{"_id":"635d85b01c7f196beb15f3ba","slug":"bulandshahar-ghaziabad-news-gbd246847477","type":"story","status":"publish","title_hn":"सस्ता मकान खरीदने वालों को लगा झटका, नहीं बनेंगे 873 पीएम आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सस्ता मकान खरीदने वालों को लगा झटका, नहीं बनेंगे 873 पीएम आवास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सस्ता मकान खरीदने वालों को लगा झटका, नहीं बनेंगे 873 पीएम आवास
गाजियाबाद। सस्ता मकान खरीदने वालों को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत 873 फ्लैटों का निर्माण समय से शुरू नहीं करने पर जीडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने सिग्नेचर ग्लोबल डेवलपर्स का प्रोजेक्ट निरस्त कर दिया है। समीक्षा बैठक करते हुए उपाध्यक्ष ने पीएम आवास बना रहे सभी बिल्डरों से 15 दिन में प्रगति आख्या मांगी है। निर्माण कार्य में लापरवाही या प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शनिवार को जीडीए में उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की प्रगति जानने के लिए अधिकारियों और बिल्डरों के साथ समीक्षा बैठक की। अधिकांश भवनों का निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूरा करने का निर्देश है।
शहर में 10,850 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया जाना हैं। इसमें जीडीए द्वारा पीएम आवास योजना के तहत 3496 भवनों का निर्माण करना है, जबकि निजी बिल्डरों द्वारा 7,354 भवनों का निर्माण किया जाना है। जीडीए ने अभी तक योजना के तहत 240 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण पूरा किया है। मधुबन-बापूधाम योजना में 856 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना है। जनवरी-2023 में इन भवनों का आवंटियों को एक साथ कब्जा दिया जाएगा।
विज्ञापन
इन स्थानों पर जीडीए कर रहा है निर्माण
नूरनगर में 480 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना हैं। इनका 25 फीसदी निर्माण हो पाया। निवाड़ी में 528 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना है। इनमें भवनों पर 15 फीसदी ही निर्माण कार्य हुआ है। प्रताप विहार योजना में 720 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कराना है। इनमें 15 फीसदी काम हो पाया है। मधुबन-बापूधाम के पहले 856 भवनों के अलावा डासना में कुल 426 भवनों का निर्माण कार्य जारी हैं। नूरनगर में 480 भवनों, प्रताप विहार में 720 भवनों और निवाड़ी में 528 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कार्य जारी हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि डासना में 432 भवनों को मिलाकर मार्च-2023 तक 3496 भवनों में लगभग 2000 भवनों पर आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा।
राजनगर में 2785 भवन का निर्माण करेंगे बिल्डर
निजी बिल्डरों की ओर से राजनगर एक्सटेंशन में छह प्रोजेक्ट में 2785 भवनों का निर्माण किया जाना हैं। एसीसी बिल्डर ने पीएम आवास प्रोजेक्ट में 252 भवन, महालक्ष्मी बिल्डर के प्रोजेक्ट में 946, एटीएस के प्रोजेक्ट में 789, जय अंबे बिल्डर के प्रोजेक्ट में 147 और अजनारा बिल्डर के प्रोजेक्ट में 318 पीएम आवास शामिल हैं। वहीं एक अन्य निजी बिल्डर के प्रोजेक्ट में 333 पीएम आवास हैं।
36 हजार से घटकर 10,850 रह गया लक्ष्य
जनवरी 2018 में जीडीए को शासन से 36 हजार पीएम आवास बनाने का लक्ष्य मिला। जिसे 2019 में आते आते 19,500 कर दिया। कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने के प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिलने एवं जमीन नहीं मिल पाने की वजह से वर्ष-2021 में भवनों का लक्ष्य घटकर 10,850 रह गया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। सस्ता मकान खरीदने वालों को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत 873 फ्लैटों का निर्माण समय से शुरू नहीं करने पर जीडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने सिग्नेचर ग्लोबल डेवलपर्स का प्रोजेक्ट निरस्त कर दिया है। समीक्षा बैठक करते हुए उपाध्यक्ष ने पीएम आवास बना रहे सभी बिल्डरों से 15 दिन में प्रगति आख्या मांगी है। निर्माण कार्य में लापरवाही या प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शनिवार को जीडीए में उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की प्रगति जानने के लिए अधिकारियों और बिल्डरों के साथ समीक्षा बैठक की। अधिकांश भवनों का निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूरा करने का निर्देश है।
विज्ञापन
शहर में 10,850 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया जाना हैं। इसमें जीडीए द्वारा पीएम आवास योजना के तहत 3496 भवनों का निर्माण करना है, जबकि निजी बिल्डरों द्वारा 7,354 भवनों का निर्माण किया जाना है। जीडीए ने अभी तक योजना के तहत 240 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण पूरा किया है। मधुबन-बापूधाम योजना में 856 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना है। जनवरी-2023 में इन भवनों का आवंटियों को एक साथ कब्जा दिया जाएगा।
विज्ञापन
इन स्थानों पर जीडीए कर रहा है निर्माण
नूरनगर में 480 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना हैं। इनका 25 फीसदी निर्माण हो पाया। निवाड़ी में 528 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण होना है। इनमें भवनों पर 15 फीसदी ही निर्माण कार्य हुआ है। प्रताप विहार योजना में 720 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कराना है। इनमें 15 फीसदी काम हो पाया है। मधुबन-बापूधाम के पहले 856 भवनों के अलावा डासना में कुल 426 भवनों का निर्माण कार्य जारी हैं। नूरनगर में 480 भवनों, प्रताप विहार में 720 भवनों और निवाड़ी में 528 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कार्य जारी हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि डासना में 432 भवनों को मिलाकर मार्च-2023 तक 3496 भवनों में लगभग 2000 भवनों पर आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा।
राजनगर में 2785 भवन का निर्माण करेंगे बिल्डर
निजी बिल्डरों की ओर से राजनगर एक्सटेंशन में छह प्रोजेक्ट में 2785 भवनों का निर्माण किया जाना हैं। एसीसी बिल्डर ने पीएम आवास प्रोजेक्ट में 252 भवन, महालक्ष्मी बिल्डर के प्रोजेक्ट में 946, एटीएस के प्रोजेक्ट में 789, जय अंबे बिल्डर के प्रोजेक्ट में 147 और अजनारा बिल्डर के प्रोजेक्ट में 318 पीएम आवास शामिल हैं। वहीं एक अन्य निजी बिल्डर के प्रोजेक्ट में 333 पीएम आवास हैं।
36 हजार से घटकर 10,850 रह गया लक्ष्य
जनवरी 2018 में जीडीए को शासन से 36 हजार पीएम आवास बनाने का लक्ष्य मिला। जिसे 2019 में आते आते 19,500 कर दिया। कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने के प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिलने एवं जमीन नहीं मिल पाने की वजह से वर्ष-2021 में भवनों का लक्ष्य घटकर 10,850 रह गया है।