{"_id":"6ac809ed85cad9d11a0add8e","slug":"arbitrary-practices-at-cng-cylinder-testing-centers-as-enforcement-tightens-rate-lists-missing-overcharging-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-996084-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: सख्ती बढ़ते ही सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग सेंटरों पर मनमानी…रेट लिस्ट गायब, ज्यादा वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: सख्ती बढ़ते ही सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग सेंटरों पर मनमानी…रेट लिस्ट गायब, ज्यादा वसूली
विज्ञापन
विज्ञापन
अनिल त्यागी
गाजियाबाद। दिल्ली में हुए सीएनजी हादसे के बाद सीएनजी वितरण कंपनी ने बिना वैध कंप्लायंस प्लेट और प्रमाणपत्र के गैस देने पर रोक लगा दी है। इसका असर शहर के सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग सेंटरों पर साफ दिखाई दे रहा है। जो सेंटर कुछ दिन पहले तक खाली पड़े रहते थे, वहां अब सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ टेस्टिंग सेंटरों पर वाहन चालकों से मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि सीएनजी सिलिंडर की री-टेस्टिंग के नाम पर दो से ढाई गुना तक रकम मांगी जा रही है। बृहस्पतिवार को जिले के टेस्टिंग सेंटरों की पड़ताल में किसी भी सेंटर पर निर्धारित दरों की रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं मिली। ऐसे में वाहन चालक मजबूरी में मांगी जा रही रकम देने को विवश हैं।
एडवांस बुकिंग के नाम पर 2000 रुपये का खेल
पड़ताल के दौरान राजनगर एक्सटेंशन स्थित शिव सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग सेंटर पर वाहनों की भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल मिला। सेंटर के बाहर सड़क तक गाड़ियों की कतार लगी थी। सेंटर संचालक विक्रम सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण एडवांस बुकिंग कराने पर ही सिलिंडर की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये देकर एडवांस बुकिंग नहीं कराने पर जांच के लिए समय नहीं मिलेगा। स्थिति यह है कि रकम एडवांस देने के बाद भी वाहन चालकों को 17 अक्तूबर तक की तारीख दी जा रही है। इसके बावजूद लोग मजबूरी में पैसे देकर कई दिन बाद की तारीख ले रहे हैं।
विज्ञापन
1000 की जांच के अब मांगे जा रहे 2500 रुपये
वाहन की जांच कराने आए मनीष त्यागी ने बताया कि पहले सीएनजी पंपों पर बिना किसी रोक-टोक और औपचारिकता के गैस मिल रही थी। उस समय 1000 रुपये में सिलिंडर की टेस्टिंग कर प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता था। अब पंपों पर सख्ती के बाद सेंटरों पर रकम बढ़ गई है। मनीष के अनुसार, एक सेंटर पर उनसे 2500 रुपये मांगे गए। इसके बाद राजनगर एक्सटेंशन स्थित सेंटर पर 2000 और एनएच से सटे हाईटेक कॉलेज के पास स्थित सेंटर पर 2500 रुपये की मांग की गई।
विज्ञापन
वाहन स्वामी गोलू कुमार ने बताया कि हाईटेक कॉलेज के पास स्थित सेंटर पर उनसे भी 2500 रुपये मांगे गए। उनसे कहा गया कि पक्का बिल चाहिए तो जीएसटी अलग से देना होगा। अलग-अलग सेंटरों पर अलग-अलग रकम मांगे जाने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।
एक लाख वाहनों के प्रमाणपत्र हो चुके हैं एक्सपायर
जिले में वर्तमान में करीब तीन लाख सीएनजी वाहन पंजीकृत हैं। नियमों के अनुसार सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रत्येक सीएनजी वाहन के सिलिंडर की हर तीन साल में हाइड्रो टेस्टिंग कराना अनिवार्य होता है। नियमों की अनदेखी के चलते जिले में एक लाख से अधिक वाहनों की कंप्लायंस प्लेट और री-टेस्टिंग प्रमाणपत्र की समयावधि समाप्त हो चुकी है। अब पंपों पर बिना वैध प्लेट के सीएनजी मिलना बंद होने के बाद चालक टेस्टिंग सेंटरों की ओर भाग रहे हैं।
नकद भुगतान से जीएसटी चोरी की आशंका
जिले में कुल पांच अधिकृत सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। नियमों के अनुसार प्रत्येक सेंटर पर दरों की सूची यानी रेट लिस्ट सार्वजनिक रूप से बोर्ड पर प्रदर्शित होनी चाहिए। पड़ताल के दौरान किसी भी सेंटर पर ऐसी सूची प्रदर्शित नहीं मिली। इसके अलावा वाहन चालकों से जांच के नाम पर मुख्य रूप से नगद भुगतान लिए जाने की बात सामने आई। पक्का बिल मांगने पर अतिरिक्त जीएसटी देने की बात कही जा रही है। इससे पूरी प्रक्रिया में टैक्स और जीएसटी चोरी की आशंका भी पैदा हो रही है।
समय-समय पर सीएनजी सिलिंडर टेस्टिंग सेंटरों की जांच की जाती है। सेंटरों ने यदि रेट लिस्ट सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित नहीं की है या वाहन चालकों से तय दरों से अधिक पैसा वसूला जा रहा है तो मामलों की जांच कराकर संबंधित सेंटरों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
-विवेक खरवार, आरआई, परिवहन विभाग
(संवाद)