों पर नजर रखेंगे। साथ ही, आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनाइजेशन कैमरे से वाहन और वाहन स्वामियों की पहचान कर पाना आसान होगा। इस दौरान समिति के सदस्य नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ.संतोष, सहायक पुलिस आयुक्त, नगर निगम, ऊर्जा निगम और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता मौजूद रहे।
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-निगम में बनाया जा रहा कंट्रोल रूम-
नगर निगम मुख्यालय परिसर में ही आईटीएमएस के लिए नया कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। इमारत का ढांचा बनकर तैयार हो गया है। निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसी कंट्रोल रूम से पूरे शहर में कैमरों से नजर रखने का काम किया जाएगा। तकनीकी टीम, सिविल व यातायात पुलिस के कर्मचारी यहां तैनात रहेंगे।
आईटीएमएस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। तीन कंपनियों ने डेमो दिया है, जिसके अंक सबसे ज्यादा होंगे उसको आगे बढ़ाने का कार्य समिति करेगी। इस पूरी प्रक्रिया को अगले 10 से 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। जिस कंपनी को काम सौंपा जाएगा, उसे 9 से 10 महीने में काम पूरा करना होगा। उम्मीद है कि अगले साल जून या जुलाई तक चौराहों पर कैमरों से निगरानी रखने का काम शुरू हो जाएगा। -विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त।