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Ghaziabad News: सेना और रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर जीजा-साले से 3.40 लाख ठगे
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गाजियाबाद। न्यू पंचवटी के रहने वाले रवि पाल और उनके साले एक व्यक्ति ने खुद को सैन्य अधिकारी बताकर सेना व रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 3.40 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी विश्वास दिलाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण और ज्वाइनिंग के लिंक भेजे। बाद में उन्हें झारखंड के जसीडीह ले जाकर नौकरी ज्वाइन कराने का झांसा दिया। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने अपना शस्त्र लाइसेंस उनके पास जमा करा दिए।
रवि पाल का कहना है कि वह एक मोबाइल की दुकान पर नौकरी करते हैं। 2022 में अनिकेत दत्ता नाम का व्यक्ति मोबाइल खरीदने आया। इसी दौरान बातचीत करते हुए बताया कि वह सेना व रॉ में अधिकारी है। कुछ देर बाद उसने सेना में नौकरी लगवाने की बात कही। विश्वास दिलाने के लिए उसने अपनी सर्विस पिस्टल व वर्दी में फोटो भी दिखाए। नौकरी लगवाने के लिए उसने उन्हें कुछ खर्चा होने की बात भी कही थी। बाद में उन्हें कई बार दिल्ली कैंट भी ले गया। सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर पहले उसने उनसे 2.10 लाख रुपये ले लिए।
कुछ समय बाद उसने अपने पिता से मिलवाते हुए पिता को रेलवे में बड़ा अधिकारी बताया। उन्होंने अपने साले मुकेश आर्य की नौकरी लगाने के लिए भी 1.30 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। रवि का कहना है कि उन्हें व उनके साले को ईमेल के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की मुहर व हस्ताक्षर हुए कई ट्रेनिंग, भर्ती के लिंक भेजे। बाद में उसने उनके साले का नियुक्ति पत्र भी मेल से भेजा। जानकारी करने पर वह फर्जी निकला। असली होने का विश्वास दिलाने के लिए वह उन्हें झारखंड के जसीडीह ले गया और बोला की तुम्हारी नौकरी पक्की हो गई है।
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ठगी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो उसने उनके पास अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, शस्त्र लाइसेंस, सर्विस का कार्ड समेत अन्य दस्तावेज रख दिए जो फर्जी निकले। रवि का कहना है कि आंशका है यह गिरोह बनाकर कई लोगों के साथ ठगी कर चुका है। मामले में उन्होंने नगर कोतवाली में अनिकेत के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसीपी नगर सुजीत राय का कहना है कि जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रवि पाल का कहना है कि वह एक मोबाइल की दुकान पर नौकरी करते हैं। 2022 में अनिकेत दत्ता नाम का व्यक्ति मोबाइल खरीदने आया। इसी दौरान बातचीत करते हुए बताया कि वह सेना व रॉ में अधिकारी है। कुछ देर बाद उसने सेना में नौकरी लगवाने की बात कही। विश्वास दिलाने के लिए उसने अपनी सर्विस पिस्टल व वर्दी में फोटो भी दिखाए। नौकरी लगवाने के लिए उसने उन्हें कुछ खर्चा होने की बात भी कही थी। बाद में उन्हें कई बार दिल्ली कैंट भी ले गया। सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर पहले उसने उनसे 2.10 लाख रुपये ले लिए।
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कुछ समय बाद उसने अपने पिता से मिलवाते हुए पिता को रेलवे में बड़ा अधिकारी बताया। उन्होंने अपने साले मुकेश आर्य की नौकरी लगाने के लिए भी 1.30 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। रवि का कहना है कि उन्हें व उनके साले को ईमेल के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की मुहर व हस्ताक्षर हुए कई ट्रेनिंग, भर्ती के लिंक भेजे। बाद में उसने उनके साले का नियुक्ति पत्र भी मेल से भेजा। जानकारी करने पर वह फर्जी निकला। असली होने का विश्वास दिलाने के लिए वह उन्हें झारखंड के जसीडीह ले गया और बोला की तुम्हारी नौकरी पक्की हो गई है।
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ठगी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो उसने उनके पास अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, शस्त्र लाइसेंस, सर्विस का कार्ड समेत अन्य दस्तावेज रख दिए जो फर्जी निकले। रवि का कहना है कि आंशका है यह गिरोह बनाकर कई लोगों के साथ ठगी कर चुका है। मामले में उन्होंने नगर कोतवाली में अनिकेत के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसीपी नगर सुजीत राय का कहना है कि जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।