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Ghaziabad News: ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर आज लखनऊ में होगा मंथन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 03:07 AM IST
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Brainstorming on Orbital Rail Corridor Project will be held in Lucknow today
गाजियाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर ऑर्बिटल रेल चलाने की योजना को गति मिलने लगी है। सोमवार को लखनऊ में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड यूपी परिक्षेत्र की स्टीयरिंग कमेटी के समक्ष इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ड्राॅफ्ट पेश किया जाएगा। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने की मंजूरी मिलने के आसार हैं।
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हरियाणा ने सोनीपत से मानेसर होते हुए पलवल तक वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर लगभग 126 किलोमीटर लंबे ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड नाम से कंपनी का गठन कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली है। जब तक यूपी की सीमा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर पलवल से ग्रेटर नोएडा, दादरी, गाजियाबाद, दुहाई और बागपत होकर सोनीपत तक ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण नहीं होगा, हरियाणा को भी इस परियोजना का लाभ नहीं मिलेगा। हरियाणा के दखल के बाद यूपी के तीन जिलों से होकर गुजरने वाली इस परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के यूपी परिक्षेत्र ने हरियाणा मॉडल पर यूपी की सीमा में कॉरिडोर के निर्माण का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसका प्रस्तुतिकरण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में दिया जाएगा। बैठक में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड यूपी परिक्षेत्र की आयुक्त के अलावा कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह हरियाणा ने एसपीवी बनाकर ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी की है, उसी मॉडल पर यूपी में भी काम करने पर चर्चा होगी।
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हरियाणा की तुलना में यूपी का कॉरिडोर आठ से दस किलोमीटर तक लंबा हो सकता है, क्योंकि इसको दादरी के अलावा अन्य लॉजिस्टिक हब, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक क्षेत्रों और जेवर से कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर बनाने का सुझाव है। इसलिए इसकी लागत भी करीब 6500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। हरियाणा के हिस्से में परियोजना की लागत 5618 करोड़ रुपये आंकी गई है।

एनसीआर से रेल यातायात का दबाव होगा कम
ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को बनाने का मकसद दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से यातायात का दबाव कम करना था। रेल यातायात का दबाव कम करने के लिए आँर्बिटल रेल कॉरिडोर की योजना बनाई गई। हांलाकि, फिजिबिलिटी स्टडी के आधार पर तैयार डीपीआर में लंबाई, लागत और स्टेशनों की सही संख्या का पता लग सकेगा। ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर यात्री और माल ढुलाई में काफी कारगर होगा। इससे हरियाणा में आईएमटी और तमाम लॉजिस्टिक हब को कनेक्ट किया जाएगा। इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सड़कों पर माल वाहनों की आवाजाही कम होगी, इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।

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गाजियाबाद को मिल सकते हैं दो स्टेशन
एनसीआर सेल के चीफ कोऑर्डिनेटर प्लानर एसी गौड़ ने बताया कि ऑर्बिटल रेल कॉरिडार परियोजना के तहत गाजियाबाद की सीमा में करीब 59 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनेगा। इसके दो स्टेशन मुरादनगर और डासना में बनाए जा सकते हैं। स्टेशनों के लिए जमीन जीडीए को तलाशनी है।
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