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Ghaziabad News: कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई एंबुलेंस, खंडित होने का आरोप लगाकर हाईवे से थाने तक हंगामा
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मुरादनगर। दिल्ली-मेरठ राष्ट्रीय रेलवे रोड के पास कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर होने के
- फोटो : Archive
मुरादनगर। दिल्ली-मेरठ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 108 एंबुलेंस की कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर के बाद हंगामा हो गया। कांवड़ियों ने कांवड़ खंडित होने और अखंड ज्योत बुझने का आरोप लगाते हुए पहले सड़क जाम की, फिर थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। इससे मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस बीच रास्ते में फंस गई और चालक के साथ मारपीट की गई। करीब दो घंटे बाद प्रशासन के समझाने और वाहन की मरम्मत कराने का आश्वासन देने पर कांवड़ यात्री शांत हुए।
एसीपी सुनील कुमार के अनुसार, नोएडा के खैरपुर गांव निवासी मन्नू गुर्जर साथियों के साथ हरिद्वार से 221 लीटर गंगाजल लेकर लौट रहे थे। उनका कहना है कि वे गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग के समर्थन में कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। रविवार रात काफिला मुरादनगर के एक सेवा शिविर में रुका था।
सोमवार सुबह करीब पौने पांच बजे कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे रोड के पास सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान सीएचसी मुरादनगर से मरीजों को गाजियाबाद ले जा रही 108 एंबुलेंस पीछे से ट्रॉली में जा भिड़ी।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली आगे बढ़कर हाईटेंशन पोल से टकरा गई। कांवड़ियों का आरोप है कि इससे जनरेटर फुंक गया, ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई और अखंड ज्योत बुझ गई। इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच में कांवड़ खंडित होने की पुष्टि नहीं हुई है। एसीपी ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
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हाईवे से थाने तक प्रदर्शन
हादसे के बाद कांवड़िये दिल्ली-मेरठ मार्ग पर बैठ गए। थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे, लेकिन कांवड़िये नुकसान की भरपाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। बाद में वे मुरादनगर थाने पहुंच गए और वहां भी प्रदर्शन जारी रखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सुनील कुमार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली, जनरेटर व अन्य क्षतिग्रस्त सामान की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर कांवड़ यात्री शांत हुए और आगे की यात्रा पर रवाना हो गए।
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एंबुलेंस चालक से मारपीट, मरीजों को भी लगी चोट
पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस चालक नईम राजस्थान के सलेकपुर निवासी बीमार कांवड़ियों बिल्लू और सोनू को सीएचसी मुरादनगर से संयुक्त जिला अस्पताल संजयनगर ले जा रहा था। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने चालक के साथ मारपीट कर दी। इससे वह घायल हो गया। एंबुलेंस में सवार दोनों मरीजों को भी चोटें आईं। बाद में उन्हें दूसरे वाहन से अस्पताल भेजा गया।
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दो घंटे जाम में फंसे रहे वाहन
हंगामे और जाम के कारण सुबह करीब पांच बजे से सात बजे तक हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। दफ्तर, स्कूल और अन्य कामों के लिए निकले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने यातायात को वन-वे कर वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालकर स्थिति सामान्य कराई।
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एसीपी सुनील कुमार के अनुसार, नोएडा के खैरपुर गांव निवासी मन्नू गुर्जर साथियों के साथ हरिद्वार से 221 लीटर गंगाजल लेकर लौट रहे थे। उनका कहना है कि वे गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग के समर्थन में कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। रविवार रात काफिला मुरादनगर के एक सेवा शिविर में रुका था।
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सोमवार सुबह करीब पौने पांच बजे कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे रोड के पास सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान सीएचसी मुरादनगर से मरीजों को गाजियाबाद ले जा रही 108 एंबुलेंस पीछे से ट्रॉली में जा भिड़ी।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली आगे बढ़कर हाईटेंशन पोल से टकरा गई। कांवड़ियों का आरोप है कि इससे जनरेटर फुंक गया, ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई और अखंड ज्योत बुझ गई। इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच में कांवड़ खंडित होने की पुष्टि नहीं हुई है। एसीपी ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
हाईवे से थाने तक प्रदर्शन
हादसे के बाद कांवड़िये दिल्ली-मेरठ मार्ग पर बैठ गए। थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे, लेकिन कांवड़िये नुकसान की भरपाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। बाद में वे मुरादनगर थाने पहुंच गए और वहां भी प्रदर्शन जारी रखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सुनील कुमार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली, जनरेटर व अन्य क्षतिग्रस्त सामान की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर कांवड़ यात्री शांत हुए और आगे की यात्रा पर रवाना हो गए।
एंबुलेंस चालक से मारपीट, मरीजों को भी लगी चोट
पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस चालक नईम राजस्थान के सलेकपुर निवासी बीमार कांवड़ियों बिल्लू और सोनू को सीएचसी मुरादनगर से संयुक्त जिला अस्पताल संजयनगर ले जा रहा था। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने चालक के साथ मारपीट कर दी। इससे वह घायल हो गया। एंबुलेंस में सवार दोनों मरीजों को भी चोटें आईं। बाद में उन्हें दूसरे वाहन से अस्पताल भेजा गया।
दो घंटे जाम में फंसे रहे वाहन
हंगामे और जाम के कारण सुबह करीब पांच बजे से सात बजे तक हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। दफ्तर, स्कूल और अन्य कामों के लिए निकले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने यातायात को वन-वे कर वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालकर स्थिति सामान्य कराई।