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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: एक टीके से खत्म होगा हैजा, बिबकोल में होगा उत्पादन

Wed, 10 Nov 2021 09:15 AM IST
पूजा त्रिपाठी पुनीत शर्मा, अमर उजाला, बुलंदशहर
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, बुलंदशहर Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 10 Nov 2021 09:15 AM IST
सार

बिबकोल के एमडी डॉ. संजय मिश्रा के निर्देशन में 20 सदस्यीय टीम ने वैक्सीन के लिए कार्य शुरू कर दिया है। सरकार के निर्देश पर बिबकोल ने सबसे पहले वैक्सीन का फॉर्मूला बनाया है।

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Amar Ujala Exclusive bibcol to manufacture haija vaccination of one shot
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

देश को एक और महामारी से निजात दिलाने के लिए बिबकोल अहम भूमिका निभाएगा। पहले पोलिया और अब हैजा की बीमारी से निजात दिलाने के लिए बिबकोल में कोलरा नामक वैक्सीन के फॉर्मूले का सफल परीक्षण किया गया है। वैक्सीन बनाने के लिए अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय औरविश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम आगे की प्रक्रिया के लिए कंपनी का निरीक्षण करेगी।

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चोला के औद्योगिक क्षेत्र स्थित भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बिबकोल) की स्थापना वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी। कंपनी की स्थापना के समय देश से पोलियो नामक महामारी के खात्मे के लिए वैक्सीन उत्पादन का कार्य सौंपा गया था।
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स्थापना के बाद से अब तक कंपनी ओपीवी (ओरल पोलियो वैक्सीन) की 12.5 करोड़ से अधिक खुराक तैयार कर चुकी है। अब सरकार ने कंपनी को कोलरा वैक्सीन बनाने का जिम्मा सौंपा है। वैक्सीन बनाने के पहले लैब बनाने, उपकरण खरीदने के लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है।
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बिबकोल के एमडी डॉ. संजय मिश्रा के निर्देशन में 20 सदस्यीय टीम ने वैक्सीन के लिए कार्य शुरू कर दिया है। सरकार के निर्देश पर बिबकोल ने सबसे पहले वैक्सीन का फॉर्मूला बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक अभी कंपनी में लैब बनाने के लिए और बजट सरकार जारी करेगी।

अगले वर्ष तक वैक्सीन मिलने की संभावना

नियमानुसार वैक्सीन का उत्पादन करने और लोगों के लिए उपलब्धता में अभी करीब एक वर्ष का समय लग सकता है। पहले सरकार और डब्ल्यूएचओ से अनुमति, इसके बाद फाइल को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया  (डीसीजीआई) के पास भेजते हुए ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मांगी जाएगी। ट्रायल की अनुमति के बाद डीजीसीआई ट्रायल के लिए केंद्रों का निर्धारण करेगी। इसी बीच कंपनी द्वारा वैक्सीन का उत्पादन किया जाएगा। विभिन्न फेज में होने वाले ट्रायल की रिपोर्ट के आधार पर वैक्सीन का प्रोडक्शन करते हुए लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।  

हैजा को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने की तैयारी चल रही है। सरकार के निर्देश पर लैब बनाने का कार्य किया जा रहा है। अभी वैक्सीन बनाने के फॉर्मूला पर कार्य चल रहा है। डब्ल्यूएचओ व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- सुनील शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकोल
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