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Ghaziabad News: 23 दिन बाद साथी संग गिरफ्तार हुआ फरार सूदखोर
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लोनी। कारोबारी चंचल अग्रवाल ने जिस सूदखोर से परेशान होकर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की थी, उसे पुलिस ने घटना के 23 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। सूदखोर का साथी भी गिरफ्तार हुआ है। घटना के बाद से आरोपी अपने ठिकाने बार-बार बदल रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि किन-किन लोगों ने उसको संरक्षण दिया है। इनके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी। सूदखोर के खिलाफ एक और कारोबारी ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसीपी अंकुर विहार रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि 30 जून को चंचल अग्रवाल निवासी बलराम नगर में फंदा लगाकर अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। चंचल ने मरने से पहले अपनी डायरी में तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने अपनी मौत का कारण सूदखोर जितेंद्र बंसल उर्फ जीतू को बताया था। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। जितेंद्र को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस ने उसके साले को भी गिरफ्तार किया था।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जितेंद्र लोनी दो नंबर पर किसी काम से चोरी छुपे आ रहा है। एसीपी ने बताया कि विजय कुमार जितेंद्र का दोस्त है। दोनों मिलकर ब्याज पर पैसे चलाने का कारोबार करते हैं। जिस दिन घटना घटी थी, उस दिन से ही दोनों दोस्त एक साथ फरार हुए थे। आरोपी दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में रह रहे थे।
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40 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे, दो करोड़ वसूले
चंचल ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि उन्होंने करीब चार साल पहले जितेंद्र से 40 लाख रुपये पांच फीसदी के ब्याज पर लिए थे। ब्याज लगाकर दो करोड़ वसूल किए थे। इसके अलावा चंचल का बंगला भी अपने नाम लिखवा लिया था। इन सबके बावजूद उस पर पर एक करोड़ रुपये और निकाल दिया था। इससे परेशान होकर चंचल अग्रवाल ने अपने घर पर फंदा लगा लिया था।
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एसीपी अंकुर विहार रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि 30 जून को चंचल अग्रवाल निवासी बलराम नगर में फंदा लगाकर अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। चंचल ने मरने से पहले अपनी डायरी में तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने अपनी मौत का कारण सूदखोर जितेंद्र बंसल उर्फ जीतू को बताया था। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। जितेंद्र को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस ने उसके साले को भी गिरफ्तार किया था।
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पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जितेंद्र लोनी दो नंबर पर किसी काम से चोरी छुपे आ रहा है। एसीपी ने बताया कि विजय कुमार जितेंद्र का दोस्त है। दोनों मिलकर ब्याज पर पैसे चलाने का कारोबार करते हैं। जिस दिन घटना घटी थी, उस दिन से ही दोनों दोस्त एक साथ फरार हुए थे। आरोपी दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में रह रहे थे।
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40 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे, दो करोड़ वसूले
चंचल ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि उन्होंने करीब चार साल पहले जितेंद्र से 40 लाख रुपये पांच फीसदी के ब्याज पर लिए थे। ब्याज लगाकर दो करोड़ वसूल किए थे। इसके अलावा चंचल का बंगला भी अपने नाम लिखवा लिया था। इन सबके बावजूद उस पर पर एक करोड़ रुपये और निकाल दिया था। इससे परेशान होकर चंचल अग्रवाल ने अपने घर पर फंदा लगा लिया था।