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Ghaziabad News: निर्माण और जलकल विभाग की लापरवाही से जलमग्न हुआ अर्थला
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साहिबाबाद। नगर निगम के निर्माण विभाग और जलकल विभाग की लापरवाही से एक बार फिर अर्थला सीवर का पानी घुटनों तक भर गया है। दो दिनों से अर्थला के मुख्य मार्ग से लेकर जीटी रोड पर सीवर का गंदा पानी जमा होने से न केवल यहां की दुकानें बंद हैं बल्कि जिन लोगों के घर मुख्य मार्ग पर हैं, वह अपने घरों में कैद हैं। भीषण गर्मी में घरों के आगे सीवर के पानी से उठती बदबू से लोग परेशान हैं और संक्रमण न फैल जाए इससे डरे हुए हैं।
नवंबर माह से अर्थला मेट्रो के पास नाला और सीवर बनाने का काम नगर निगम के निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। सात माह बीत जाने के बाद भी काम को पूरा नहीं किया जा सका। इसका खामियाजा अर्थला के लोग भुगत रहे हैं। स्थानीय निवासी सुरेश ने बताया कि पहले सीवर का पानी जलकल विभाग द्वारा मोटर लगाकर निकाला जा रहा था। इससे जलभराव की समस्या नहीं हो रही थी। सोमवार को मोटर हटा दी गई। इसके बाद से मुख्य मार्ग पर ही सीवर का पानी बहना शुरू हो गया। तीन दिन में अब मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक में घुटनों भर सीवर का पानी भर गया है।
स्थानीय निवासी दीपक का कहना है कि लोग जूते निकालकर इस रोड से निकल रहे हैं। मेट्रो स्टेशन पर पहुंच कर लोग जूते पहनते हैं। गंदे पानी के जमाव से लोगों को मलेरिया और डेंगू बीमारी का खतरा सता रहा है। इस मामले में नगर निगम के निर्माण विभाग के अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जलकल विभाग द्वारा मोटर लगाकर सीवर का पानी निकाला जा रहा था। दो दिन पहले बिना किसी सूचना के मोटर हटा दिया गया। इससे सीवर का पानी अर्थला के मुख्य मार्ग पर जमा हो गया। सीवर और नाले का काम लगभग पूरा हो गया। केवल नाला को सीवर से जोड़ने का काम बचा हुआ है। जमा पानी की निकासी के बाद जोड़ने का काम पूरा किया जाएगा। वहीं, जल निगम के एसएफआई नरेश का कहना है कि मोटर लगाकर सीवर के पानी की निकासी कराई जा रही है। कुछ तकनीकी खामी होने से मोटर हटाया गया था।
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नवंबर माह से अर्थला मेट्रो के पास नाला और सीवर बनाने का काम नगर निगम के निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। सात माह बीत जाने के बाद भी काम को पूरा नहीं किया जा सका। इसका खामियाजा अर्थला के लोग भुगत रहे हैं। स्थानीय निवासी सुरेश ने बताया कि पहले सीवर का पानी जलकल विभाग द्वारा मोटर लगाकर निकाला जा रहा था। इससे जलभराव की समस्या नहीं हो रही थी। सोमवार को मोटर हटा दी गई। इसके बाद से मुख्य मार्ग पर ही सीवर का पानी बहना शुरू हो गया। तीन दिन में अब मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक में घुटनों भर सीवर का पानी भर गया है।
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स्थानीय निवासी दीपक का कहना है कि लोग जूते निकालकर इस रोड से निकल रहे हैं। मेट्रो स्टेशन पर पहुंच कर लोग जूते पहनते हैं। गंदे पानी के जमाव से लोगों को मलेरिया और डेंगू बीमारी का खतरा सता रहा है। इस मामले में नगर निगम के निर्माण विभाग के अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जलकल विभाग द्वारा मोटर लगाकर सीवर का पानी निकाला जा रहा था। दो दिन पहले बिना किसी सूचना के मोटर हटा दिया गया। इससे सीवर का पानी अर्थला के मुख्य मार्ग पर जमा हो गया। सीवर और नाले का काम लगभग पूरा हो गया। केवल नाला को सीवर से जोड़ने का काम बचा हुआ है। जमा पानी की निकासी के बाद जोड़ने का काम पूरा किया जाएगा। वहीं, जल निगम के एसएफआई नरेश का कहना है कि मोटर लगाकर सीवर के पानी की निकासी कराई जा रही है। कुछ तकनीकी खामी होने से मोटर हटाया गया था।
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