36 दिन पेट में रहा कपड़ा: ऑपरेशन के बाद महिला को रहने लगा बुखार और शरीर में दर्द, जांच कराई तो उड़ गए होश
परिजन महिला को एक निजी अस्पताल में ले गए तो वहां पर डॉक्टर ने दोबारा पेट खोलकर कपड़ा (लंप) निकाला। पुलिस आयुक्त और सीएमओ 17 जुलाई को शिकायत देकर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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सिजेरियन प्रसव के दौरान प्रसूता के पेट में कपड़ा छोड़ने का मामला सामने आया है। दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन कर पेट से कपड़ा निकालने के बाद महिला की हालत में सुधार है। इस प्रकरण की शिकायत महिला के पति ने सीएमओ और पुलिस आयुक्त से की है।
राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव निवासी चिराग कटारिया ने शिकायत में बताया है कि 6 जून 2025 को अशोक नगर स्थित निजी नर्सिंग होम में गर्भवती पत्नी दिव्या खुराना का सिजेरियन ऑपरेशन करवाया था। ऑपरेशन के बाद आठ जून 2025 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस दौरान यह बताया नहीं गया कि ऑपरेशन के दौरान एक सिस्ट निकाला गया था, जबकि इसके लिए बायोप्सी की फीस भी ली गई थी। उन्होंने बताया कि 13 जून से पत्नी को लगातार बुखार और शरीर में तेज दर्द महसूस हुआ। जांच कराने पर संक्रमण का स्तर बढ़ा पाया गया।
इसके बावजूद डॉक्टर ने रिपोर्ट पर कोई ध्यान नहीं दिया और केवल एंटीबायोटिक्स देते रहे। इससे उनकी पत्नी के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। 10 जुलाई को अल्ट्रासाउंड और 11 जुलाई को सीटी स्कैन जांच कराने पर पता चला कि पेट में कपड़ा छूट गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, अन्य अस्पताल भर्ती करने के लिए तैयार नहीं हुए। 11 जुलाई को ही वैशाली में एक निजी अस्पताल में ले गए तो वहां पर डॉक्टर ने दोबारा पेट खोलकर कपड़ा (लंप) निकाला। पुलिस आयुक्त और सीएमओ 17 जुलाई को शिकायत देकर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि शिकायत उनके पास आई है। जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।