गाजियाबाद। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ अदालत में अधिवक्ता ने अर्जी दाखिल कर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने पर रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है। अदालत ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए साहिबाबाद थाना प्रभारी को आदेश दिया है कि आरोप की सत्यता की जांच कर स्वयं पूरी रिपोर्ट के साथ 12 मार्च को अदालत में पेश हों। अदालत ने कहा है कि अधिवक्ता संकेत कटारा ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर गंभीर आरोप लगाया है।
लाजपत नगर निवासी अधिवक्ता संकेत कटारा की तरफ से वकील पुष्पेंद्र गौतम ने अदालत में अर्जी दाखिल की है। पुष्पेंद्र ने बताया कि स्वामी प्रसाद मौर्य आए दिन अभद्र टिप्पणी किये जा रहे हैं। वह कभी रामायण को गलत ठहरा रहे हैं, कभी माता लक्ष्मी पर अपमानजनक शब्द बोल रहे हैं। कभी राम मंदिर व भगवान रामचंद्र के खिलाफ अपशब्द बोल रहे हैं। वकील ने बताया कि 27 दिसंबर को एक सम्मेलन में स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने भाषण में हिंदू धर्म को धोखा और पाखंड बताया है, इससे बहुत से हिंदू सनातनी समाज की आस्था और विश्वास को कष्ट पहुंचा है। जबकि भारतीय संविधान के अनुसार सभी को अपने धर्म और पंथ मानने का पूर्ण अधिकार है। कोई किसी को धर्म मनवाने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। अगर कोई किसी धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत करता है तो वह भारतीय दण्ड संहिता के तहत एक दण्डनीय अपराध है।