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Ghaziabad News: पचास हजार का इनामी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार...साथी फरार
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मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली लगने से घायल बदमाश नागिन। स्रोत पुलिस
- फोटो : संवाद
साहिबाबाद। दिल्ली-एनसीआर से कारें चोरी कर उन्हें खरीदने और आगे बेचने वाले गिरोह के सरगना को लिंक रोड पुलिस और स्वाट टीम ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लिंक रोड थाने से 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बिना नंबर प्लेट की फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। जांच में पता चला कि कार दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र से चोरी हुई थी। पंजाब के दो बदमाश कार चोरी करते थे और मेरठ ले जाकर चेचिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर ग्राहकों को बेच देते थे।
एसीपी अपराध अमित सक्सेना ने बताया कि शनिवार को टीम सूर्यनगर चौकी पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि चोरी की कार खरीदने-बेचने वाले दो व्यक्ति कार लेकर चंदर नगर की तरफ आने वाले हैं। सूचना पर पुलिस ने रंगोली तिराहे के पास चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद बिना नंबर प्लेट की कार आती दिखाई दी।
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पुलिस ने कार रोककर उसमें सवार दो लोगों
की घेराबंदी की तो आरोपियों ने कार दौड़ा दी। टीम ने पीछा किया तो बदमाशों ने फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लग गई। जबकि उसका साथी माैके से फरार हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी फरमान उर्फ नागिन के रूप में हुई है। वहीं, उसका साथी साहिबजादा माैके से फरार हो गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वे दिल्ली-एनसीआर से चोरी की कारें खरीदते थे।
वर्ष 2016 में दर्ज हुआ था पहला मामला
जनपद मेरठ में कारों का कटान करने वाला फरमान उर्फ नागिन गिरोह का सरगना है और इसके खिलाफ लूट, चोरी, स्नेचिंग और दुष्कर्म सहित 102 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2016 में इसके खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। मात्र 10 वर्षों में नागिन के खिलाफ 102 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
दिल्ली से चोरी की थी कार
पुलिस ने घटनास्थल पर मिली कार का चेसिस नंबर जांचा तो पता चला कि यह चार सितंबर 2026 को दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र से चोरी हुई थी। वहां इस संबंध में मुकदमा दर्ज है और कार का पंजीकरण नंबर एचआर 34के 275 सामने आया। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की कारों की नंबर प्लेट हटाकर उन्हें छिपा देते थे और बाद में चेसिस नंबर बदलवाकर बेचते थे।
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पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बिना नंबर प्लेट की फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। जांच में पता चला कि कार दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र से चोरी हुई थी। पंजाब के दो बदमाश कार चोरी करते थे और मेरठ ले जाकर चेचिस नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर ग्राहकों को बेच देते थे।
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एसीपी अपराध अमित सक्सेना ने बताया कि शनिवार को टीम सूर्यनगर चौकी पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि चोरी की कार खरीदने-बेचने वाले दो व्यक्ति कार लेकर चंदर नगर की तरफ आने वाले हैं। सूचना पर पुलिस ने रंगोली तिराहे के पास चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद बिना नंबर प्लेट की कार आती दिखाई दी।
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पुलिस ने कार रोककर उसमें सवार दो लोगों
की घेराबंदी की तो आरोपियों ने कार दौड़ा दी। टीम ने पीछा किया तो बदमाशों ने फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लग गई। जबकि उसका साथी माैके से फरार हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी फरमान उर्फ नागिन के रूप में हुई है। वहीं, उसका साथी साहिबजादा माैके से फरार हो गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वे दिल्ली-एनसीआर से चोरी की कारें खरीदते थे।
वर्ष 2016 में दर्ज हुआ था पहला मामला
जनपद मेरठ में कारों का कटान करने वाला फरमान उर्फ नागिन गिरोह का सरगना है और इसके खिलाफ लूट, चोरी, स्नेचिंग और दुष्कर्म सहित 102 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2016 में इसके खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। मात्र 10 वर्षों में नागिन के खिलाफ 102 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
दिल्ली से चोरी की थी कार
पुलिस ने घटनास्थल पर मिली कार का चेसिस नंबर जांचा तो पता चला कि यह चार सितंबर 2026 को दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र से चोरी हुई थी। वहां इस संबंध में मुकदमा दर्ज है और कार का पंजीकरण नंबर एचआर 34के 275 सामने आया। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की कारों की नंबर प्लेट हटाकर उन्हें छिपा देते थे और बाद में चेसिस नंबर बदलवाकर बेचते थे।