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‘प्रशासन घर जाकर दे शहादत की शौर्य राशि’
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:28 AM IST
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बॉर्डर पर बीएसएफ
- फोटो : फाइल फोटो
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‘सैनिक की शहादत पर उसके परिजनों को दी जाने वाली शौर्य राशि प्रशासन को खुद शहीद के घर जाकर देनी चाहिए। इसमें देरी भी नहीं होनी चाहिए। एक माह के अंदर ही यह राशि पीड़ित परिजनों का पहुंच जानी चाहिए।’ यह कहना है राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी का।
रक्षा मंत्री को भेजे अपने पत्र में कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा है कि गाजियाबाद में शहीद सैनिकों के दो ऐसे उदाहरण मिले हैं, जिनकी शहादत राशि के लिए उनके परिजनों को भटकना पड़ा है। कीर्ति चक्र प्राप्त शहीद कैप्टन देवेंद्र सिंह जस और शौर्य चक्र प्राप्त कैप्टन मोहन सिंह के परिजन।
उन्होंने बताया कि इन परिवारों को शौर्य राशि मिलने में करीब दस साल का समय लगा। उन्होंने रक्षा मंत्री से मांग की है कि इस प्रकार के मामले एक माह में निपटाए जाएं और इसके लिए प्रशासन की जिम्मेदारी भी तय की जाए। प्रशासनिक अधिकारी शहीद के घर जाकर निर्धारित समय में शौर्य राशि का चेक उसके परिजनों को सौंपें।
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रक्षा मंत्री को भेजे अपने पत्र में कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा है कि गाजियाबाद में शहीद सैनिकों के दो ऐसे उदाहरण मिले हैं, जिनकी शहादत राशि के लिए उनके परिजनों को भटकना पड़ा है। कीर्ति चक्र प्राप्त शहीद कैप्टन देवेंद्र सिंह जस और शौर्य चक्र प्राप्त कैप्टन मोहन सिंह के परिजन।
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उन्होंने बताया कि इन परिवारों को शौर्य राशि मिलने में करीब दस साल का समय लगा। उन्होंने रक्षा मंत्री से मांग की है कि इस प्रकार के मामले एक माह में निपटाए जाएं और इसके लिए प्रशासन की जिम्मेदारी भी तय की जाए। प्रशासनिक अधिकारी शहीद के घर जाकर निर्धारित समय में शौर्य राशि का चेक उसके परिजनों को सौंपें।
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