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Ghaziabad News: लूट के लिए की गई थी कारोबारी की हत्या...मोबाइल फोन से खुला रहस्य
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राजू श्रीवास्तव। फाइल फोटो
साहिबाबाद। टीला मोड़ क्षेत्र में आक्सी होम सोसायटी के पास सात अक्तूबर 2023 को आटो पार्ट्स कारोबारी राजू श्रीवास्तव (35) का शव मिलने के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा हो जाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि राजू की हत्या ऑटो गैंग के दो बदमाशों ने लूट के विरोध पर की थी, जिनमें से शुभम (23) को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि जितेंद्र उर्फ जीतू (35) मोबाइल फोन लूट के अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद है। दोनों ने 20 हजार की नकदी के साथ राजू का मोबाइल फोन भी लूट लिया था। मोबाइल फोन से मिले सुराग से ही पुलिस दोनों तक पहुंच गई।
डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि राजू श्रीवास्तव उस्मानपुर पुश्ता के निवासी थे और कश्मीरी गेट पर उनकी दुकान थी। हत्या के आरोपी दोनों बदमाश करावलनगर के रहने वाले हैं। शुभम ने पूछताछ में बताया कि वे आटो में बिठाकर सवारी को लूट लेते हैं। राजू की हत्या के बारे में उसने बताया कि वह उन्हें कश्मीरी गेट पर ऑटो तलाशते मिले थे। उन्होंने घर जाने के लिए कहा था।
शुभम का कहना था कि वह राजू के साथ सवारी बनकर बैठ गया था। जितेंद्र ऑटो चला रहा था। सुनसान जगह देखते ही जितेंद्र ने ऑटो रोक लिया और पीछे आ गया। उन दोनों ने राजू से 20,000 रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया। उन्होंने लूट का विरोध किया और शोर मचाने का प्रयास किया। इस पर उनका जोर से गला दबा दिया। इसी से उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को ऑटो में रखकर लाए और आक्सी होम सोसायटी के पास सुनसान जगह पर फेंककर चले गए। मोबाइल से सिम कार्ड निकाल दिया था और इसे राजू की जेब में रख दिया था। उन्हें डर था कि सिम कार्ड के जरिए पुलिस उन तक पहुंच सकती है।
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जुड़ती चली गई कड़ी से कड़ी
सात अक्तूबर को राजू के घर न पहुंचने पर पत्नी शशि श्रीवास्तव ने कश्मीरी गेट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस से गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में शव मिलने का पता चलने पर वह 17 अक्तूबर को यहां पहुंची। कपड़ों और फोटो के आधार पर शव की पहचान की।
शशि ने पुलिस को बताया कि पति का मोबाइल फोन भी लूटा गया है। पुलिस ने सर्विलांस से चेक कराया तो पता चला कि मोबाइल चल रहा है। यह शानू नाम के युवक के पास मिला। पुलिस शानू के पास पहुंची। उसने बताया कि उसे उसकी भाभी ने दिया है। भाभी ने कहा कि उसे बहनोई ने दिया है।
बहनोई तिहाड़ जेल में बंद था। पुलिस उससे मिलने पहुंची। उससे पता चला कि उसने शुभम और जितेंद्र से 800 रुपये में खरीदा है। शुभम और जितेंद्र के बारे में पता किया तो वे लूट के एक मामले में जेल में बंद मिले।
30 मार्च को शुभम की जमानत हो गई। पुलिस का कहना है कि उसे भोपुरा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने सात अक्तूबर 2023 को राजू श्रीवास्तव की हत्या करना कुबूल कर लिया है। उसे जेल भेज दिया गया है।
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डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि राजू श्रीवास्तव उस्मानपुर पुश्ता के निवासी थे और कश्मीरी गेट पर उनकी दुकान थी। हत्या के आरोपी दोनों बदमाश करावलनगर के रहने वाले हैं। शुभम ने पूछताछ में बताया कि वे आटो में बिठाकर सवारी को लूट लेते हैं। राजू की हत्या के बारे में उसने बताया कि वह उन्हें कश्मीरी गेट पर ऑटो तलाशते मिले थे। उन्होंने घर जाने के लिए कहा था।
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शुभम का कहना था कि वह राजू के साथ सवारी बनकर बैठ गया था। जितेंद्र ऑटो चला रहा था। सुनसान जगह देखते ही जितेंद्र ने ऑटो रोक लिया और पीछे आ गया। उन दोनों ने राजू से 20,000 रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया। उन्होंने लूट का विरोध किया और शोर मचाने का प्रयास किया। इस पर उनका जोर से गला दबा दिया। इसी से उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को ऑटो में रखकर लाए और आक्सी होम सोसायटी के पास सुनसान जगह पर फेंककर चले गए। मोबाइल से सिम कार्ड निकाल दिया था और इसे राजू की जेब में रख दिया था। उन्हें डर था कि सिम कार्ड के जरिए पुलिस उन तक पहुंच सकती है।
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जुड़ती चली गई कड़ी से कड़ी
सात अक्तूबर को राजू के घर न पहुंचने पर पत्नी शशि श्रीवास्तव ने कश्मीरी गेट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस से गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में शव मिलने का पता चलने पर वह 17 अक्तूबर को यहां पहुंची। कपड़ों और फोटो के आधार पर शव की पहचान की।
शशि ने पुलिस को बताया कि पति का मोबाइल फोन भी लूटा गया है। पुलिस ने सर्विलांस से चेक कराया तो पता चला कि मोबाइल चल रहा है। यह शानू नाम के युवक के पास मिला। पुलिस शानू के पास पहुंची। उसने बताया कि उसे उसकी भाभी ने दिया है। भाभी ने कहा कि उसे बहनोई ने दिया है।
बहनोई तिहाड़ जेल में बंद था। पुलिस उससे मिलने पहुंची। उससे पता चला कि उसने शुभम और जितेंद्र से 800 रुपये में खरीदा है। शुभम और जितेंद्र के बारे में पता किया तो वे लूट के एक मामले में जेल में बंद मिले।
30 मार्च को शुभम की जमानत हो गई। पुलिस का कहना है कि उसे भोपुरा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने सात अक्तूबर 2023 को राजू श्रीवास्तव की हत्या करना कुबूल कर लिया है। उसे जेल भेज दिया गया है।