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सात वर्ष बीते, नहीं मिला आशियाना
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:42 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
कुछ निजी बिल्डरों की धोखाधड़ी से बचने के लिए आवास एवं विकास परिषद की शिखर एंक्लेव योजना में बुकिंग कराने वाले आवंटी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। टू और थ्री बीएचके फ्लैट की योजना में लाखों रुपये जमा करा चुके लोग अब परिषद अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में हैं।
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लोगों का कहना है कि परिषद और ठेकेदारों की मिलीभगत से लांचिंग के सात वर्ष बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं मिल पा रहा है। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन पजेशन कब मिलेगा यह पता नहीं।
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आवास विकास परिषद ने 216 फ्लैटों की शिखर एंक्लेव योजना 2009 में लांच की थी। परिषद की पहली बहुमंजिला इमारतों की योजना में जोर-शोर से बुकिंग भी लोगों ने करवाई, लेकिन इसके बाद से लगातार योजना विवादों में ही रही।
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योजना का पजेशन 2014 की शुरुआत में होना था, जिसमें करीब दो साल की देरी हो चुकी है। यहां फ्लैट बुक करवाने वाले लोगों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों और ठेकेदार ने अपने फायदे के लिए योजना को अधर में लटका दिया गया है।
गलत तरीके से टेंडर दिए गए। ज्यादातर ठेकेदारों को 90 फीसदी तक की पेमेंट भी की जा चुकी है, मगर काम लटका है। हालांकि आवास एवं विकास परिषद के आयुक्त आरपी सिंह का कहना है कि जल्द से जल्द योजना का काम पूरा करने की कोशिश जारी है। जल्द ही लोगों को पजेशन मिल जाएगा।
ड्राइंग ही नहीं, कैसे हो बिजली की फिटिंग
उधर, सूत्रों की मानें तो बिल्डिंग के नक्शों की ड्राइंग भी गायब है। ऐसे में योजना में इलेक्ट्रिकल का काम भी पूरा नहीं हो पा रहा है। हालांकि अधिकारी मामले को गलत बता रहे हैं और जल्द ही काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं।