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40 दिन के मासूम का अपहरण: काले चश्मे और मास्क के पीछे चाची ने खेला घिनौना खेल, ऐसे सामने आई असलियत

Tue, 06 Jul 2021 06:41 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 06 Jul 2021 06:41 PM IST
सार

आरोपियों ने मासूम के दादा को घर से रूई लाने के लिए भेजा और वृद्ध के लौटने से पूर्व ही आरोपी मौके से मासूम को अपने साथ अगवा कर ले गए।

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Bulandshahr 40 days old baby girl was kidnapped by her aunt as she was not having kids and she wanted to raise her
चाची ने किया 40 दिन की मासूम का अपहरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुलंदशहर के अनूपशहर में पुलिस ने आठ घंटे के अंदर ही 40 दिन के अगवा मासूम को बरामद कर लिया। पुलिस ने गाजियाबाद से मासूम की चाची व उसके साथी के कब्जे से बच्चे को बरामद कर लिया। दरअसल चाची ने संतान न होने की वजह से बच्चे को पालने के लिए उसका अपहरण किया था। पुलिस ने बच्चा बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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टीका लगाने का झांसा देकर 40 दिन के मासूम का अपहरण
अनूपशहर गांव डूंगरा जोगी से सोमवार दोपहर कार सवार एक महिला व एक व्यक्ति ने 40 दिन के मासूम बच्चे का टीकाकरण करने के नाम पर अपहरण कर लिया। आरोपियों ने मासूम के दादा को घर से रूई लाने के लिए भेजा और वृद्ध के लौटने से पूर्व ही आरोपी मौके से मासूम को अपने साथ अगवा कर ले गए।
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स्विफ्ट कार से आई आरोपी महिला ने लगा रखा था चश्मा
गांव डूंगरा जोगी निवासी संजय शर्मा उर्फ संजीव पुत्र निरंजन लाल शर्मा ने तहरीर देकर बताया कि करीब 40 दिन पूर्व ही उनकी पत्नी ने बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया था। जिसके बाद वह जच्चा-बच्चा को लेकर गांव आ गए थे। बताया कि सोमवार दोपहर करीब पौने दो बजे एक स्विफ्ट कार गांव के बाहर मुख्य सड़क पर आकर रुकी। जिसमें से एक महिला मुंह पर कपड़ा बांधे हुए और आंखों पर चश्मा लगाए हुए उनके घर पहुंची।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बता टीका लगाने की कही बात
आरोपी महिला ने खुद को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बताया और बच्चे का टीकाकरण करने की बात कही। जिसके बाद संजय के पिता निरंजन अपने 40 दिन के मासूम पौत्र को गोद में लेकर आरोपियों की कार तक पहुंचे। जहां टीकाकरण करने से पूर्व आरोपी महिला ने कहा कि उनके पास रुई खत्म हो गई है और निरंजन को घर से रूई लाने के लिए भेज दिया और मासूम को अपने पास ही रख लिया। निरंजन जब तक रूई लेकर वापस लौटे तब तक आरोपी महिला व उसका साथी मासूम को कार से लेकर भाग निकले थे।

सूचना पर हरकत में आई पुलिस 
मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही एसपी देहात, सीओ डिबाई, थाना प्रभारी अनूपशहर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी। 

कार का नंबर यूपी-14 से शुरू, बताया लगी थी पीली प्लेट
परिजनों का कहना है कार का शुरूआती नंबर यूपी-14 था। जिससे साफ है कि आरोपियों के द्वारा लाई गई कार गाजियाबाद नंबर की थी। परिजन उसके अन्य नंबरों को नोट नहीं कर सके। क्योंकि, उन्हें यकीन था कि आरोपी महिला आंगनबाड़ी से ही आई थी।


दिव्यांग हैं मासूम के पिता और मां
अपहृत मासूम की मां और पिता शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। बताया गया कि इसी कारण संजय और उनकी पत्नी सुधा घर से खुद मासूम को लेकर आरोपियों की कार तक नहीं जा सके थे। संजय के पिता निरंजन मासूम को लेकर टीकाकरण के झांसे में आरोपियों को उसे सौंप आए थे।

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