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Ghaziabad News: विकास भवन के दफ्तर में महिला को जिलाधिकारी बताकर मिलवाने का आरोप
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शिकायत लेकर विकास भवन पहुंची दिव्यांग पीड़िता। वीडियो ग्रैब
गाजियाबाद। एक दिव्यांग महिला ने पेंशन से लेकर मकान निर्माण के लिए सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी उन्हें विकास भवन के एक दफ्तर में ले गया, जहां एक महिला को जिलाधिकारी बताकर उनसे मुलाकात कराई गई। वहां उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया। सोमवार को महिला विकास भवन पहुंची और इस संबंध में जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी अंशुल चौहान से शिकायत की।
अंशुल चौहान ने बताया कि इस मामले में नवयुग मार्केट क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी लक्ष्मी ने शिकायत दी है। उनके अनुसार, मामला करीब तीन वर्ष पुराना है। शिकायत में विकास भवन के एक दफ्तर में किसी महिला को अधिकारी बताकर मिलवाने की बात कही गई है। मामले की जांच की जा रही है। कविनगर पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए हैं, वह भी दिव्यांग है। उससे संपर्क किया गया है। मंगलवार को दोनों पक्षों से इस संबंध में बातचीत की जाएगी।
सभी योजनाओं का लाभ दिलाने का दिया था भरोसा
लक्ष्मी ने बताया कि आरोपी से उनकी पहचान एक परिचित के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने दावा किया था कि प्रशासन में जिलाधिकारी समेत कई बड़े अधिकारियों से उसके अच्छे संबंध हैं। उसने भरोसा दिलाया कि वह उनके मकान के निर्माण के लिए सरकारी सहायता के साथ-साथ पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ भी दिलवा देगा। पीड़िता के अनुसार, उन्हें सरकारी प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। आरोपी ने जिस महिला को जिलाधिकारी बताया, उन्होंने उस पर विश्वास कर लिया। इसके बाद उन्होंने कुछ रुपये स्वयं और कुछ रिश्तेदारों से लेकर करीब दो लाख रुपये आरोपी को दे दिए। इसके बाद आरोपी कई महीनों तक उन्हें बहलाता-टालता रहा। महिला का कहना है कि शुरुआत में वह आरोपी के झांसे में थीं, जबकि बाद में शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण शिकायत करने में देरी हो गई।
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अंशुल चौहान ने बताया कि इस मामले में नवयुग मार्केट क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी लक्ष्मी ने शिकायत दी है। उनके अनुसार, मामला करीब तीन वर्ष पुराना है। शिकायत में विकास भवन के एक दफ्तर में किसी महिला को अधिकारी बताकर मिलवाने की बात कही गई है। मामले की जांच की जा रही है। कविनगर पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए हैं, वह भी दिव्यांग है। उससे संपर्क किया गया है। मंगलवार को दोनों पक्षों से इस संबंध में बातचीत की जाएगी।
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सभी योजनाओं का लाभ दिलाने का दिया था भरोसा
लक्ष्मी ने बताया कि आरोपी से उनकी पहचान एक परिचित के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने दावा किया था कि प्रशासन में जिलाधिकारी समेत कई बड़े अधिकारियों से उसके अच्छे संबंध हैं। उसने भरोसा दिलाया कि वह उनके मकान के निर्माण के लिए सरकारी सहायता के साथ-साथ पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ भी दिलवा देगा। पीड़िता के अनुसार, उन्हें सरकारी प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। आरोपी ने जिस महिला को जिलाधिकारी बताया, उन्होंने उस पर विश्वास कर लिया। इसके बाद उन्होंने कुछ रुपये स्वयं और कुछ रिश्तेदारों से लेकर करीब दो लाख रुपये आरोपी को दे दिए। इसके बाद आरोपी कई महीनों तक उन्हें बहलाता-टालता रहा। महिला का कहना है कि शुरुआत में वह आरोपी के झांसे में थीं, जबकि बाद में शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण शिकायत करने में देरी हो गई।
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