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UP: प्रदेश के इस जिले में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई सुविधा... एप से जारी होगा बिल, नहीं होगी गड़बड़ी

Tue, 19 Nov 2024 11:01 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 19 Nov 2024 11:01 PM IST
सार

नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सही बिल मिलेगा। प्रोब के साथ ही ओसीआर बिलिंग व्यवस्था शुरू हुई। मीटर में यूनिट स्टोर नहीं हो सकेंगी।

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Bill will be issued through app in Ghaziabad there will be no disturbance
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : AI Generated

विस्तार

मीटर में गड़बड़ी से गलत बिल की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए ऊर्जा निगम ने नई बिलिंग व्यवस्था शुरू की है। अब एप पर मीटर की रीडिंग अपलोड किए बिना बिल जनरेट नहीं किया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को उतने का बिल मिलेगा जितने यूनिट की खपत उनका मीटर में शो होगी। इसके लिए ऊर्जा निगम ने प्रोब व ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉगनाइज) एप से बिलिंग की व्यवस्था बनाई है। जहां ओसीआर काम नहीं करेगा, वहां प्रोब से बिल बनाया जाएगा।

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कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें मीटर रीडर बिना मौके पर गए ही बिल बनाकर भेज देते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को बार-बार ऊर्जा निगम के अधिकारियों के यहां चक्कर लगाना पड़ता है। इसको दूर करने के लिए प्रोब बिलिंग योजना की शुरुआत की गई। जिसमें एक केबल के एक सिरे को मीटर में और दूसरे सिरे को मोबाइल से कनेक्ट किया जाता है। इसके बाद मीटर में दर्ज डाटा पूरी तरह से मोबाइल में शो होने लगता है। जिसके बाद ही बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। इसके अलावा मीटर रीडर के साथ ऊर्जा निगम का एक संविदाकर्मी भी मौजूद रहेगा।

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ऐसे काम करता है ओसीआर
ओसीआर बिलिंग के लिए एप तैयार किया गया है। जिसमें मीटर रीडर और संविदा कर्मचारी को उपभोक्ता के मीटर को स्कैन करना होता है। स्कैन करने के बाद सारा डाटा एप पर आ जाता है। जिसके बाद एप अपने से खपत की गई यूनिट की गणना करके बिल बनाता है।

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नया ओसीआर बिलिंग एप सभी रीडरों को डाउनलोड करा दिया गया है। इसके अलावा उन्हें एप के संचालन का प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। प्रक्रिया के तहत बिल बनने से बहुत सुधार होगा। रीडर बिल नहीं बना सकेंगे। साइट पर पहुंचकर मीटर स्कैन किए बिना बिल नहीं बन सकेगा। इससे स्टोर रीडिंग बिलिंग पर भी अकुंश लगेगा। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता, जोन एक

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