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Ghaziabad News: दो जून तक दोपहर में बाहर निकलने से बचें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2024 04:22 AM IST
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Avoid going out in the afternoon till June 2
गाजियाबाद। नौतपा में झुलसाने वाली प्रचंड गर्मी का पारा लगातार ऊपर की ओर जा रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस और चढ़कर 46 पर पहुंच गया। अगले पांच दिन और राहत मिलने के आसार नहीं है। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। इसमें लोगों से कहा गया है कि दोपहर में 12 से तीन बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें। यह सलाह लू लगने के खतरे को देखकर की गई है। मौसम विभाग ने गाजियाबाद को रेड जोन में रखा है।
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संयुक्त और एमएमजी जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 50 से 60 मरीज लू लगने के आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोज 15 से 20 मरीज भर्ती करने पड़ रहे हैं। जो भी किसी वजह से दोपहर में बाहर निकल रहा है, उसे लू के थपेड़े झेलने पड़ रहे हैं। हालांकि, ज्यादातर लोग घरों में ही दोपहर बिता रहे हैं। सड़कों पर दोपहर 12 से तीन बजे तक सन्नाटा ही नजर आता है।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 46 और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रह सकता है। दो जून के बाद इसमें गिरावट आने के साथ तापमान 40 के आसपास रहने की संभावना है। एडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि गर्मी की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
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इनका ध्यान रखें

- बाहर निकलना हो तो बचाव के लिए सिर को कपड़े से ढक कर रखें, छाता का प्रयोग करें
- हल्के ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें।

- अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें

- सफर में अपनें साथ पीने का पानी रखें।

- ओआरएस घोल, नारियल पानी, लस्सी, नीबू का पानी, छाछ, आम का पन्ना का सेवन करें

- कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करें

- उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें।

(आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी सलाह)


दो ट्रांसफार्मर और फुंके
5 घंटे नहीं मिली बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद/साहिबाबाद। ट्रांसफार्मरों के फुंकने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। तुलसी निकेतन में ट्रांसफार्मर का जंफर फुंक गया। यहां पांच घंटे बिजली गुल रही। संजयनगर एल ब्लाॅक के पास मंगलवार सवा पांच बजे ट्रांसफार्मर में चिंगारी उठने के बाद आग लग गई। आग ने कुछ देर में ही विकराल रूप धारण कर लिया। ट्रांसफार्मर से आग तीन दुकानों में भी फैल गई। लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
आग से दुकानों के आगे शेड़, होर्डिंग जलकर राख हो गए। अफरा तफरी के बीच मौके दमकल की टीम पहुंची और एक घंटे की मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया। बिजली गुल होने से लोग गर्मी में परेशान हुए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि इसमें कोई जनहानि नहीं है। आगे की तरफ रखा कुछ सामान जल गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर समय रहते स्थिति को काबू कर लिया। बिजली विभाग जोन-1 के मुख्य अभियंता नीरज स्वरूप ने बताया कि मौके पर दूसरा ट्रांसफार्मर भेजकर आपूर्ति को सुचारू कराया गया। ओवरलोड होने के कारण इसमें आग लगी थी।
नेहरूनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, लोहियानगर, मधुबन बापूधाम और गोविंदपुरम में दिन में कई बार आधे आधे घंटे के लिए बिजली कटौती की गई। नेहरूनगर में दोपहर दो बजे लाइन में फाल्ट आने से बिजली चली गई। देहात में मोदीनगर, मुरादनगर, डासना और मसूरी में लोग बिजली न मिलने से परेशान रहे। लोनी में सबसे ज्यादा कटौती की गई। उधर, टीएचए के अर्थला, वसुंधरा, कौशांबी, इंदिरापुरम, मोहननगर, साहिबाबाद, कड़कड़ मॉडल, महाराजपुर सहित अन्य इलाकों में मंगलवार को दिनभर बिजली की आवाजाही होने से लोग परेशान रहे। वसुंधरा निवासी गौरव नंदा ने बताया कि सुबह से भीषण गर्मी रही। घर पहुंचा तो हर घंटे बिजली की आवाजाही होती रही। इससे कमरा भी ठंडा नहीं हो पाया। यही सिलसिला इंदिरापुरम, वैशाली सहित अन्य इलाकों में होता रहा। ट्रांसमिशन स्टेशन के एसडीओ अंशदीप ने बताया कि नये 63 एमवीए ट्रांसफॉर्मर पर भार देने के दौरान फीडर को बंद किया जा रहा था। काम पूरा होने के बाद लोगों को निर्बाध बिजली की आपूर्ति की गई।


50 लाख रुपये बहाए पर पानी नहीं दे पाए

खोड़ा में धूल फांक रहे टैंकर ले जाने के लिए खरीदे गए आठ ट्रैक्टर
खोड़ा। खोड़ा के लोगों को टैंकर से गंगाजल पहुंचाने के लिए नगर पालिका ने 50 लाख रुपये खर्च करके आठ ट्रैक्टर को खरीद लिए लेकिन ये सभी तीन महीने से धूल फांक रहे हैं। ट्रैक्टरों को चलाने के लिए चालकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। आधी से ज्यादा गर्मी निकल जाने के बाद भी यह समस्या बनी हुई है।
खोड़ा नगर पालिका ने भीषण गर्मी से पहले लोगों को गली-गली में टैंकर से गंगाजल पहुंचाने की योजना तैयार की थी। इसके तहत परिषद के अधिकारियों ने 20 की जगह 28 ट्रैक्टरों से 70 टैंकर गंगाजल लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। परिषद ने आठ नए ट्रैक्टर खरीदकर उनका पंजीकरण कर टैंकरों से गंगाजल पहुंचाने की बात कही थी। टैंकर ले जाने के लिए ही ट्रैक्टर खरीदे गए थे। नगर पालिका को अब तक ड्राइवर नहीं मिल सके हैं। इनसे पहले गंगाजल पहुंचाने के लिए कुल 20 ट्रैक्टर थे, जिनसे 34 वार्डों में गंगाजल पहुंचाया जा रहा था। एक ट्रैक्टर को दो अलग-अलग जगह पर फेरे लगाने पड़ते हैं। ऐसे में सिद्धार्थ विहार स्थित गंगाजल प्लांट से खोड़ा तक आने-जाने में काफी समय और तेल खर्च होता है। बावजूद इसके लोगों को समय से गंगाजल मिलने में दिक्कत हो रही थी। खोड़ा नगर पालिका के अवर अभियंता नवनीत गुप्ता का कहना है कि आठ ट्रैक्टरों के लिए 16 ड्राइवर और हेल्पर की जरूरत है। जैसे ही ड्राइवर मिल जाएंगे वैसे ही ट्रैक्टर लगाकर टैंकरों से गंगाजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।


70 की बजाय पहुंच रहे 40 टैंकर

स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड में गंगाजल का टैंकर कब आता है पता ही नही चलता। नगरपालिका 70 टैंकर देने का दावा करती है लेकिन 40 पहुंच पाते हैं। सप्ताह में कभी-कभार एक-दो टैंकर आते हैं। खोड़ा निवासी संतोष कुमार का कहना है कि टैंकर कभी आता है तो कभी नहीं आता। ऐसे में पानी हर दिन मिलना सुनिश्चित न होने की वजह से लोगों ने घरों में बोतलबंद पानी लगवा रखा है। प्रति माह लोगों को करीब 800 से 1500 रुपये पानी के बोतल पर खर्च करना पड़ता है। पानी की बोतल खरीदना लोगों की मजबूरी है पानी न खरीदें तो टैंकर के भरोसे पानी हर दिन मिलना मुश्किल है।
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