{"_id":"57aa1d314f1c1b8e34ee4343","slug":"baby-girl-at-the-gate-of-the-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
अन्य
- फोटो : अमर उजाला
महिला अस्पताल के गेट पर एक बार फिर बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। बच्चे को जन्म देने वाली महिला का आरोप है कि चिकित्सकों ने केस को क्रिटिकल बताकर उसे दूसरे अस्पताल जाने को कह दिया था।
इसके लिए अस्पताल ने एंबुलेंस को भी कॉल कर बुला दिया। वह एंबुलेंस तक पहुंची भी नहीं थी कि डिलीवरी हो गई। अब परिजन इस मामले में सीएमओ से शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
मामला 30 जुलाई की रात 9 बजे का है। कैला भट्टा स्थित इस्लाम नगर निवासी फरजाना का इलाज महिला अस्पताल में पहले से चल रहा था। डिलीवरी के समय जब वह अस्पताल पहुंची तब इमरजेंसी में तैनात डाक्टर्स ने कहा कि केस क्रिटिकल है, कुछ भी हो सकता है इसलिए आप जीटीबी दिल्ली अस्पताल जाइये।
विज्ञापन
इसके बाद चिकित्सकों ने फरजाना को जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फरजाना के पति सलमान ने बताया कि जब तक एंबुलेंस आती और पत्नी को ले जाते तब तक अस्पताल के गेट पर ही उसकी नॉर्मल डिलीवरी हो गई।
उसके बाद परिजनों के हंगामा करने के बाद फरजाना को अस्पताल में भर्ती किया गया। बता दें कि पहले भी इस तरह के मामले हो चुके हैं। फरजाना के पति सलमान का आरोप है कि चिकित्सक केस को क्रिटिकल बता कर भर्ती नहीं कर रहे थे जबकि उनकी पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी हो गई।
अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही की शिकायत वह सीएमओ से करेंगे। इस मामले में सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। अभी तक ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
इसके लिए अस्पताल ने एंबुलेंस को भी कॉल कर बुला दिया। वह एंबुलेंस तक पहुंची भी नहीं थी कि डिलीवरी हो गई। अब परिजन इस मामले में सीएमओ से शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
मामला 30 जुलाई की रात 9 बजे का है। कैला भट्टा स्थित इस्लाम नगर निवासी फरजाना का इलाज महिला अस्पताल में पहले से चल रहा था। डिलीवरी के समय जब वह अस्पताल पहुंची तब इमरजेंसी में तैनात डाक्टर्स ने कहा कि केस क्रिटिकल है, कुछ भी हो सकता है इसलिए आप जीटीबी दिल्ली अस्पताल जाइये।
विज्ञापन
इसके बाद चिकित्सकों ने फरजाना को जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फरजाना के पति सलमान ने बताया कि जब तक एंबुलेंस आती और पत्नी को ले जाते तब तक अस्पताल के गेट पर ही उसकी नॉर्मल डिलीवरी हो गई।
उसके बाद परिजनों के हंगामा करने के बाद फरजाना को अस्पताल में भर्ती किया गया। बता दें कि पहले भी इस तरह के मामले हो चुके हैं। फरजाना के पति सलमान का आरोप है कि चिकित्सक केस को क्रिटिकल बता कर भर्ती नहीं कर रहे थे जबकि उनकी पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी हो गई।
अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही की शिकायत वह सीएमओ से करेंगे। इस मामले में सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। अभी तक ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है।