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Ghaziabad News: एआई फॉर ऑल अब पहले वर्ष से ही होगा लागू
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गाजियाबाद। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते महत्व को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने अब स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए ''''''''एआई फॉर ऑल'''''''' पाठ्यक्रम को अनिवार्य कर दिया है। नए शैक्षणिक सत्र से यह कोर्स सभी संकायों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों पर लागू होगा।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत अवधारणाओं, इसके व्यावहारिक उपयोग, नैतिक पहलुओं और विभिन्न क्षेत्रों में इसके बढ़ते प्रभाव से परिचित कराना है। इससे छात्र आधुनिक तकनीक की समझ विकसित कर सकेंगे और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर पाएंगे। पाठ्यक्रम का मूल्यांकन 100 अंकों का होगा। इसमें 40 अंक आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 60 अंकों की ऑफलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। आंतरिक मूल्यांकन में असाइनमेंट, प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन, क्विज और उपस्थिति जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस डिजिटल दौर में एआई की जानकारी केवल तकनीकी छात्रों तक सीमित नहीं रह गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, उद्योग, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों के लिए इसकी बुनियादी समझ आवश्यक हो गई है। नए पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों में तकनीकी जागरूकता बढ़ेगी, नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
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विश्वविद्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत अवधारणाओं, इसके व्यावहारिक उपयोग, नैतिक पहलुओं और विभिन्न क्षेत्रों में इसके बढ़ते प्रभाव से परिचित कराना है। इससे छात्र आधुनिक तकनीक की समझ विकसित कर सकेंगे और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर पाएंगे। पाठ्यक्रम का मूल्यांकन 100 अंकों का होगा। इसमें 40 अंक आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 60 अंकों की ऑफलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। आंतरिक मूल्यांकन में असाइनमेंट, प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन, क्विज और उपस्थिति जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।
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विश्वविद्यालय का मानना है कि इस डिजिटल दौर में एआई की जानकारी केवल तकनीकी छात्रों तक सीमित नहीं रह गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, उद्योग, कृषि और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों के लिए इसकी बुनियादी समझ आवश्यक हो गई है। नए पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों में तकनीकी जागरूकता बढ़ेगी, नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
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