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Ghaziabad News: पुलिस के 10 सवालों से होगा बद्दो का सामना
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गाजियाबाद। ऑनलाइन गेमिंग एप से धर्मांतरण कराने के मास्टरमाइंड शाहनवाज मकसूद उर्फ बद्दो की गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस ने सवालों की फेहरिस्त तैयार कर रखी है। पुलिस अफसरों का मानना है कि अपनी तरह के इस अजब मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए बद्दो से पूछताछ बेहद जरूरी है। क्राइम ब्रांच ने दस सवाल तैयार कर रखे हैं। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी उससे पूछताछ करेंगी।
अगर वह सभी सवालों का सही जवाब दे देता है तो 15 से 17 साल उम्र के किशोरों को ऑनलाइन गेम के जाल में फंसाने से लेकर उनका धर्म परिवर्तन कराने तक का न केवल पूरा सिलसिला मिल जाएगा बल्कि यह भी साफ हो जाएगा कि उसके गिरोह के तार कहां तक फैले हुए हैं। पुलिस की चुनौती उसका लैपटाप हासिल करने की भी है। यह अभी नहीं मिला है। इसी से पता चलेगा कि उसके जाल में अब तक कितने किशोर फंसे और वह कब से धर्मांतरण करा रहा है। वह 12वीं पास है लेकिन कंप्यूटर का महारथी है। उसे ऑनलाइन गेम के बारे में भी काफी जानकारी है। पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा का कहना है कि बद्दो से पूछताछ के बाद ही केस की जांच आगे बढ़ेगी। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
भाई से मिला बद्दो का सुराग
पुलिस को जब बद्दो नहीं मिल रहा था, तब उसके भाई शाजेब और मां को हिरासत में लिया गया। मां से कुछ खास जानकारी नहीं मिला। भाई से पता चला कि बद्दो अलीबाग में एक लाज में नाम बदलकर रह रहा है। पुलिस लाज में पहुंची तो बद्दो जा चुका था। इसके बाद भाई ने उसके दोस्त का पता बताया। पुलिस अलीबाग में दोस्त के घर पहुंची तो बद्दो मिल गया।
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सोशल मीडिया पर कई एकाउंट
पुलिस को सोशल मीडिया पर बद्दो के कई एकाउंट होने का पता चला है। इनकी भी जांच की जाएगी। इनका इस्तेमाल किशोरों से जुड़ने के लिए किया जाता था। बद्दो लोगों से ऑनलाइन गेम में पैसे जीतने के लिए कहता था। जो लोग फंसते, उनमें से किशोरों को अलग करता। उनका धर्मांतरण कराता था।
इनके चाहिए जवाब
धर्मांतरण कराना कब और क्यों शुरू किया। क्या इसके पीछे कोई और भी है।
ऑनलाइन गेम से धर्मांतरण की साजिश किसने रची। क्या इसका प्रशिक्षण लिया।
कुल कितने लोग इस गिरोह में है और उनकी क्या क्या भूमिका है।
धर्मांतरण कराने के लिए फंड कहां से आ रहा था, क्या विदेश से भी पैसा भेजा जा रहा था।
किशोरों के पास पाकिस्तानी चैनलों के लिंक भेजे गए, क्या पाकिस्तान से भी कनेक्शन है।
कब क्या हुआ
- 30 मई : धर्मांतरण मामले का खुलासा, रिपोर्ट दर्ज।
- 31 मई को गाजियाबाद पुलिस की टीम मुंबई पहुंची।
- 4 जून संजयनगर सेक्टर-23 स्थित मस्जिद कमेटी का पूर्व पदाधिकारी अब्दुल रहमान गिरफ्तार ।
- 7 जून को राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग ने गेमिंग एप की जांच करने के लिए कहा।
- 11 जून को गाजियाबाद पुलिस ने अलीबाग महाराष्ट्र से मुख्य आरोपी शाहनवाज उर्फ बद्दो को गिरफ्तार किया।
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अगर वह सभी सवालों का सही जवाब दे देता है तो 15 से 17 साल उम्र के किशोरों को ऑनलाइन गेम के जाल में फंसाने से लेकर उनका धर्म परिवर्तन कराने तक का न केवल पूरा सिलसिला मिल जाएगा बल्कि यह भी साफ हो जाएगा कि उसके गिरोह के तार कहां तक फैले हुए हैं। पुलिस की चुनौती उसका लैपटाप हासिल करने की भी है। यह अभी नहीं मिला है। इसी से पता चलेगा कि उसके जाल में अब तक कितने किशोर फंसे और वह कब से धर्मांतरण करा रहा है। वह 12वीं पास है लेकिन कंप्यूटर का महारथी है। उसे ऑनलाइन गेम के बारे में भी काफी जानकारी है। पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा का कहना है कि बद्दो से पूछताछ के बाद ही केस की जांच आगे बढ़ेगी। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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भाई से मिला बद्दो का सुराग
पुलिस को जब बद्दो नहीं मिल रहा था, तब उसके भाई शाजेब और मां को हिरासत में लिया गया। मां से कुछ खास जानकारी नहीं मिला। भाई से पता चला कि बद्दो अलीबाग में एक लाज में नाम बदलकर रह रहा है। पुलिस लाज में पहुंची तो बद्दो जा चुका था। इसके बाद भाई ने उसके दोस्त का पता बताया। पुलिस अलीबाग में दोस्त के घर पहुंची तो बद्दो मिल गया।
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सोशल मीडिया पर कई एकाउंट
पुलिस को सोशल मीडिया पर बद्दो के कई एकाउंट होने का पता चला है। इनकी भी जांच की जाएगी। इनका इस्तेमाल किशोरों से जुड़ने के लिए किया जाता था। बद्दो लोगों से ऑनलाइन गेम में पैसे जीतने के लिए कहता था। जो लोग फंसते, उनमें से किशोरों को अलग करता। उनका धर्मांतरण कराता था।
इनके चाहिए जवाब
धर्मांतरण कराना कब और क्यों शुरू किया। क्या इसके पीछे कोई और भी है।
ऑनलाइन गेम से धर्मांतरण की साजिश किसने रची। क्या इसका प्रशिक्षण लिया।
कुल कितने लोग इस गिरोह में है और उनकी क्या क्या भूमिका है।
धर्मांतरण कराने के लिए फंड कहां से आ रहा था, क्या विदेश से भी पैसा भेजा जा रहा था।
किशोरों के पास पाकिस्तानी चैनलों के लिंक भेजे गए, क्या पाकिस्तान से भी कनेक्शन है।
कब क्या हुआ
- 30 मई : धर्मांतरण मामले का खुलासा, रिपोर्ट दर्ज।
- 31 मई को गाजियाबाद पुलिस की टीम मुंबई पहुंची।
- 4 जून संजयनगर सेक्टर-23 स्थित मस्जिद कमेटी का पूर्व पदाधिकारी अब्दुल रहमान गिरफ्तार ।
- 7 जून को राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग ने गेमिंग एप की जांच करने के लिए कहा।
- 11 जून को गाजियाबाद पुलिस ने अलीबाग महाराष्ट्र से मुख्य आरोपी शाहनवाज उर्फ बद्दो को गिरफ्तार किया।