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Ghaziabad News: यमुना किनारे बाढ़ का खतरा, लोनी में अलर्ट
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लोनी में यमुना में आया उफान। संवाद
गाजियाबाद/साहिबाबाद। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की घटना से नदियां उफान पर हैं। लोनी के कई गांवों के खेतों तक पानी पहुंच गया है। सोमवार को हथिनी कुंड बैराज से 321653 क्यूसेक पानी छोड़ा है। इसके बाद से जिला प्रशासन ने लोनी, करहेड़ा और यमुना किनारे बसे गांवों को अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से सुरक्षित स्थान ढूंढ़ने और जरूरी सामग्री साथ रखने की अपील की है। गांव-गांव में मुनादी भी कराई है।
एडीएम एफ सौरभ भट्ट ने बताया कि लोनी के ग्रामीण इलाके जो यमुना से सटे हैं, वहां के ग्राम प्रधान के साथ बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए न सिर्फ बैठक की है बल्कि लोगों को अपने मवेशी, कागजात, दवाइयां इत्यादि के साथ डूब क्षेत्र को खाली करने को भी कह दिया है। लोनी में यमुना का जलस्तर अभी 211.5 पर है। खतरे का निशान 212 है। ऐसे में अभी से डूब क्षेत्र के घरों के पास पानी पहुंचना शुरू हो गया है। हिंडन नदी के डूब क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ा दी गई है।
हिंडन नदी का जलस्तर जो दो दिन पहले 200 मीटर से नीचे था वह सोमवार की सुबह 200.95 पर पहुंच गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस तरह बारिश होती रही तो जल स्तर और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाके में लोगों को बाढ़ के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग से मिली सूचना के मुताबिक हथिनीकुंड बैराज से 321653 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 24 घंटे या 36 घंटे में यमुना में जलस्तर बढ़ने की संभावना है इसलिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।
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डूब क्षेत्र के लोगों के लिए अपील
- खाद्य सामग्री जैसे बिस्कुट, मुरमुरे, भुना चने और पैकेटबंद सामग्री रखें
- जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड को वॉटरप्रूफ बैग में रखें।
- क्लोरिन, ओआरएस तथा आवश्यक दवाइयां प्राथमिक उपचार किट में रखें
- सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखें।
- बाढ़ की चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्ध, दिव्यांगजन एवं बीमार व्यक्तियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
प्रशासन ने जारी किया टोल फ्री नंबर
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 108/102 पर कॉल कर लोग मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। लोग 0120-2989032, 2986150 एवं टोल फ्री नंबर-1077 पर संपर्क कर सकते हैं।
इन गांव के खेतों तक पहुंचा पानी
यमुना से सटे गांव जिनमें बदरपुर, नौरासपुर, हरमपुर, पचायरा, मीरपुर हिंदू कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां यमुना का पानी सबसे पहले पहुंचता है। पचायरा एवं हरमपुर गांव के खेतों तक पानी पहुंच चुका है। दस दिन पहले भी यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से इन गांव के खेतों में पानी भर जाने से फसल खराब हो गई थी।
वर्ष 2023 में आई थी बाढ़
गाजियाबाद में बाढ़ वर्ष 2023 जुलाई में बंधा टूटने की वजह से बाढ़ आ गई थी, जिसमें लोगों को भारी नुकसान हुआ था। करहेड़ा सहित राजनगर एक्टेंशन के गांव, लोनी में कई गांवों में लोगों के घर डूब गए थे और सामान बर्बाद हो गया था। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र भी ठप हो गया था, जिससे कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया था। कई लोगों की मौत भी हो गई थी।
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एडीएम एफ सौरभ भट्ट ने बताया कि लोनी के ग्रामीण इलाके जो यमुना से सटे हैं, वहां के ग्राम प्रधान के साथ बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए न सिर्फ बैठक की है बल्कि लोगों को अपने मवेशी, कागजात, दवाइयां इत्यादि के साथ डूब क्षेत्र को खाली करने को भी कह दिया है। लोनी में यमुना का जलस्तर अभी 211.5 पर है। खतरे का निशान 212 है। ऐसे में अभी से डूब क्षेत्र के घरों के पास पानी पहुंचना शुरू हो गया है। हिंडन नदी के डूब क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ा दी गई है।
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हिंडन नदी का जलस्तर जो दो दिन पहले 200 मीटर से नीचे था वह सोमवार की सुबह 200.95 पर पहुंच गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस तरह बारिश होती रही तो जल स्तर और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाके में लोगों को बाढ़ के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग से मिली सूचना के मुताबिक हथिनीकुंड बैराज से 321653 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 24 घंटे या 36 घंटे में यमुना में जलस्तर बढ़ने की संभावना है इसलिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।
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डूब क्षेत्र के लोगों के लिए अपील
- खाद्य सामग्री जैसे बिस्कुट, मुरमुरे, भुना चने और पैकेटबंद सामग्री रखें
- जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड को वॉटरप्रूफ बैग में रखें।
- क्लोरिन, ओआरएस तथा आवश्यक दवाइयां प्राथमिक उपचार किट में रखें
- सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखें।
- बाढ़ की चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्ध, दिव्यांगजन एवं बीमार व्यक्तियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
प्रशासन ने जारी किया टोल फ्री नंबर
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 108/102 पर कॉल कर लोग मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। लोग 0120-2989032, 2986150 एवं टोल फ्री नंबर-1077 पर संपर्क कर सकते हैं।
इन गांव के खेतों तक पहुंचा पानी
यमुना से सटे गांव जिनमें बदरपुर, नौरासपुर, हरमपुर, पचायरा, मीरपुर हिंदू कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां यमुना का पानी सबसे पहले पहुंचता है। पचायरा एवं हरमपुर गांव के खेतों तक पानी पहुंच चुका है। दस दिन पहले भी यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से इन गांव के खेतों में पानी भर जाने से फसल खराब हो गई थी।
वर्ष 2023 में आई थी बाढ़
गाजियाबाद में बाढ़ वर्ष 2023 जुलाई में बंधा टूटने की वजह से बाढ़ आ गई थी, जिसमें लोगों को भारी नुकसान हुआ था। करहेड़ा सहित राजनगर एक्टेंशन के गांव, लोनी में कई गांवों में लोगों के घर डूब गए थे और सामान बर्बाद हो गया था। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र भी ठप हो गया था, जिससे कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया था। कई लोगों की मौत भी हो गई थी।