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Ghaziabad News: साइबर ठगी में फंसने से बचने के लिए दोस्त की हत्या का आरोप
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मृतक भारत सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : Self
गाजियाबाद। दिल्ली में सीबीसीआईडी कार्यालय में बयान दर्ज कराने जा रहे युवक की गाजियाबाद में संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गोशाला फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मिले शव के मामले में साथ जा रहे दोस्त पर ही हत्या का आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि साइबर ठगी के केस में खुद को बचाने के लिए आरोपी ने ट्रेन में ही दोस्त के सिर पर भारी वस्तु से हमला किया और फिर उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने पीलीभीत से आए परिजनों की तहरीर पर हत्या, साक्ष्य छिपाने, पुलिस को गुमराह करने और एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 16 सितंबर की सुबह गोशाला फाटक के नजदीक रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। विजयनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शुरुआती जांच में मृतक की जेब से कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस ने आसपास के थानों और सोशल मीडिया के जरिए शिनाख्त के प्रयास किए। बाद में ग्राम प्रधान के माध्यम से पीलीभीत में संपर्क कर शव की फोटो भेजी गई, तब उसकी पहचान पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर खास निवासी भारत सिंह (30) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोट मिली, जिससे हत्या की आशंका गहराई।
साइबर ठगी के मामले में बुलाया था दिल्ली
मृतक के पिता जगदीश सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा भारत सिंह पहले दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था, जो उसने करीब एक साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। 9 सितंबर की सुबह दिल्ली से सीबीसीआईडी की टीम उनके घर पहुंची थी। टीम ने करीब चार घंटे तक घर की तलाशी ली और भारत से उसके बैंक खातों, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो के बारे में पूछताछ की।
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पूछताछ में भारत ने बताया था कि वर्ष 2024 में उसके बचपन के दोस्त देवेश कुमार ने साझे में ऑनलाइन व्यापार करने का झांसा दिया था। इसके लिए देवेश ने उसके दस्तावेज लेकर उसके नाम से खाता खुलवाया था। जब टीम ने देवेश से पूछताछ की तो उसने खाता खुलवाने के लिए दस्तावेज किसी अन्य दोस्त को देने की बात कही। पिता के मुताबिक सीबीसीआईडी टीम ने दोनों पर लाखों रुपये की साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामले में खाता उपलब्ध कराने का आरोप लगाया था। दोनों को नोटिस देकर 16 सितंबर को दिल्ली स्थित सीबीसीआईडी कार्यालय में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।
बरेली से ट्रेन में हुए थे सवार, गाजियाबाद में दिया वारदात को अंजाम
जगदीश के अनुसार 15 सितंबर की रात भारत और देवेश बरेली से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली के लिए निकले थे। आरोप है कि गाजियाबाद पहुंचने पर देवेश ने ट्रेन में ही भारत के सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर उसे नीचे फेंक दिया। वारदात के बाद आरोपी ने परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की।
परिजनों को किया गुमराह, फिर बंद कर लिया फोन
पिता ने बताया कि 16 सितंबर की सुबह करीब सात बजे देवेश ने उनके मंझले बेटे को कॉल किया और कहा कि भारत गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतर गया है और ऑटो से दिल्ली जाने की बात कहकर चला गया है। इसके तुरंत बाद देवेश ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। करीब एक घंटे बाद ही विजयनगर पुलिस ने ग्राम प्रधान के मोबाइल फोन पर भारत के शव की फोटो भेजकर शिनाख्त करने को कहा। सूचना पर परिजन गाजियाबाद पहुंचे और शव की पहचान की।
परिजनों का कहना है कि भारत के सिर के पिछले हिस्से में गहरा घाव था, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर ट्रेन से गिरने जैसी रगड़ की चोटें थीं। इसी आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि उनका बेटा बेकसूर था और देवेश को अपनी गर्दन फंसती नजर आ रही थी, इसलिए उसने साजिश के तहत दोस्त को रास्ते से हटा दिया।
बचपन की दोस्ती, साथ किया था व्यापार का प्लान
