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रहें जागरूक, आटा-नमक किसी भाव नहीं बढ़े
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 12 Nov 2016 11:10 PM IST
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- फोटो : demo pic
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राशन और जरूरी खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने की अफवाह फैलाकर कुछ लोग अफरातफरी का माहौल पैदा करने की कोशिश में जुटे हैं। दुकानदार भी ऐसे माहौल का फायदा उठाने से नहीं चूकते। ऐसे में ग्राहकों को जागरूक रहने की जरूरत है।
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शनिवार रात अमर उजाला टीम ने किराना मंडी से लेकर सब्जी और फल मंडी का दौरा कर हकीकत का जायजा लिया तो यह बात सामने आई कि किसी भी खाद्य पदार्थ की कीमत नहीं बढ़ी है। सभी दुकानों पर आटा, चीनी, नमक समेत अन्य सामानों के दाम सामान्य दिनों जैसे ही मिले। ऐसे में जागरूक उपभोक्ता बनकर आप ठगी से बच सकते हैं।
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मालीवाड़ा के गणपति जनरल स्टोर के मालिक हरि प्रकाश और जेपी ट्रेडिंग के पवन ने बताया कि किसी भी खाद्य पदार्थ का रेट नहीं बढ़ा है। टाटा नमक 17 रुपये किलो, चीनी 40-41 रुपये जबकि आटा कंपनियों की पैकेजिंग के हिसाब से 21 रुपये से लेकर 24 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। खुले रुपये न होने के कारण धंधा थोड़ा मंदा चल रहा है।
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जरूरी सामान ही लोग खुले पैसे लेकर खरीद रहे हैं। परिचय वाले लोगों को उधार पर राशन दिया जा रहा है।नमक खत्म और महंगे होने की अफवाह पर शनिवार को काबू पा लिया गया। ज्यादातर किराना दुकानों पर शनिवार को नमक आसानी से मिला। सरकारी राशन की 720 दुकानों पर शनिवार को दस रुपये प्रति किलो की दर से नमक बेचा गया।
अफसरों ने लोगों को बताया कि नमक की कोई कमी नहीं है। संजय नगर, कविनगर, रामनगर किराना मंडी और पुराने शहर के बाजारों में स्थित किराना स्टोरों पर नमक आसानी से मिल रहा था।क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजेश सोनी ने बताया कि जिला प्रशासन ने अफवाह पर काबू पाने के लिए कई टीमें गठित की थीं।
टीमों ने दुकानों का निरीक्षण किया। कोई कालाबाजारी नहीं मिली। खासकर लोनी, प्रहलादगढी, वसुंधरा, कैला भट्टा आदि इलाकों में विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। उधर, व्यापार मंडल के सदस्य भी शनिवार को सड़कों पर उतरे। विभिन्न व्यापार मंडल के सदस्यों ने बजरिया, दिल्ली गेट, रमते राम रोड पर लोगों को नमक की थैली वाजिब दाम पर दीं।
संयुक्त व्यापार मंडल के सदस्य अशोक भारतीय, राकेश शर्मा, प्रवीण बत्रा, गौरव गर्ग, जय किशन पाल आदि ने बाजार में आ रहे लोगों से अपील की कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। खुले नोट न होने कारण सब्जी एवं फल मंडी पर सबसे अधिक असर पड़ा है। ग्राहक कम होने के कारण सब्जियों के रेट घट गए हैं।
धर्मपाल सिंह आलू कंपनी के ऋषिपाल और वेलफेयर एसोसिएशन सब्जी मंडी के अध्यक्ष श्रीपाल यादव ने बताया कि मंडी में पांच सौ दुकानें हैं। नोट संकट के चलते ग्राहक कम आ रहे हैं। ऐसे में सब्जियों के रेट घट गए हैं। फल विक्रेता विनोद ने बताया कि फलों के खरीदार काफी कम हो गए हैं।