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एटीएम में रुपये जमा करने के लिए मची मारा मारी

Tue, 08 Nov 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 08 Nov 2016 11:15 PM IST
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ATM to deposit Rs resembled scramble
ATM - फोटो : demo pic

केंद्र सरकार ने मंगलवार देर शाम 500 और 1000 हजार रुपये के नोटों को चलन से बाहर होने की घोषणा कर दी। टीवी पर ये न्यूज देखते ही लोगों में हड़कंप मच गया। जिसके पास जितने 500 और 1000 के नोट थे वह उसे जमा कराने केलिए बैंकों की एटीएम पर पहुंचे।

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वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जो सिर्फ 100 रुपये का नोट निकालने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। कई बैंकों की एटीएम का सर्वर भी डाउन हो गया। जिस कारण ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा। दूसरी ओर बाजार में यह खबर फैलते ही दुकानदार भी सचेत हो गए। दुकानदाराें ने 500 और 1000 का नोट लेने से साफ इंकार कर दिया।
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परेशान ग्राहक 100 रुपये निकालने और 500 व 1000 रुपये जमा कराने के लिए आधी रात तक यहां-वहां भटकते रहे। हालांकि सरकार ने 30 दिसंबर तक इन नोटों को बैंक में जमा करने की मोहलत दे दी है।सरकार के फैसले ने बाजार में भूचाल ला दिया है। बाजार में यह खबर फैलते ही अफरा-तफरी का माहौल मच गया।
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ग्राहकों की भीड़ अचानक से एटीएम पर उमड़ पड़ी। नवयुग मार्केट, वसंत रोड, गांधीनगर, अंबेड़कर रोड पर जितने भी बैंकों के एटीएम है, वहां पर भीड़ लग गई। कुछ एटीएम खाली भी पड़े थे। पीएनबी बैंक के सर्विस सेंटर पर ज्यादा ही भीड़ थी। ग्राहक लाइन लगाकर खड़े थे।

इस फैसले से ग्राहकों में भी रोष था। ज्यादातर का कहना था कि यदि यह सुबह किया जाता तो लोग अपने हिसाब से तैयारी कर लेते। रात में जब बैंक बंद  है तो कहां  जाए।

100 के नहीं निकले नोट
एटीएम पर उमड़ी भीड़ में अधिकांश 100 रुपये का नोट निकालने पहुंचे, लेकिन उन्हें मायुसी ही हाथ लगी। एटीएम में 100 रुपये के नोट खत्म हो गए। सिर्फ 500 और 1000 के ही नोट थे, जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता था।

क्या कहते हैं अर्थशास्त्री
- काले धन और फेक करंसी को रोकने के लिए सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। हालांकि फैसला एकाएक लिए जाने से लोगों को व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कमल वीर त्यागी

क्या कहते हैं ग्राहक
- सरकार का ये फैसले से प
ब्लिक परेशान होगी। खासकर मध्यम वर्ग कुछ जमा पूंजी घर में रखते हैं। अचानक इस फैसले से पब्लिक के बीच पैनिक स्थिति पैदा हो गई है। उमेश
- जो ब्लैक मनी होगी वह बाहर आएगी, लेकिन शुरुआत में पब्लिक को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बहुत जगह पर बड़ा नोट ही जमा किया जाता है। आशीष गुप्ता

- सरकार का यह फैसला बचकाना है। नोट हटाने से ब्लैक मनी पर रोक तो लगेगी पर इसके लिए लोगों को समय दिया जाना चाहिए था। एकदम से निर्णय थोपना गलत है। प्रवीन कुमार
- सरकार का ये फैसला गलत है। प्रधानमंत्री को मध्यम वर्ग केबारे भी सोचना चाहिए। अचानक  नोट को मार्केट से बाहर कर देने से ब्लैक मनी नहीं रुकेगी। पवन कुमार


क्या कहते हैं व्यापारी
- आने वाले समय में कारोबार पर इसका बुरा असर पड़ेगा। अधिकतर लोग पांच सौ का नोट लेकर आएंगे, लेकिन दुकानदार उन्हें सामान नहीं दे पाएंगे। सुशील कुमार
- नोटों को मार्केट से बाहर करने के लिए समय देना चाहिए। इस बीच बैंकों को भी तैयार किया जाता। भविष्य में कारोबार ठंडा ही रहेगा। प्रवीन कुमार

शादी समारोह वाले लोग परेशान
जिन घराें में शादी समारोह है, वह सरकार के इस फैसले से काफी परेशान है। शादी की खरीदारी अधिकांश बड़े नोट यानी 500 या 1000 रुपये में की जाती है। अचानक नोट को हटाने से विकट समस्या पैदा हो गई है। अब घर में शादी देखें या नोट को वापस करने के लिए बैंकों में चक्कर  लगाए। मोहित शर्मा, पंचवटी
 

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