पीड़ित पिता ने बताया कि देवेश और भारत की बचपन से गहरी दोस्ती थी। दोनों एक-दूसरे पर काफी विश्वास करते थे। नौकरी छोड़ने के बाद भारत ने देवेश के साथ मिलकर ऑनलाइन व्यापार करने की योजना बनाई थी। इसी भरोसे में उसने अपने दस्तावेज दे दिए थे, जिसका देवेश ने गलत इस्तेमाल किया। डीसीपी ने बताया कि आरोपी देवेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना में इस्तेमाल वस्तु और ट्रेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 16 सितंबर की सुबह गोशाला फाटक के नजदीक रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। विजयनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शुरुआती जांच में मृतक की जेब से कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस ने आसपास के थानों और सोशल मीडिया के जरिए शिनाख्त के प्रयास किए। बाद में ग्राम प्रधान के माध्यम से पीलीभीत में संपर्क कर शव की फोटो भेजी गई, तब उसकी पहचान पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर खास निवासी भारत सिंह (30) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोट मिली, जिससे हत्या की आशंका गहराई।
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साइबर ठगी के मामले में बुलाया था दिल्ली
मृतक के पिता जगदीश सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा भारत सिंह पहले दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था, जो उसने करीब एक साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। 9 सितंबर की सुबह दिल्ली से सीबीसीआईडी की टीम उनके घर पहुंची थी। टीम ने करीब चार घंटे तक घर की तलाशी ली और भारत से उसके बैंक खातों, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो के बारे में पूछताछ की।
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पूछताछ में भारत ने बताया था कि वर्ष 2024 में उसके बचपन के दोस्त देवेश कुमार ने साझे में ऑनलाइन व्यापार करने का झांसा दिया था। इसके लिए देवेश ने उसके दस्तावेज लेकर उसके नाम से खाता खुलवाया था। जब टीम ने देवेश से पूछताछ की तो उसने खाता खुलवाने के लिए दस्तावेज किसी अन्य दोस्त को देने की बात कही। पिता के मुताबिक सीबीसीआईडी टीम ने दोनों पर लाखों रुपये की साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामले में खाता उपलब्ध कराने का आरोप लगाया था। दोनों को नोटिस देकर 16 सितंबर को दिल्ली स्थित सीबीसीआईडी कार्यालय में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।
बरेली से ट्रेन में हुए थे सवार, गाजियाबाद में दिया वारदात को अंजाम
जगदीश के अनुसार 15 सितंबर की रात भारत और देवेश बरेली से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली के लिए निकले थे। आरोप है कि गाजियाबाद पहुंचने पर देवेश ने ट्रेन में ही भारत के सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला कर उसे नीचे फेंक दिया। वारदात के बाद आरोपी ने परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की।
परिजनों को किया गुमराह, फिर बंद कर लिया फोन
पिता ने बताया कि 16 सितंबर की सुबह करीब सात बजे देवेश ने उनके मंझले बेटे को कॉल किया और कहा कि भारत गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतर गया है और ऑटो से दिल्ली जाने की बात कहकर चला गया है। इसके तुरंत बाद देवेश ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। करीब एक घंटे बाद ही विजयनगर पुलिस ने ग्राम प्रधान के मोबाइल फोन पर भारत के शव की फोटो भेजकर शिनाख्त करने को कहा। सूचना पर परिजन गाजियाबाद पहुंचे और शव की पहचान की।
परिजनों का कहना है कि भारत के सिर के पिछले हिस्से में गहरा घाव था, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर ट्रेन से गिरने जैसी रगड़ की चोटें थीं। इसी आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि उनका बेटा बेकसूर था और देवेश को अपनी गर्दन फंसती नजर आ रही थी, इसलिए उसने साजिश के तहत दोस्त को रास्ते से हटा दिया।
बचपन की दोस्ती, साथ किया था व्यापार का प्लान
पीड़ित पिता ने बताया कि देवेश और भारत की बचपन से गहरी दोस्ती थी। दोनों एक-दूसरे पर काफी विश्वास करते थे। नौकरी छोड़ने के बाद भारत ने देवेश के साथ मिलकर ऑनलाइन व्यापार करने की योजना बनाई थी। इसी भरोसे में उसने अपने दस्तावेज दे दिए थे, जिसका देवेश ने गलत इस्तेमाल किया। डीसीपी ने बताया कि आरोपी देवेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना में इस्तेमाल वस्तु और ट्रेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।