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Ghaziabad News: 67 लाख की बैटरी डिलीवरी करने के बजाय चोरी कर बेचीं, तीन गिरफ्तार
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गाजियाबाद। नंदग्राम के आसाराम स्थित बैटरी बनाने की फैक्टरी से 19 जुलाई को हरियाणा रोहतक के लिए 67 लाख की कीमत का माल लेकर निकले चालक ने राहुल यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर माल चोरी कर लिया और बेच दिया। मामले में स्वाट टीम नगर जोन और नंदग्राम पुलिस ने माल खरीदने वाले कारोबारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी किया गया 22 लाख की कीमत माल बरामद किया है।
डीसीपी नगर राजेश सिंह ने बताया कि 25 जून को फैक्टरी के प्रबंधक प्रवीन कुमार अग्रवाल ने सूचना दी कि 19 जून को एक ट्रक 956 पेटी करीब 67 लाख रुपये की बैटरी लेकर रोहतक के लिए निकला था जो कि पहुंचा नहीं। चालक का मोबाइल भी बंद था। मामले में जांच के लिए टीम लगाई गई और तीन शातिरों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए चोर जौनपुर के पवारा निवासी राहुल यादव, हरियाणा के सोनीपत निवासी कृष्ण कुमार और बिहारी के मोतीहारी निवासी शैलेंद्र शाह है। राहुल हाल में दिल्ली के पंजाबी बाग में रहता है और शैलेंद्र दिल्ली के किग्वेज कैंप का रहने वाले है। शैलेंद्र दिल्ली चांदनी चौक में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का कारोबारी है। गिरोह के अंकित, संदीप मलिक और सोनू फरार है। इनकी तलाश की जा रही है। गिरोह का मास्टर माइंड संदीप है। दिल्ली में उसके कार्यालय में ही पूरी साजिश रची गई।
पूछताछ में पकड़े गए शातिरों ने बताया कि लोगों के बड़े वाहन मालिकों से संपर्क करके वाहन चलवाने की बात करते हैं। इसके बाद ट्रांसपोर्ट से संपर्क कर वाहन को भाड़े के लिए भेजने के लिए कहते हैं। इसके लिए फर्जी नंबर प्लेट और कागज तैयार कर लेते हैं। 19 जून को उन्होंने न्यू हरियाणा रोडवेज ट्रांसपोर्ट पर संपर्क कर हरियाणा ट्रक भेजने के लिए लगवाया। राहुल यादव ट्रक लेकर फैक्टरी पर गया और वहां अपना नाम पवन बताया। माल लदवाकर वहां से रात में निकल गया। रास्ते में उसके अन्य साथी मिल गए और उन्होंने सुनसान इलाके में ट्रक को खड़ा किया और वहां से सामान को बेच रहे थे।
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डीसीपी ने बताया कारोबारी शैलेंद्र शाह आरोपियों से बड़ी मात्रा में चोरी की बैटरी ले रहा था। इसके लिए उनके बीच में सौदा हो गया था हालांकि डिलीवरी से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
बहन की शादी कराने के लिए वारदात में हुआ शामिल
मामले में आरोपी चालक राहुल ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी बहन की शादी है। इसके लिए रुपये की जरूरत है। उन्हें 50 हजार रुपये देने के लिए कहा गया तो वह वारदात करने के लिए गिरोह में शामिल हो गए। साथ ही माल के बिकने पर भी उसे हिस्सा मिलना था। पुलिस से बचने के लिए उसे नया मोबाइल और सिम भी दिया गया था। फैक्टरी से माल लेने के बाद उसने मोबाइल फेंक दिया था।
अंकित है फाइनेंसर, कब्जा का था ट्रक
पूछताछ में पता चला कि अंकित फाइनेंसर है। उसने किसी व्यक्ति को रुपये दिए हुए थे, जिसने उस रकम से ट्रक लिया था। वह व्यक्ति रुपये नहीं लौटा पाया तो अंकित ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। इसके ट्रक से उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
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डीसीपी नगर राजेश सिंह ने बताया कि 25 जून को फैक्टरी के प्रबंधक प्रवीन कुमार अग्रवाल ने सूचना दी कि 19 जून को एक ट्रक 956 पेटी करीब 67 लाख रुपये की बैटरी लेकर रोहतक के लिए निकला था जो कि पहुंचा नहीं। चालक का मोबाइल भी बंद था। मामले में जांच के लिए टीम लगाई गई और तीन शातिरों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए चोर जौनपुर के पवारा निवासी राहुल यादव, हरियाणा के सोनीपत निवासी कृष्ण कुमार और बिहारी के मोतीहारी निवासी शैलेंद्र शाह है। राहुल हाल में दिल्ली के पंजाबी बाग में रहता है और शैलेंद्र दिल्ली के किग्वेज कैंप का रहने वाले है। शैलेंद्र दिल्ली चांदनी चौक में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का कारोबारी है। गिरोह के अंकित, संदीप मलिक और सोनू फरार है। इनकी तलाश की जा रही है। गिरोह का मास्टर माइंड संदीप है। दिल्ली में उसके कार्यालय में ही पूरी साजिश रची गई।
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पूछताछ में पकड़े गए शातिरों ने बताया कि लोगों के बड़े वाहन मालिकों से संपर्क करके वाहन चलवाने की बात करते हैं। इसके बाद ट्रांसपोर्ट से संपर्क कर वाहन को भाड़े के लिए भेजने के लिए कहते हैं। इसके लिए फर्जी नंबर प्लेट और कागज तैयार कर लेते हैं। 19 जून को उन्होंने न्यू हरियाणा रोडवेज ट्रांसपोर्ट पर संपर्क कर हरियाणा ट्रक भेजने के लिए लगवाया। राहुल यादव ट्रक लेकर फैक्टरी पर गया और वहां अपना नाम पवन बताया। माल लदवाकर वहां से रात में निकल गया। रास्ते में उसके अन्य साथी मिल गए और उन्होंने सुनसान इलाके में ट्रक को खड़ा किया और वहां से सामान को बेच रहे थे।
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डीसीपी ने बताया कारोबारी शैलेंद्र शाह आरोपियों से बड़ी मात्रा में चोरी की बैटरी ले रहा था। इसके लिए उनके बीच में सौदा हो गया था हालांकि डिलीवरी से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
बहन की शादी कराने के लिए वारदात में हुआ शामिल
मामले में आरोपी चालक राहुल ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी बहन की शादी है। इसके लिए रुपये की जरूरत है। उन्हें 50 हजार रुपये देने के लिए कहा गया तो वह वारदात करने के लिए गिरोह में शामिल हो गए। साथ ही माल के बिकने पर भी उसे हिस्सा मिलना था। पुलिस से बचने के लिए उसे नया मोबाइल और सिम भी दिया गया था। फैक्टरी से माल लेने के बाद उसने मोबाइल फेंक दिया था।
अंकित है फाइनेंसर, कब्जा का था ट्रक
पूछताछ में पता चला कि अंकित फाइनेंसर है। उसने किसी व्यक्ति को रुपये दिए हुए थे, जिसने उस रकम से ट्रक लिया था। वह व्यक्ति रुपये नहीं लौटा पाया तो अंकित ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। इसके ट्रक से उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।