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दरबार में लेट पहुंचे साहब...चौखट पर राह देख रहे थे फरियादी

Wed, 08 Jun 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Wed, 08 Jun 2016 01:23 AM IST
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Arrived late at court were waiting at the door, sir plaintive
समय से पहले ही चले गए प्रमुख अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

शासन लोगों की समस्या निदान के लिए भले ही लाख जतन करे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही शासन की योजनाओं पर भारी पड़ रही है। ऐसे में प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित होने वाला तहसील दिवस मात्र औपचारिकता बनता जा रहा है।

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अधिकारियों की लेटलतीफी और शिकायती प्रार्थना पत्रों पर हावी होती लाल फीताशाही व्यवस्था से लोगों की संख्या अब तहसील दिवसों में घटने लगी है। मंगलवार को अमर उजाला ने लोनी, मोदीनगर और गाजियाबाद में तहसील दिवस का जायजा लिया। कहीं अधिकारी देरी से पहुंचे तो कहीं अधिकारी समय से पहले ही तहसील दिवस खत्म होने से पहले ही खिसक लिए।
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लोनी तहसील दिवस का हाल:
तहसील दिवस में एसएसपी केए ईमेनुअल करीब आधा घंटा और डीएम विमल कुमार शर्मा करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। ऐसे में फारियादी एक घंटे तक अधिकारियों की राह तकते रहे। देरी से पहुंचने से तहसील दिवस की कार्रवाई भी देरी से शुरू हुई। सुबह नौ बजे से फरियादी तहसील परिसर में डीएम-एसएसपी का इंतजार कर रहे थे।
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उनके लेट होने पर फरियादी मौजूद कर्मचारियों से इन वरिष्ठ अधिकारियों के आने का समय पूछते रहे, लेकिन कर्मचारी भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। एसडीएम जयपाल सिंह और ईओ डीके राय ने फरियादियों से समस्या सुनाने के लिए कहा भी, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि एसएसपी और डीएम को ही समस्या बताएंगे।

समय से पहले ही चले गए प्रमुख अधिकारी
गाजियाबाद में नेहरू नगर स्थित सामुदायिक भवन में तहसील दिवस लगता है। मंगलवार को लगे तहसील दिवस पर फरियादी सुबह 10 बजे से पहले पहुंचना शुरू हो गए थे। कर्मचारी भी समय पर पहुंचे, मगर अधिकारी लेट आए।

दोपहर 12.50 बजे ही एसपी सिटी सलमान ताज चले गए। उनके जाने के पांच मिनट बाद ही सीओ सिटी और चंद मिनट बाद ही एसडीएम सदर भी चलते बने, जबकि तहसील दिवस में दोपहर दो बजे तक अधिकारियों को रुकना होता है।

डीएम ने असालतपुर-फर्रुखनगर का किया दौरा
डीएम विमल कुमार शर्मा ने असालतपुर फर्रुखनगर गांव का भ्रमण कर वहॉ  चल रही विभिन्न शासकीय योजनाओं का मौके पर सत्यापन किया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद एनसीआर में है। इसलिए पूरे जनपद को खुले में शौचमुक्त कराना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि खुले में शौच जाने से 80 प्रतिशत बीमारी होती है। इसलिए सभी लोग अपने घरों में शौचालय अवश्य बनवाएं। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पेंशन, विधवा-वृद्धा और विंकलाग पेंशन के लाभार्थियों का भी मौके पर सत्यापन किया। डीएम ने ने गांव में लगाए गये हैंडपंपों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आदेश दिए कि जो हैंडपंप खराब है, उन्हें जल्द ही ठीक कराया जाए।


तहसील दिवस पर दिए ज्ञापन
सभासद प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने तहसील दिवस में डीएम को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा बिल के तहत बनाए गए राशन कार्डो में धांधली का आरोप लगाया। इसके अलावा विकलांग, विधवा और गरीब लोगों के राशन कार्ड न बनाए जाने की शिकायतें भी आईं। भाजपा नेता विजेंद्र त्यागी ने अनियमित बिजली कटौती के खिलाफ तहसील परिसर पर नारेबाजी करते हुए पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद को ज्ञापन सौंपा।

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