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Ghaziabad News: भोजपुर की कलछीना चौकी इंचार्ज पचास हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
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मोदीनगर।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई (एंटी करप्शन) की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर भोजपुर के कलछीना निवासी किसान इनामुल हक से पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कलछीना चौकी इंचार्ज राजीव कुमार को रंगेहाथ पकड़ लिया। इनामुल से चौकी इंचार्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में एफआर लगाने के एक लाख रुपये मांग रहा था। मोदीनगर पुलिस ने आरोपी चौकी इंचार्ज राजीव कुमार के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज की है।
इनामुल हक ने बताया कि 2024 में उनकी ताई ताहिरा बानो ने गांव निवासी रिजवान से गांव में ही 50 गज जमीन खरीदी थी। इनामुल हक बैनामे में गवाह थे। बैनामे की जानकारी लगने पर रिजवान के पिता जान मोहम्मद ने विरोध किया और ताहिरा बानो व इनामुल हक आदि पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमे की विवेचना वर्तमान चौकी इंचार्ज राजीव कुमार कर रहा था।
इनामुल का आरोप है चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने उन्हें चौकी बुलाकर मुकदमे में एफआर लगाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी दी।
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इनामुल के अनुसार 75 हजार रुपये में उनका सौदा हो गया। पचास हजार पहले व शेष 25 हजार मुकदमे में एफआर लगने के बाद देना तय हुआ। इनामुल ने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई (एंटी करप्शन) की टीम से की। चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने किसान इनामुल को रकम लेकर कलछीना चौकी पर बुलाया। एंटी करप्शन की टीम के निरीक्षक दुर्गेश कुमार, अर्चना सिंह, राहुल देव व कृष्णपाल समेत 19 सदस्यीय टीम तैयार की गई।
इसके बाद एंटी करप्शन की टीम गांव कलछीना पहुंची और इनामुल हक को केमिकल्स लगे नोटों की गड्डी दे दी। जैसे ही इनामुल ने कलछीना चौकी पहुंचकर इंचार्ज राजीव कुमार को 50 हजार रुपये दिए वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम चौकी इंचार्ज को पकड़कर मोदीनगर थाने ले गई।
एक चौकी इंचार्ज को दिए 60 हजार तो दूसरे को 20 हजार फिर नहीं भी हुआ काम : इनामुल ने बताया कि उनके मुकदमे की विवेचना पहले तत्कालीन चौकी इंचार्ज धर्मेंन्द्र सिंह को मिली। आरोप है कि धर्मेंन्द्र ने मुकदमें में एफआर लगाने के 60 हजार ले लिए मगर काम नहीं किया। धर्मेंन्द के गोकशी के मामले में सस्पेंड होने के बाद चौकी का चार्ज दरोगा विनोद कुमार को मिला। इनामुल ने विनोद को भी बीस हजार दिए। कुछ दिन बाद उनका भी तबादला हो गया। इसके बाद चौकी का चार्ज दरोगा राजीव कुमार को मिला। इसने भी मुकदमे में एफआर लगाने के एक लाख रुपये मांगे।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई (एंटी करप्शन) की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर भोजपुर के कलछीना निवासी किसान इनामुल हक से पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कलछीना चौकी इंचार्ज राजीव कुमार को रंगेहाथ पकड़ लिया। इनामुल से चौकी इंचार्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में एफआर लगाने के एक लाख रुपये मांग रहा था। मोदीनगर पुलिस ने आरोपी चौकी इंचार्ज राजीव कुमार के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज की है।
इनामुल हक ने बताया कि 2024 में उनकी ताई ताहिरा बानो ने गांव निवासी रिजवान से गांव में ही 50 गज जमीन खरीदी थी। इनामुल हक बैनामे में गवाह थे। बैनामे की जानकारी लगने पर रिजवान के पिता जान मोहम्मद ने विरोध किया और ताहिरा बानो व इनामुल हक आदि पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमे की विवेचना वर्तमान चौकी इंचार्ज राजीव कुमार कर रहा था।
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इनामुल का आरोप है चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने उन्हें चौकी बुलाकर मुकदमे में एफआर लगाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी दी।
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इनामुल के अनुसार 75 हजार रुपये में उनका सौदा हो गया। पचास हजार पहले व शेष 25 हजार मुकदमे में एफआर लगने के बाद देना तय हुआ। इनामुल ने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई (एंटी करप्शन) की टीम से की। चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने किसान इनामुल को रकम लेकर कलछीना चौकी पर बुलाया। एंटी करप्शन की टीम के निरीक्षक दुर्गेश कुमार, अर्चना सिंह, राहुल देव व कृष्णपाल समेत 19 सदस्यीय टीम तैयार की गई।
इसके बाद एंटी करप्शन की टीम गांव कलछीना पहुंची और इनामुल हक को केमिकल्स लगे नोटों की गड्डी दे दी। जैसे ही इनामुल ने कलछीना चौकी पहुंचकर इंचार्ज राजीव कुमार को 50 हजार रुपये दिए वैसे ही एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम चौकी इंचार्ज को पकड़कर मोदीनगर थाने ले गई।
एक चौकी इंचार्ज को दिए 60 हजार तो दूसरे को 20 हजार फिर नहीं भी हुआ काम : इनामुल ने बताया कि उनके मुकदमे की विवेचना पहले तत्कालीन चौकी इंचार्ज धर्मेंन्द्र सिंह को मिली। आरोप है कि धर्मेंन्द्र ने मुकदमें में एफआर लगाने के 60 हजार ले लिए मगर काम नहीं किया। धर्मेंन्द के गोकशी के मामले में सस्पेंड होने के बाद चौकी का चार्ज दरोगा विनोद कुमार को मिला। इनामुल ने विनोद को भी बीस हजार दिए। कुछ दिन बाद उनका भी तबादला हो गया। इसके बाद चौकी का चार्ज दरोगा राजीव कुमार को मिला। इसने भी मुकदमे में एफआर लगाने के एक लाख रुपये मांगे।