{"_id":"695ac37fba64fcf4b9014777","slug":"burning-e-waste-is-causing-pollution-causing-problems-for-people-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-14076-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: ई-कचरा जलाने से फैल रहा प्रदूषण, लोगों को हो रही परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: ई-कचरा जलाने से फैल रहा प्रदूषण, लोगों को हो रही परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोनी। ट्रॉनिका सिटी यूपीएसआईडीसी की दीवार के बगल में ई-कचरा जलाया जा रहा है। अगरौला गांव में रहने वाले सत्येंद्र बंसल ने मामले में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और अधिकारी आंख बंद करके बैठे हैं।
पुलिस आयुक्त को दिए पत्र में लोगों ने आरोप लगाए हैं कि ट्रॉनिका सिटी में ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) को जलाया जा रहा है। सत्येंद्र बंसल ने बताया कि हमारे क्षेत्र में ट्रॉनिका सिटी में फैक्टरी से निकले ई-वेस्ट को एकत्र कर खुले में जलाया जा रहा है। इससे विषैली गंध एवं हानिकारक गैस पर्यावरण में फैल रही है।
क्षेत्र के लोगों को भी स्वास्थ्य का खतरा पैदा हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा है। खांसी, गले में जलन, आंखों में जलन एवं अन्य सांस संबंधी रोग हो रहे हैं। बताया कि यह कार्य भारत सरकार के ई-वेस्ट प्रबंधन नियम 2016 व वायु प्रदूषण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन है। पत्र लिखकर लोगों ने ई-वेस्ट जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस आयुक्त को दिए पत्र में लोगों ने आरोप लगाए हैं कि ट्रॉनिका सिटी में ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) को जलाया जा रहा है। सत्येंद्र बंसल ने बताया कि हमारे क्षेत्र में ट्रॉनिका सिटी में फैक्टरी से निकले ई-वेस्ट को एकत्र कर खुले में जलाया जा रहा है। इससे विषैली गंध एवं हानिकारक गैस पर्यावरण में फैल रही है।
विज्ञापन
क्षेत्र के लोगों को भी स्वास्थ्य का खतरा पैदा हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा है। खांसी, गले में जलन, आंखों में जलन एवं अन्य सांस संबंधी रोग हो रहे हैं। बताया कि यह कार्य भारत सरकार के ई-वेस्ट प्रबंधन नियम 2016 व वायु प्रदूषण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन है। पत्र लिखकर लोगों ने ई-वेस्ट जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन