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Ghaziabad News: 1.82 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी पकड़ा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:47 AM IST
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Another accused arrested in fraud of Rs 1.82 crore
गाजियाबाद। इंदिरापुरम, नीति खंड के अंकित रस्तौगी से निवेश करने के नाम पर 1.82 करोड़ की ठगी करने वाले दूसरे आरोपी विजय दलाल निवासी ग्राम कुंभा, थाना सदर हांसी, जिला हिसार, हरियाणा को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, खाते में आने वाली रकम का पांच फीसदी हिस्सा मिलने के लालच में आरोपी ने ठगी का काम शुरू किया था। हरियाणा के चंडीगढ़ से आरोपी ने स्नातक की पढाई की है।
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एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम नीतिखंड निवासी अंकित रस्तोगी ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि निवेश करने के नाम पर उनसे 1.82 करोड़ की ठगी हो गई। उन्होंने व्हाटसएप पर हुई चैट और खाते में हुए लेनदेन के साक्ष्य भी उपलब्ध कराए। इसके बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की। 19 जुलाई को पुलिस ने सुमित जिंदल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम चार, दो चेकबुक, पांच चेक, दो मौहर, लाख रुपये, व्हाट्सअप चैट भी बरामद की। सुमित जिंदल ने ही विजय दलाल का नाम बताया था। विजय दलाल को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ हुई तो पता चला कि सुमित जिंदल, विजय दलाल एवं हर्ष खत्री मिलकर बलजिन्द्र उर्फ अजय के लिये काम करते थे। यह लोग अलग अलग नाम से व्हाटसएप पर ग्रुप बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। उसने बताया कि चंडीगढ़ में पढाई के दौरान उसकी मुलाकात बलजिन्द्र उर्फ अजय से हुई थी। बलजिन्द्र उर्फ अजय उससे फ्रॉड के पैसे डलवाने को खातों की डिटेल उपलब्ध कराने के लिए कहता था। जो रकम खाते में आती, उसका पांच फीसदी हिस्सा उसका मिलता था। अभी पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इसके बाद ही यह पता चलेगा कि इन लोगों ने अभी तक कुल कितने लोगों से ठगी की है।
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18.10 लाख की ठगी करने वाला दबोचा : कमाई का झांसा देकर राजनगर एक्सटेंशन के सुबोध त्यागी को 18.10 लाख रुपये की चपत लगाने वाले शातिर को भी क्राइम ब्रांच की टीम ने दबोचा। उससे छह मोबाइल फोन, 12 चेक बुक, पांच पेन कार्ड, तीन आधार कार्ड समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि निवेश करके मुनाफा होने का झांसा देकर सुबोध से 18.10 लाख रुपए की ठगी हुई थी। उन्हें रिया जायसवाल नाम की फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद शातिरों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर जोडा। मामले में मोहित चौधरी उर्फ हर्ष आदित्य उर्फ हर्ष मिश्रा निवासी रोहिणी नॉर्थ ईस्ट दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मोहित ने बताया कि वह एक गिरोह के लिए काम करता है। गिरोह में मोनू उर्फ प्रशांत चौधरी, आकाश और आशीष यादव शामिल हैं। मोहित ने कारोबार में घाटा होने पर अपने भाई मोनू के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड करना शुरू किया था। उसने फर्जीवाड़ा करके कई आधार कार्ड और पेन कार्ड बनवाए। इनके जरिए फर्जी फर्म बनाकर करंट अकाउंट खुलवाए। यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देकर उनसे ठगी की वारदात को अंजाम देता था। ठगी की रकम को गिरोह कमीशन पर लिए गए कई खातों के जरिए निकाल लेते थे। आशीष यादव का बैंकाक से भी लिंक सामने आया है। सभी बिंदुओं पर पुलिस की टीम जांच कर रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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